Scheme Kosh

सूचना का अधिकार फेलोशिप

संक्षिप्त जानकारी

सूचना का अधिकार फेलोशिप कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की एक अल्पकालिक शोध फेलोशिप है जो मीडियाकर्मियों, सिविल सोसाइटी पेशेवरों और RTI प्रशिक्षकों को RTI व्यवस्था पर फील्ड शोध करने के लिए वित्त पोषित करती है। इसमें चार फेलोशिप दी जाती हैं, हर एक में तीन महीने के लिए 50,000 रुपये प्रति माह के साथ एकमुश्त 50,000 रुपये का शोध अनुदान शामिल है। योजना खुलने पर DoPT को आवेदन भेजे जाते हैं।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: Not published as a dedicated fellowship helpline
Benefit
3 महीने के लिए 50,000 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड के साथ 50,000 रुपये का शोध अनुदान
Maximum benefit
Rs 2,00,000 (Rs 1,50,000 stipend + Rs 50,000 grant)
How to apply
Application to DoPT against a notified call
Helpline
Not published as a dedicated fellowship helpline

सूचना का अधिकार फेलोशिप क्या है?

सूचना का अधिकार फेलोशिप, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा दी जाने वाली एक अल्पकालिक शोध फेलोशिप है, जो कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का नोडल विभाग है। DoPT द्वारा संचालित RTI पोर्टल के अनुसार, यह फेलोशिप मीडिया, सिविल सोसाइटी पेशेवरों और RTI प्रशिक्षकों के शोधकर्ताओं को सूचना के अधिकार से संबंधित विषयों पर फील्ड-आधारित शोध करने के लिए सहायता देती है।

इसका उद्देश्य यह समझना गहरा करना है कि RTI अधिनियम व्यवहार में कैसे काम करता है, और ऐसे दस्तावेज़ी साक्ष्य उत्पन्न करना है जो RTI व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर सकें। यह फेलोशिप जानबूझकर छोटी और प्रतिस्पर्धी रखी गई है: इसमें चार अल्पकालिक फेलोशिप दी जाती हैं, हर एक का उद्देश्य निर्धारित अवधि में एक ठोस शोध आउटपुट तैयार करना है।

यह एक पेशेवर शोध फेलोशिप है, छात्र छात्रवृत्ति या सामान्य अनुदान नहीं। इसका लक्ष्य पहले से सूचना अधिकारों के साथ काम करने वाले लोग हैं — पत्रकार, कार्यकर्ता और प्रशिक्षक — आम जनता नहीं।

RTI फेलोशिप कितना भुगतान करती है?

योजना के विवरणों के अनुसार, प्रत्येक चयनित फेलो को मिलता है:

  • तीन महीने के लिए 50,000 रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड; कुल मिलाकर 1,50,000 रुपये।
  • किताबों, यात्रा और प्रोडक्शन लागत जैसे शोध-संबंधी खर्चों को कवर करने के लिए एकमुश्त 50,000 रुपये का अनुदान।

कुल मिलाकर, एक फेलो को फेलोशिप के दौरान लगभग 2,00,000 रुपये तक मिल सकते हैं। शोध आउटपुट विभिन्न रूप ले सकता है — मोनोग्राफ, खोजी कहानी, या मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट — और योजना की शर्तों के अनुसार, इसका स्वामित्व भारत सरकार के पास होता है, जो RTI व्यवस्था को बढ़ाने के लिए इसे प्रकाशित कर सकती है।

RTI फेलोशिप के लिए कौन पात्र है?

