Scheme Kosh

पेयर्ड अर्ली करियर फेलोशिप इन एप्लाइड रिसर्च (PECFAR)

संक्षिप्त जानकारी

पेयर्ड अर्ली करियर फेलोशिप इन एप्लाइड रिसर्च (PECFAR) एक साथ आवेदन करने वाले भारतीय और जर्मन शुरुआती-करियर शोधकर्ताओं की जोड़ी के लिए 1 से 2 महीने की छोटी आदान-प्रदान यात्राओं को फंड करती है। इसे भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और जर्मनी के शोध मंत्रालय द्वारा स्थापित इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (IGSTC) चलाता है। जोड़ी टीमें IGSTC पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करती हैं।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: Not published — contact IGSTC via igstc.org
Benefit
जोड़ी बने एक भारतीय और एक जर्मन शोधकर्ता के लिए 1-2 महीने की फंडेड छोटी शोध यात्रा
Maximum benefit
Short-visit fellowship (monthly living support, travel and insurance)
How to apply
Online through the IGSTC portal (as a paired application)
Helpline
Not published — contact IGSTC via igstc.org

पेयर्ड अर्ली करियर फेलोशिप इन एप्लाइड रिसर्च (PECFAR) क्या है?

पेयर्ड अर्ली करियर फेलोशिप इन एप्लाइड रिसर्च (PECFAR) एक द्विपक्षीय मोबिलिटी फेलोशिप है जो भारत और जर्मनी के बीच आने-जाने वाले युवा शोधकर्ताओं के लिए छोटी आदान-प्रदान यात्राओं को फंड करती है। इसे इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (IGSTC) चलाता है, जो भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और जर्मनी के संघीय शिक्षा एवं शोध मंत्रालय की संयुक्त पहल है, और भारतीय ओर यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आता है।

IGSTC के अनुसार, PECFAR का उद्देश्य नेटवर्किंग और भविष्य के सहयोग के रास्ते तलाशने के लिए छोटी यात्राओं के जरिए भारतीय और जर्मन शुरुआती-करियर शोधकर्ताओं का दो-तरफा आदान-प्रदान आसान बनाना है। योजना की खास बात यह है कि शोधकर्ता जोड़ी में आवेदन करते हैं: एक भारत से और एक जर्मनी से; व्यक्तिगत रूप से नहीं, ताकि यह यात्रा शुरू से ही एक असली सीमापार साझेदारी बनाए।

मुख्य विशेषताएं

  • लगभग 1 से 2 महीने की छोटी शोध यात्राओं का समर्थन।
  • भारत और जर्मनी दोनों के शुरुआती-करियर शोधकर्ताओं के लिए खुली।
  • जोड़ी आवेदन आवश्यक: एक भारतीय और एक जर्मन शोधकर्ता।
  • लागू शोध और सहयोगी संबंध बनाने पर केंद्रित।
  • IGSTC, इंडो-जर्मन द्विपक्षीय विज्ञान निकाय, द्वारा प्रशासित।

चूंकि यह सीमित प्रकाशित विवरण वाली एक विशिष्ट द्विपक्षीय योजना है, सटीक जीवन भत्ता, यात्रा और बीमा राशि हर खुली कॉल में तय की जाती है। आवेदकों को मौजूदा आंकड़ों के लिए द्वितीयक सारांशों के बजाय IGSTC कॉल दस्तावेज़ को आधिकारिक स्रोत मानना चाहिए।

PECFAR के लिए कौन पात्र है?

आप आवेदन कर सकते हैं यदि:

  • आप IGSTC द्वारा परिभाषित शुरुआती-करियर शोधकर्ता हैं (आमतौर पर PhD के बाद स्वतंत्र करियर के शुरुआती वर्षों में शोधकर्ता)।
  • आपके पास दूसरे देश में एक समकक्ष है — भारतीय आवेदक जर्मन आवेदक के साथ जोड़ी बनाता है और इसका उल्टा भी।
  • जिस देश जाना है वहां आपके पास आपको स्वीकार करने वाला मेजबान संस्थान है।
  • आपका काम कॉल के लागू-शोध फोकस के भीतर आता है।

आप आवेदन नहीं कर सकते यदि:

