कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम (CFPGS)
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम संस्कृति मंत्रालय की एक योजना है जो पंजीकृत सांस्कृतिक संगठनों को सेमिनार, महोत्सव, कार्यशाला आयोजित करने और नृत्य, नाटक व संगीत की प्रस्तुति के लिए अनुदान देती है। सहायता सामान्यतः प्रति आयोजन लगभग Rs 5 लाख तक सीमित होती है, राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों के लिए अधिक राशि स्वीकृत की जा सकती है, और आवेदन मंत्रालय के पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है।
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम क्या है?
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम (CFPGS) भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक योजना है, जो पंजीकृत सांस्कृतिक संगठनों को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और प्रदर्शन कला निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देती है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, यह योजना सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशाला, महोत्सव, प्रदर्शनी और नृत्य, नाटक, थिएटर व संगीत की प्रस्तुति या मंचन को सहयोग देती है, जिनका वास्तविक सांस्कृतिक उद्देश्य हो।
CFPGS किसी आयोजन के लिए संगठन को दिया जाने वाला अनुदान है, व्यक्तिगत लाभ नहीं। यह राशि स्वीकृत गतिविधि के आयोजन की लागत वहन करने के लिए आवेदक निकाय के बैंक खाते में जारी की जाती है। यह मंत्रालय की कई संस्कृति-क्षेत्र अनुदान योजनाओं में से एक है, और इसका सीधा लक्ष्य स्वैच्छिक संगठनों को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने में मदद देकर भारत के सांस्कृतिक और प्रदर्शन कला परितंत्र को मज़बूत करना है, जो वे अन्यथा वहन नहीं कर पाते।
योजना क्या सहयोग देती है
- सांस्कृतिक विषयों पर सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशाला।
- कला और संस्कृति के महोत्सव और प्रदर्शनी।
- नृत्य, नाटक, थिएटर और संगीत का निर्माण व मंचन।
- सांस्कृतिक स्वरूपों का दस्तावेज़ीकरण, प्रचार या पुनरुद्धार करने वाले आयोजन।
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम के लिए कौन पात्र है?
संगठन आवेदन कर सकता है यदि:
- यह एक पंजीकृत गैर-लाभकारी निकाय है, सोसाइटी, ट्रस्ट या समान पंजीकृत संगठन, जिसकी कानूनी स्थिति है और सामान्यतः सांस्कृतिक गतिविधि का रिकॉर्ड है।
- यह स्पष्ट उद्देश्य, तारीखों, स्थल और बजट के साथ एक विशिष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रम या प्रस्तुति का प्रस्ताव देता है।
- यह उचित लेखा-जोखा रखता है और ऑडिटेड विवरण या वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है।
- अनुदान प्राप्त करने के लिए संगठन के नाम पर बैंक खाता है।
कौन आवेदन नहीं कर सकता: यह योजना व्यक्तिगत आय चाहने वाले व्यक्ति के लिए नहीं बनाई गई है। व्यक्तिगत वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करने वाला कोई अकेला कलाकार, छात्र या आम व्यक्ति सामान्यतः इस अनुदान के तहत पात्र नहीं है; संस्कृति मंत्रालय व्यक्तिगत सहायता के लिए अलग योजनाएं चलाता है — युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति, फेलोशिप और कलाकार पेंशन/कल्याण योजनाएं। टिकटेड कमर्शियल शो पर सब्सिडी चाहने वाली कमर्शियल, लाभ-उद्देश्य वाली इवेंट कंपनियां भी योजना के इरादे से बाहर हैं।
चूंकि पात्रता की बारीकियां — जैसे संगठन को पंजीकृत और सक्रिय रहने की न्यूनतम अवधि — योजना दिशानिर्देशों में तय होती हैं और संशोधित हो सकती हैं, आवेदक को आवेदन से पहले संस्कृति मंत्रालय पोर्टल पर मौजूदा CFPGS दिशानिर्देश पढ़ने चाहिए।
कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | नोट्स |
|---|---|---|
| पंजीकरण प्रमाणपत्र | हां | संगठन का सोसाइटी/ट्रस्ट/सेक्शन 8 पंजीकरण |
| आयोजन प्रस्ताव | हां | प्रकृति, तारीखें, स्थल, कलाकार और उद्देश्य |
| मदवार बजट | हां | मांगे गए अनुदान सहित खर्च का विवरण |
| ऑडिटेड लेखा/वार्षिक रिपोर्ट | हां | सांस्कृतिक ट्रैक रिकॉर्ड का प्रमाण |
| संगठन का बैंक खाता विवरण | हां | अनुदान संगठन के खाते में जमा होता है |
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम के लिए आवेदन कैसे करें (online apply kaise kare)
- संस्कृति मंत्रालय पोर्टल (indiaculture.gov.in) खोलें और इसकी अनुदान योजनाओं में कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम ढूंढें।
- मंत्रालय के ऑनलाइन ग्रांट सिस्टम पर संगठन को पंजीकृत करें और लॉगिन करें।
- संगठन के पंजीकरण विवरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम या प्रस्तुति के पूरे प्रस्ताव के साथ ऑनलाइन आवेदन भरें; उद्देश्य, तारीखें, स्थल, भाग लेने वाले कलाकार और अपेक्षित पहुंच।
- मदवार बजट, ऑडिटेड लेखा/वार्षिक रिपोर्ट, और संगठन के बैंक खाता विवरण संलग्न करें।
- आयोजन की तारीख से काफी पहले आवेदन जमा करें ताकि मंत्रालय को मूल्यांकन और स्वीकृति का समय मिल सके।
- मूल्यांकन के दौरान मांगी गई किसी भी स्पष्टता का जवाब दें; स्वीकृति पर, अनुदान संगठन के खाते में जारी किया जाता है और स्वीकृति की शर्तों के अनुसार इसका उपयोग व हिसाब रखा जाना चाहिए।
योजना कितना देती है?
