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प्रशिक्षण संस्थानों को सहायता (ATI) योजना

संक्षिप्त जानकारी

प्रशिक्षण संस्थानों को सहायता (ATI) योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की एक योजना है जिसके तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को उद्यमिता व कौशल विकास ढांचे के लिए पूंजीगत अनुदान दिया जाता है, जिसमें राज्य उद्यमिता विकास संस्थान (EDI) प्रति मामला 3 करोड़ रुपये तक पाने के पात्र हैं। संस्थान मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर आवेदन करते हैं; व्यक्ति सीधे आवेदन नहीं कर सकते।

Benefit
प्रशिक्षण ढांचे के लिए पूंजीगत अनुदान; प्रति राज्य EDI 3 करोड़ रुपये तक
Maximum benefit
Rs 3 crore per state-level EDI
How to apply
Institutional proposal to the Ministry of MSME (no individual application)
Helpline
1800-180-6763

प्रशिक्षण संस्थानों को सहायता (ATI) योजना क्या है?

प्रशिक्षण संस्थानों को सहायता (ATI) योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जो भारत की MSME कौशल-प्रणाली के पीछे के प्रशिक्षण ढांचे को वित्त-पोषित करती है। यह योजना व्यक्तियों को सीधे पैसा नहीं देती। यह संस्थानों को पूंजीगत अनुदान देती है ताकि वे कक्षाएं, कार्यशालाएं, छात्रावास और प्रयोगशालाएं बना सकें, और उद्यमिता व कौशल विकास कार्यक्रम चला सकें।

MSME मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, ATI योजना का उद्देश्य कौशल विकास और उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण क्षमता को मजबूत करना, MSME से जुड़े मुद्दों पर अनुसंधान व अध्ययन में सहायता देना, और जिला उद्योग केंद्रों तथा अन्य सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है जो MSME क्षेत्र से जुड़े हैं।

मुख्य उद्देश्य

  • MSME प्रशिक्षण संस्थानों में भौतिक प्रशिक्षण ढांचा बनाना और मजबूत करना।
  • उन संस्थानों द्वारा चलाए जाने वाले उद्यमिता विकास व कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहायता देना।
  • राज्य-स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थानों में क्षमता निर्माण करना ताकि प्रशिक्षण राष्ट्रीय संस्थानों से आगे तक पहुंचे।
  • जिला उद्योग केंद्रों और MSME संवर्धन में जुटी अन्य सरकारी संस्थाओं के अधिकारियों को प्रशिक्षित करना।

मुख्य विशेषताएं

  • भारत सरकार द्वारा MSME मंत्रालय के माध्यम से वित्त-पोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना।
  • सहायता बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत अनुदान के रूप में दी जाती है, साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए सहायता भी दी जाती है।
  • मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय-स्तरीय संस्थानों को स्वीकृत परियोजना लागत के आधार पर अनुदान मिलता है; राज्य EDI प्रति मामला 3 करोड़ रुपये तक सीमित हैं
  • अनुदान से बनाई गई संपत्तियां लॉक होती हैं, इन्हें मंत्रालय की लिखित अनुमति के बिना बेचा, पट्टे पर दिया या गिरवी नहीं रखा जा सकता।

ATI योजना के लिए कौन पात्र है?

ये संस्थान पात्र हैं:

  • MSME मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले राष्ट्रीय-स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान (NI-MSME), खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), कॉयर बोर्ड, MSME टेक्नोलॉजी सेंटर (पूर्व में टूल रूम), राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान (MGIRI)।
  • राज्य-स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDI) जो किसी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के स्वामित्व व नियंत्रण में हैं।

कौन आवेदन नहीं कर सकता:

  • व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकते। ATI योजना के तहत किसी नागरिक, छात्र या उद्यमी के लिए कोई व्यक्तिगत अनुदान, वजीफा या ऋण घटक नहीं है।
  • संशोधित ATI दिशानिर्देशों के तहत निजी प्रशिक्षण संस्थान और NGO बुनियादी ढांचा सहायता या प्रशिक्षण कार्यक्रम सहायता के लिए पात्र नहीं हैं
  • वे निजी रूप से प्रवर्तित EDI जो किसी राज्य सरकार के स्वामित्व व नियंत्रण में नहीं हैं, राज्य EDI अनुदान के लिए पात्र नहीं हैं।
  • जिन संस्थानों ने पहले मिले अनुदान के लिए ऑडिट किए गए खाते या उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा नहीं किए हैं, वे इन्हें पूरा किए बिना नई राशि के लिए पात्र नहीं हैं।

यह इस योजना के बारे में सबसे अधिक गलत समझा जाने वाला बिंदु है। यदि आप MSME मंत्रालय से व्यक्तिगत कौशल वजीफे की तलाश में हैं, तो सही रास्ता इन संस्थानों में चलाए जाने वाले उद्यमिता और कौशल विकास कार्यक्रम हैं, न कि ATI आवेदन।