  • आप अकेले आवेदन करना चाहते हैं; PECFAR एक जोड़ी फेलोशिप है, इसलिए किसी भी ओर से अकेला आवेदन पात्र नहीं है।
  • आप IGSTC द्वारा परिभाषित शुरुआती-करियर विंडो के बाहर हैं।
  • आपके पास जिस देश जाना है वहां पक्का मेजबान नहीं है।
  • आप भारत या जर्मनी के किसी संस्थान से संबद्ध नहीं हैं। यह योजना दोनों देशों के बीच सख्ती से द्विपक्षीय है।

यह कोई ऐसी योजना नहीं जिसमें कोई छात्र या आम जनता व्यक्तिगत लाभ के लिए आवेदन करे; यह संस्थान-आधारित शुरुआती-करियर शोधकर्ताओं के लिए एक पेशेवर शोध-मोबिलिटी फेलोशिप है।

PECFAR के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

दस्तावेज़ अनिवार्य नोट्स
दोनों शोधकर्ताओं का CV हां भारतीय और जर्मन आवेदकों की प्रोफाइल
संयुक्त गतिविधि / सहयोग योजना हां यात्रा से क्या हासिल होगा
मेजबान संस्थान की सहमति हां जिस संस्थान जाना है उसकी सहमति
शुरुआती-करियर स्थिति का प्रमाण हां PhD/योग्यता और पात्रता का सबूत

PECFAR के लिए आवेदन कैसे करें (PECFAR apply kaise kare)

  1. खुली PECFAR कॉल के लिए IGSTC वेबसाइट (igstc.org) देखते रहें और कॉल दस्तावेज़ में पात्रता, लाभ और समयसीमा पूरी तरह पढ़ें।
  2. दूसरे देश में अपना जोड़ी साझेदार पहचानें, भारतीय आवेदक के लिए जर्मनी में और जर्मन आवेदक के लिए भारत में शुरुआती-करियर शोधकर्ता।
  3. यात्रा के दौरान की जाने वाली नेटवर्किंग और सहयोग बताते हुए संयुक्त गतिविधि योजना पर सहमति बनाएं।
  4. जिस देश जाना है वहां मेजबान-संस्थान की सहमति प्राप्त करें।
  5. कॉल विंडो के भीतर IGSTC पोर्टल पर संयुक्त ऑनलाइन आवेदन जमा करें, दोनों CV और योजना अपलोड करते हुए।
  6. चयनित होने पर, आदान-प्रदान यात्रा शुरू करने से पहले IGSTC द्वारा बताई गई अनुदान और यात्रा औपचारिकताएं पूरी करें।

PECFAR क्या कवर करती है?

PECFAR एक मोबिलिटी फेलोशिप है, इसलिए इसकी सहायता किसी परियोजना अनुदान के बजाय छोटी शोध यात्रा की लागत के इर्द-गिर्द बनी होती है। सामान्य तौर पर, ऐसी IGSTC आदान-प्रदान फेलोशिप में यात्रा करने वाले शोधकर्ता की रहने के दौरान की रहने की लागत, भारत और जर्मनी के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्रा, और वीज़ा व यात्रा बीमा जैसी संबंधित चीज़ें शामिल होती हैं। इसका मकसद पहली आदान-प्रदान यात्रा में आने वाली वित्तीय बाधा हटाना है, ताकि जोड़ी बने शोधकर्ता मिल सकें, साथ काम कर सकें और बाद में किसी बड़े सहयोग या संयुक्त प्रस्ताव की नींव रख सकें।

PECFAR नहीं है — वेतन, डिग्री छात्रवृत्ति या लंबी अवधि का शोध अनुदान। यात्रा छोटी होती है, एक से दो महीने, और नेटवर्किंग व सहयोग तलाशने पर केंद्रित परिणाम की होती है। किसी पूर्ण संयुक्त परियोजना में आगे बढ़ना IGSTC के बड़े द्विपक्षीय कार्यक्रमों के जरिए होगा, जिसके लिए सफल PECFAR यात्रा एक कदम बन सकती है। चूंकि सटीक जीवन भत्ता, यात्रा और बीमा राशि हर कॉल में तय होती है, आवेदकों को द्वितीयक सारांशों पर भरोसा करने की बजाय सटीक आंकड़ों के लिए लाइव IGSTC कॉल दस्तावेज़ पढ़ना चाहिए।

मदद और संपर्क

  • संचालक निकाय: इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (IGSTC)
  • पोर्टल: igstc.org