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम सामान्यतः किसी आयोजन को Rs 5 लाख के आसपास की सीमा तक सहायता देती है, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजनों के लिए मंत्रालय की विशेष स्वीकृति से अधिक राशि संभव है। चूंकि ये सीमाएं योजना दिशानिर्देशों में तय होती हैं और समय-समय पर संशोधित होती हैं, सटीक वर्तमान सीमा की पुष्टि संस्कृति मंत्रालय पोर्टल पर लाइव CFPGS दिशानिर्देश दस्तावेज़ से करें, न कि मान लें। यह अनुदान स्वीकृत आयोजन और उसके स्वीकृत बजट से जुड़ा प्रतिपूर्ति-शैली का समर्थन है; यह कोई एकमुश्त या नियमित भुगतान नहीं है।
सहायता और सत्यापन के लिए कहां जाएं
- आधिकारिक पोर्टल: indiaculture.gov.in, मंत्रालय की अनुदान योजनाओं के अंतर्गत।
- योजना कोई समर्पित नागरिक हेल्पलाइन नहीं चलाती; प्रश्न संस्कृति मंत्रालय पोर्टल के संपर्क व शिकायत चैनल से जाते हैं।
चूंकि राशि और पात्रता शर्तें मंत्रालय द्वारा समय-समय पर संशोधित होती हैं, प्रस्ताव जमा करने से पहले सीमा, आवश्यक पंजीकरण अवधि और दस्तावेज़ सूची के लिए आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा CFPGS दिशानिर्देशों को ही प्रामाणिक स्रोत मानें।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
पंजीकृत गैर-लाभकारी सांस्कृतिक संगठन — सोसाइटी, ट्रस्ट और समान पंजीकृत निकाय, जिनका सांस्कृतिक कार्य का रिकॉर्ड हो — सेमिनार, महोत्सव, कार्यशाला, प्रदर्शनी और नृत्य, नाटक व संगीत की प्रस्तुति के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुदान आयोजन के लिए संगठन को जाता है, व्यक्तिगत आय के रूप में किसी व्यक्ति को नहीं।
योजना कितना अनुदान देती है?
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम सामान्यतः किसी आयोजन को लगभग Rs 5 लाख की सीमा तक सहायता देती है, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजनों के लिए संस्कृति मंत्रालय की विशेष स्वीकृति से अधिक राशि संभव है। आवेदन से पहले वर्तमान सीमा योजना दिशानिर्देशों में पुष्टि करें।
क्या कोई व्यक्तिगत कलाकार इस अनुदान के लिए आवेदन कर सकता है?
यह योजना मुख्यतः पंजीकृत सांस्कृतिक संगठनों के लिए है जो आयोजन करते हैं। व्यक्तिगत सहायता चाहने वाले कलाकारों को संस्कृति मंत्रालय की अलग योजनाएं देखनी चाहिए, जैसे छात्रवृत्ति और फेलोशिप योजनाएं — वे इस अनुदान से अलग हैं।
किस तरह की गतिविधियों को फंड मिलता है?
सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशाला, महोत्सव, प्रदर्शनी, और नृत्य, नाटक, थिएटर व संगीत की प्रस्तुति या मंचन — सामान्यतः फंड होने वाली गतिविधियां हैं, बशर्ते उनका स्पष्ट सांस्कृतिक उद्देश्य हो और पात्र निकाय द्वारा आयोजित की जाएं।
यह योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत चलती है?
कल्चरल फंक्शन एंड प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है, जो स्वीकृति के बाद आवेदक संगठन के बैंक खाते में अनुदान जारी करता है।
आवेदन कैसे किया जाता है?
आवेदन संस्कृति मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है, जहां संगठन अपना पंजीकरण, आयोजन प्रस्ताव, बजट और सहायक दस्तावेज़ जमा करता है। कोई नकद काउंटर या एजेंट नहीं है — सीधे आवेदन करें।
आवेदन कब जमा करना चाहिए?
आवेदन आयोजन से काफी पहले जमा किया जाना चाहिए ताकि मंत्रालय समय पर मूल्यांकन और स्वीकृति दे सके। आयोजन हो जाने के बाद आवेदन करना उद्देश्य को विफल कर देता है, इसलिए प्रस्ताव को मंत्रालय के प्रोसेसिंग समय के अनुसार योजना बनाएं।
अनुदान का स्टेटस कैसे चेक करें?
चूंकि इस योजना का कोई एक केंद्रीकृत सार्वजनिक ट्रैकिंग डैशबोर्ड नहीं है, जमा किए गए आवेदन का स्टेटस संस्कृति मंत्रालय के पोर्टल indiaculture.gov.in पर अपने लॉगिन से या पोर्टल के संपर्क/शिकायत चैनल से पूछकर जानें।
CFPGS grant ke liye online apply kaise kare?
संस्कृति मंत्रालय के पोर्टल indiaculture.gov.in पर संगठन को पंजीकृत करें, फिर आयोजन प्रस्ताव, मदवार बजट और सहायक दस्तावेज़ के साथ ऑनलाइन आवेदन जमा करें।
CFPGS grant ka status kaise check kare?
चूंकि इस योजना का कोई केंद्रीकृत सार्वजनिक ट्रैकिंग डैशबोर्ड नहीं है, जमा किए गए आवेदन का स्टेटस indiaculture.gov.in पर अपने लॉगिन से या पोर्टल के संपर्क/शिकायत चैनल से पूछकर जानें।
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