ATI योजना के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

दस्तावेज़ अनिवार्य नोट्स
विस्तृत परियोजना प्रस्ताव हां बनाया जाने वाला ढांचा, लागत अनुमान, समय-सीमा
सरकारी स्वामित्व/नियंत्रण का प्रमाण हां 3 करोड़ रुपये की सीमा का दावा करने वाले राज्य EDI के लिए
ऑडिट किए गए वार्षिक खाते हां सहायता मिलने के बाद कम-से-कम पांच साल तक हर साल जरूरी
भूमि और भवन के दस्तावेज़ नहीं जहां निर्माण या विस्तार प्रस्तावित हो
प्रशिक्षण कार्यक्रम कैलेंडर नहीं जहां बुनियादी ढांचे की बजाय कार्यक्रम सहायता मांगी जाए

ATI योजना के लिए आवेदन कैसे करें (ATI scheme apply kaise kare)

ATI का रास्ता संस्थागत है। कोई पात्र प्रशिक्षण संस्थान, न कि कोई नागरिक, यह प्रक्रिया शुरू करता है।

  1. सुनिश्चित करें कि आवेदक संस्थान किसी पात्र श्रेणी में आता है — MSME मंत्रालय के अंतर्गत एक राष्ट्रीय संस्थान, या किसी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के स्वामित्व व नियंत्रण वाला राज्य EDI।
  2. बनाए या मजबूत किए जाने वाले ढांचे, इससे संभव होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों, लागत अनुमान और कार्यान्वयन कार्यक्रम को बताते हुए एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार करें।
  3. जहां आवेदक एक राज्य-स्तरीय EDI है, वहां प्रस्ताव को नियंत्रक राज्य सरकार विभाग से अनुशंसित कराएं।
  4. प्रस्ताव को ऑडिट किए गए खातों और सहायक दस्तावेज़ों के साथ निदेशक/उप सचिव (EDI), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, उद्योग भवन, रफी मार्ग, नई दिल्ली 110011 को जमा करें।
  5. मंत्रालय की मूल्यांकन संबंधी पूछताछ का जवाब दें; मंज़ूरी से पहले प्रस्ताव की जांच योजना की सीमाओं के हिसाब से की जाती है।
  6. मंज़ूरी मिलने पर परियोजना को क्रियान्वित करें, संपत्ति रजिस्टर बनाए रखें, और कम-से-कम पांच साल तक हर साल उपयोगिता प्रमाण-पत्र और ऑडिट की गई वार्षिक रिपोर्ट जमा करें।

मंत्रालय योजना दिशानिर्देश, फॉर्मैट और रिपोर्टिंग जानकारी वाला एक समर्पित ATI पोर्टल ati.msme.gov.in पर रखता है।

किसी व्यक्ति को ATI योजना से लाभ कैसे मिलता है?

किसी व्यक्ति को ATI योजना से अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। यह योजना उन इमारतों, कार्यशालाओं और उपकरणों के लिए भुगतान करती है जहां उद्यमिता जागरूकता, कौशल विकास और प्रबंधन विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं। प्रशिक्षण चाहने वाले उम्मीदवार को सीधे संस्थान से संपर्क करना चाहिए — किसी MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, हैदराबाद स्थित NI-MSME, या राज्य के उद्यमिता विकास संस्थान से — और वहां उपलब्ध पाठ्यक्रम में दाखिला लेना चाहिए।

शुल्क, वजीफे और पाठ्यक्रम की अवधि हर कार्यक्रम द्वारा तय की जाती है, न कि ATI योजना द्वारा। SC, ST, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए चलाए जाने वाले कई उद्यमिता व कौशल कार्यक्रम बिना किसी शुल्क के चलाए जाते हैं।

ATI योजना कितनी सहायता देती है?

MSME मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत सहायता दो तरीकों से दी जाती है। मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय-स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों को बुनियादी ढांचा बनाने और मजबूत करने के लिए पूंजीगत अनुदान मिलता है, जिसका आकलन स्वीकृत परियोजना लागत के आधार पर होता है। राज्य-स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थानों को प्रति मामला 3 करोड़ रुपये तक सीमित अनुदान मिलता है।

उद्यमिता विकास और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए सहायता योजना दिशानिर्देशों में तय दरों पर, वास्तव में चलाए गए और रिपोर्ट किए गए कार्यक्रमों के आधार पर जारी की जाती है।

मंज़ूरी के बाद कौन-सी शर्तें लागू होती हैं?

हर ATI अनुदान के साथ दो दायित्व जुड़े होते हैं और आवेदन करने से पहले इन्हें पढ़ना जरूरी है।

  • सहायता प्राप्त संस्थान ATI सहायता से बनाई गई संपत्तियों को MSME मंत्रालय की लिखित अनुमति के बिना न तो बेच सकता है, न पट्टे पर दे सकता है और न ही उन पर कोई दायित्व बना सकता है
  • सहायता प्राप्त संस्थान को हर साल अपने खातों का ऑडिट कराना होगा और सहायता मिलने के बाद कम-से-कम पांच साल तक मंत्रालय को वित्तीय विवरणों सहित वार्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।

इनमें से किसी भी शर्त का पालन न करने पर आगे की राशि रुक सकती है और अनुदान की वसूली भी हो सकती है।