IGSTC PECFAR के लिए कोई सार्वजनिक हेल्पलाइन प्रकाशित नहीं करता; प्रश्न IGSTC वेबसाइट पर दिए गए संपर्क विवरण और विशेष कॉल सूचना के जरिए संभाले जाते हैं। चूंकि PECFAR एक छोटी, समय-समय पर चलने वाली द्विपक्षीय योजना है, आवेदन से पहले हमेशा मौजूदा लाभ राशि, शुरुआती-करियर परिभाषा और समयसीमा की पुष्टि लाइव IGSTC कॉल से करें।

आवश्यक दस्तावेज़

CVs of both paired researchers
Academic and research profile of the Indian and the German applicant.
Joint activity/collaboration plan
Description of the networking or collaboration to be explored during the visit.
Host institution consent
Agreement of the host institution in the visited country to receive the researcher.
Proof of early-career status
Evidence of PhD/qualification and eligibility as an early-career researcher.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PECFAR क्या है?

PECFAR यानी पेयर्ड अर्ली करियर फेलोशिप इन एप्लाइड रिसर्च, एक ऐसी योजना है जो भारत और जर्मनी के शुरुआती-करियर शोधकर्ताओं के लिए दो महीने तक की छोटी आदान-प्रदान यात्राओं को फंड करती है। इसका उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को नेटवर्क बनाने और लागू शोध में भविष्य के सहयोग के रास्ते तलाशने में मदद करना है।

PECFAR किसकी देखरेख में चलती है?

PECFAR का संचालन इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (IGSTC) करता है, जो भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और जर्मनी के संघीय शिक्षा एवं शोध मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक द्विपक्षीय निकाय है। भारतीय ओर यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आता है।

PECFAR के लिए कौन पात्र है?

PECFAR भारत और जर्मनी के शुरुआती-करियर शोधकर्ताओं के लिए है जो जोड़ी बनाकर आवेदन करते हैं — एक भारतीय और एक जर्मन शोधकर्ता एक साथ। आवेदकों को जिस देश जाना है वहां एक मेजबान संस्थान होना चाहिए और IGSTC द्वारा तय शुरुआती-करियर परिभाषा के भीतर होना चाहिए। यह अकेले आवेदन करने वालों के लिए खुली नहीं है।

PECFAR यात्रा कितनी लंबी होती है?

PECFAR आदान-प्रदान यात्रा छोटी होती है — लगभग एक महीने से दो महीने तक। यह नेटवर्किंग और सहयोग तलाशने के लिए बनाई गई है, न कि पूर्ण-लंबाई की शोध परियोजना या डिग्री के लिए।

क्या भारतीय शोधकर्ता बिना जर्मन साझेदार के PECFAR के लिए आवेदन कर सकता है?

नहीं। PECFAR डिज़ाइन से ही जोड़ी फेलोशिप है। भारतीय शोधकर्ता को जर्मन समकक्ष के साथ मिलकर संयुक्त आवेदन जमा करना होगा; किसी भी ओर से अकेला आवेदन पात्र नहीं है।

PECFAR के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन IGSTC पोर्टल के जरिए भारतीय और जर्मन शोधकर्ताओं की संयुक्त प्रस्ताव के रूप में, संयुक्त गतिविधि योजना और मेजबान-संस्थान की सहमति के साथ ऑनलाइन किया जाता है। खुली कॉल और उसकी समयसीमा के लिए igstc.org देखते रहें।

PECFAR की अगली कॉल कब आएगी?

PECFAR की कोई तय आवर्ती तारीख नहीं है, यह IGSTC द्वारा समय-समय पर घोषित कॉल के जरिए चलती है। मौजूदा स्थिति जानने के लिए igstc.org पर नियमित रूप से देखते रहें।

PECFAR के लिए साझेदार कैसे ढूंढें और आवेदन कैसे शुरू करें?

1) अपने शोध क्षेत्र से मेल खाने वाला जर्मनी (या भारत) का शुरुआती-करियर शोधकर्ता ढूंढें, अक्सर सम्मेलनों, पूर्व सहयोग या संस्थागत नेटवर्क के जरिए। 2) साथ मिलकर एक संयुक्त गतिविधि योजना तैयार करें। 3) मेजबान संस्थान की सहमति लेकर IGSTC पोर्टल पर संयुक्त आवेदन जमा करें।

संबंधित योजनाएं (शिक्षा और छात्रवृत्ति)

Ministry of Science and Technology की अन्य योजनाएं

और जानकारी चाहिए?

सभी केंद्र सरकार की योजनाएं श्रेणी के अनुसार देखें, या नाम से खोजें।

लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026