आप आवेदन कर सकते हैं यदि आप हैं:

  • मीडिया (प्रिंट, प्रसारण या डिजिटल पत्रकारिता) से एक शोधकर्ता, या
  • एक सिविल सोसाइटी पेशेवर, या
  • एक RTI प्रशिक्षक, जिसके पास
  • RTI-संबंधी कार्य में प्रदर्शित अनुभव है, और RTI विषय पर एक विश्वसनीय शोध प्रस्ताव है।
  • आवेदकों से सामान्यतः 25 से 40 आयु वर्ग में होने की अपेक्षा की जाती है।

आप आवेदन नहीं कर सकते यदि आप:

  • RTI कार्य में कोई पृष्ठभूमि या सिद्ध अनुभव नहीं रखते। यह फेलोशिप अभ्यासियों को लक्षित करती है, पहली बार के शोधकर्ताओं को नहीं।
  • अधिसूचित पात्रता वर्ग से बाहर हैं या जिस विशिष्ट कॉल के तहत फेलोशिप खुली है उसकी शर्तें पूरी नहीं करते।

चूंकि सटीक पात्रता शर्तें और आयु सीमाएं एक कॉल से दूसरी कॉल में संशोधित हो सकती हैं, वर्तमान कॉल के लिए जारी दिशानिर्देश अंतिम शब्द हैं। आवेदन करने से पहले इनकी पुष्टि करें।

RTI फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें (apply kaise kare)

यह फेलोशिप स्थायी ऑनलाइन फॉर्म के बजाय DoPT द्वारा जारी समय-समय पर कॉल के विरुद्ध दी जाती है। जब कोई कॉल खुली हो:

  1. पात्रता, आमंत्रित शोध विषय, स्टाइपेंड शर्तें और अंतिम तिथि की पुष्टि के लिए RTI पोर्टल (rti.gov.in) और DoPT वेबसाइट पर वर्तमान दिशानिर्देश पढ़ें।
  2. किसी RTI-संबंधी विषय पर विस्तृत शोध प्रस्ताव तैयार करें — यह आवेदन का सार है और चयन का मुख्य आधार है।
  3. अपने सहायक दस्तावेज़ संकलित करें — RTI अनुभव दर्शाने वाला CV/बायो-डाटा, आयु प्रमाण, और पूर्व कार्य के नमूने।
  4. अधिसूचना में निर्दिष्ट तरीके और फॉर्मेट में, बताई गई अंतिम तिथि से पहले, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को आवेदन जमा करें।
  5. चयन की प्रतीक्षा करें, जो प्रस्ताव की मजबूती और आवेदक के ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर होता है; चयनित फेलो को तीन-महीने की अवधि के लिए संलग्न किया जाता है।

कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

दस्तावेज़ अनिवार्य टिप्पणी
शोध प्रस्ताव हां आवेदन का मूल; RTI विषय और कार्यप्रणाली
CV / बायो-डाटा हां मीडिया, सिविल सोसाइटी या RTI-प्रशिक्षण अनुभव स्थापित करता है
आयु प्रमाण हां पात्र आयु वर्ग की पुष्टि के लिए
पूर्व कार्य के नमूने नहीं प्रकाशित लेख, रिपोर्ट या RTI-संबंधी आउटपुट

क्या यह मार्गदर्शिका आपके लिए सही है?

सूचना का अधिकार फेलोशिप एक निशान-क्षेत्र, अभ्यासी-केंद्रित शोध अनुदान है जिसमें केवल चार पद और समय-समय पर कॉल होती हैं। यदि आप छात्र छात्रवृत्ति ढूंढ रहे हैं, तो यह वह नहीं है: इसके बजाय शिक्षा मंत्रालय की शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाएं देखें। यदि आप एक पत्रकार, कार्यकर्ता या RTI प्रशिक्षक हैं जिसके पास एक ठोस शोध विचार है, तो DoPT RTI पोर्टल पर अगली कॉल पर नज़र रखें और अपना प्रस्ताव पहले से तैयार रखें, क्योंकि खुलने पर आवेदन खिड़की छोटी होती है।

आवश्यक दस्तावेज़

Detailed research proposal
The core of the application; must set out the RTI-related research theme and methodology.
Curriculum vitae / bio-data
Showing experience in media, civil society or RTI training work.
Proof of age
Applicant must be within the eligible age band.
Samples of prior workoptional
Published articles, reports or RTI-related work to establish track record.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूचना का अधिकार फेलोशिप कितना भुगतान करती है?