ATI योजना के लिए सहायता और संपर्क

  • योजना पोर्टल: ati.msme.gov.in
  • MSME मंत्रालय: msme.gov.in, उद्योग भवन, रफी मार्ग, नई दिल्ली 110011
  • MSME/उद्यम हेल्पलाइन: 1800-180-6763
  • प्रस्ताव भेजने का पता: निदेशक/उप सचिव (EDI), MSME मंत्रालय

ATI प्रस्ताव दाखिल करने के लिए किसी भी एजेंट को कोई शुल्क नहीं देना है। प्रस्ताव सीधे संस्थान द्वारा मंत्रालय को जमा किए जाते हैं।

आवश्यक दस्तावेज़

Detailed project proposal
Submitted by the training institution, covering infrastructure to be created and cost estimates.
Proof of government ownership or control
State EDIs must show they are owned and controlled by a State Government or UT administration.
Audited annual accounts
Assisted institutions must submit audited accounts and annual reports for at least five years after receiving assistance.
Land and building documentsoptional
Required where the grant is sought for construction or expansion of training infrastructure.
Training programme calendaroptional
Needed when assistance is sought for entrepreneurship and skill development programmes rather than infrastructure.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कोई व्यक्ति ATI योजना के लिए आवेदन कर सकता है?

नहीं, कोई व्यक्ति ATI योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकता। प्रशिक्षण संस्थानों को सहायता एक संस्थागत अनुदान है, व्यक्तिगत लाभ नहीं। व्यक्तियों को इसका लाभ अप्रत्यक्ष रूप से मिलता है, सहायता प्राप्त संस्थानों में चलाए जाने वाले उद्यमिता और कौशल विकास पाठ्यक्रमों में भाग लेकर।

ATI योजना के तहत कौन-से संस्थान पात्र हैं?

MSME मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थान — NI-MSME, KVIC, कॉयर बोर्ड, MSME टेक्नोलॉजी सेंटर (टूल रूम), NSIC और MGIRI — तथा राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के स्वामित्व और नियंत्रण वाले राज्य-स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थान पात्र हैं।

ATI योजना किसी राज्य EDI को कितनी राशि देती है?

MSME मंत्रालय के अनुसार, एक राज्य-स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थान प्रत्येक मामले में 3 करोड़ रुपये तक प्राप्त कर सकता है। मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय-स्तरीय संस्थानों को वास्तविक स्वीकृत परियोजना लागत के आधार पर पूंजीगत अनुदान मिलता है।

क्या निजी प्रशिक्षण संस्थान या NGO ATI के तहत पात्र हैं?

नहीं, ATI योजना के तहत बुनियादी ढांचा सहायता के लिए निजी प्रशिक्षण संस्थान और NGO पात्र नहीं हैं। संशोधित दिशानिर्देश बुनियादी ढांचा सहायता को MSME मंत्रालय के अंतर्गत संस्थानों और राज्य-सरकार-स्वामित्व वाले EDI तक सीमित रखते हैं।

कोई संस्थान ATI प्रस्ताव कहां भेजे?

प्रस्ताव निदेशक/उप सचिव (EDI), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, उद्योग भवन, रफी मार्ग, नई दिल्ली 110011 को भेजे जाते हैं। मंत्रालय योजना की जानकारी और रिपोर्टिंग के लिए ati.msme.gov.in पर एक समर्पित पोर्टल भी चलाता है।

ATI अनुदान मिलने के बाद कौन-सी शर्तें लागू होती हैं?

सहायता प्राप्त संस्थान ATI फंड से बनाई गई संपत्तियों को मंत्रालय की लिखित अनुमति के बिना न तो बेच सकता है, न पट्टे पर दे सकता है और न ही उन पर कोई दायित्व बना सकता है। उसे हर साल अपने खातों का ऑडिट कराना होगा और सहायता मिलने के बाद कम-से-कम पांच साल तक मंत्रालय को वित्तीय विवरणों सहित वार्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।

क्या ATI-सहायता प्राप्त संस्थानों में प्रशिक्षण उम्मीदवारों के लिए मुफ्त होता है?

शुल्क स्वयं ATI योजना पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कार्यक्रम पर निर्भर करता है। ATI संस्थान के बुनियादी ढांचे और कार्यक्रम की लागत को वित्त-पोषित करता है; प्रशिक्षण संस्थान अपने पाठ्यक्रम-स्तर के शुल्क व वजीफे की शर्तें प्रकाशित करता है, और कमजोर वर्गों के लिए कई उद्यमिता कार्यक्रम मुफ्त चलाए जाते हैं।

ATI के तहत बना कोई कोर्स करने के लिए कहां संपर्क करें और आवेदन कैसे करें?

किसी व्यक्तिगत प्रशिक्षण के लिए ATI को सीधे आवेदन करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय नज़दीकी MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, हैदराबाद स्थित NI-MSME, या अपने राज्य के उद्यमिता विकास संस्थान (EDI) से संपर्क करें, वहां प्रकाशित कार्यक्रम कैलेंडर देखें और सीधे उस संस्थान में पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कराएं।

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लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 31 जुलाई 2026