प्रत्येक फेलो को तीन महीने के लिए 50,000 रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड, साथ ही किताबों, यात्रा और प्रोडक्शन लागत जैसे शोध-संबंधी खर्चों के लिए एकमुश्त 50,000 रुपये का अनुदान मिलता है। कुल सहायता फेलोशिप अवधि में प्रति फेलो लगभग 2,00,000 रुपये होती है।

कितनी RTI फेलोशिप दी जाती हैं?

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग इस योजना के तहत चार अल्पकालिक फेलोशिप देता है। यह सूचना के अधिकार व्यवस्था पर गुणवत्तापूर्ण फील्ड शोध तैयार करने के उद्देश्य से एक छोटा, प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम है।

RTI फेलोशिप के लिए कौन पात्र है?

RTI संबंधी कार्य में प्रदर्शित अनुभव रखने वाले मीडिया, सिविल सोसाइटी पेशेवर और RTI प्रशिक्षक शोधकर्ता पात्र हैं। आवेदकों से सामान्यतः 25-40 आयु वर्ग में होने और RTI विषय पर एक मजबूत शोध प्रस्ताव जमा करने की अपेक्षा की जाती है।

RTI फेलोशिप की अवधि क्या है?

फेलोशिप तीन महीने तक चलती है। इस अवधि के भीतर फेलो फील्ड-आधारित शोध करता है और एक आउटपुट तैयार करता है, जो मोनोग्राफ, खोजी कहानी या मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट का रूप ले सकता है।

फेलोशिप के तहत तैयार शोध का स्वामित्व किसके पास है?

फेलोशिप के दौरान तैयार शोध आउटपुट भारत सरकार के स्वामित्व में होता है, जो RTI व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इसे प्रकाशित कर सकती है। फेलो को उस कॉल के लागू दिशानिर्देशों में सटीक शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए जिसके तहत वे आवेदन कर रहे हैं।

RTI फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें?

जब कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग एक कॉल खोलता है, तो शोध प्रस्ताव के साथ आवेदन उस अधिसूचना में निर्दिष्ट अनुसार DoPT को जमा किए जाते हैं। आवेदन करने से पहले वर्तमान दिशानिर्देश, फॉर्मेट और अंतिम तिथि के लिए rti.gov.in और DoPT वेबसाइट देखें।

क्या RTI फेलोशिप पूरे साल खुली रहती है?

नहीं। इसे निरंतर खुले नामांकन के बजाय समय-समय पर कॉल के विरुद्ध दिया जाता है। चूंकि फेलोशिप हमेशा सक्रिय नहीं होती, आवेदन तैयार करने से पहले आधिकारिक RTI पोर्टल पर वर्तमान स्थिति की पुष्टि करें।

RTI फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें (कदम-दर-कदम)?

1) rti.gov.in और DoPT वेबसाइट पर वर्तमान कॉल के लिए नज़र रखें। 2) एक ठोस RTI-संबंधी शोध प्रस्ताव तैयार करें। 3) अपना CV/बायो-डाटा, आयु प्रमाण और पूर्व कार्य के नमूने संकलित करें। 4) अधिसूचना में बताए गए फॉर्मेट में अंतिम तिथि से पहले DoPT को आवेदन जमा करें। 5) चयन का इंतजार करें, जो प्रस्ताव और ट्रैक रिकॉर्ड की मजबूती पर आधारित होता है।

संबंधित योजनाएं (शिक्षा और छात्रवृत्ति)

Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions की अन्य योजनाएं

और जानकारी चाहिए?

सभी केंद्र सरकार की योजनाएं श्रेणी के अनुसार देखें, या नाम से खोजें।

लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026