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डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट (नवनियुक्त संकाय सदस्यों के लिए)

संक्षिप्त जानकारी

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट यूजीसी की एक योजना है, जिसमें नई नियुक्त हुए स्थायी सहायक प्रोफेसरों को शोध शुरू करने के लिए दो साल में Rs 10 लाख तक दिए जाते हैं। आवेदक के पास पीएचडी और कम से कम पांच अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र होने चाहिए, और NAAC-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/कॉलेज में नियुक्ति के दो साल के भीतर आवेदन करना होगा। यह एक व्यक्तिगत छात्रवृत्ति नहीं बल्कि एक संस्थागत ग्रांट है।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: Not published; contact UGC via frg.ugc.ac.in
Benefit
दो साल की अवधि में Rs 10 लाख तक की रिसर्च ग्रांट
Maximum benefit
Rs 10,00,000
How to apply
Online through the UGC Fellowship and Research Grant portal
Helpline
Not published; contact UGC via frg.ugc.ac.in

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट क्या है?

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट फॉर न्यूली रिक्रूटेड फैकल्टी मेंबर्स, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की एक रिसर्च ग्रांट है। यूजीसी फेलोशिप एंड रिसर्च ग्रांट पोर्टल के अनुसार, यह योजना नए नियुक्त हुए स्थायी संकाय सदस्यों को अपने करियर की शुरुआत में ही स्वतंत्र शोध शुरू करने का साधन देती है, इससे पहले कि वे अपने संस्थान से अलग से शोध वित्तपोषण जुटा सकें।

यह ग्रांट दो साल की अवधि में Rs 10,00,000 तक देती है। यूजीसी के पास इस योजना के तहत लगभग 132 स्लॉट हैं। यह एक संस्थागत रिसर्च ग्रांट है जो संकाय सदस्य के विश्वविद्यालय या कॉलेज के माध्यम से वितरित की जाती है — यह कोई व्यक्तिगत छात्रवृत्ति या वेतन-वृद्धि नहीं है, और धनराशि केवल स्वीकृत शोध कार्य पर ही खर्च की जानी चाहिए।

मुख्य विशेषताएं

  • प्रति ग्रांटी दो साल में Rs 10 लाख तक।
  • नई नियुक्त हुए, स्थायी, पीएचडी-धारी सहायक प्रोफेसरों के लिए लक्षित।
  • योजना के तहत लगभग 132 स्लॉट।
  • ग्रांट शोध खर्च कवर करती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा नहीं।

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट के लिए कौन पात्र है?

कोई संकाय सदस्य आवेदन कर सकता है यदि:

  • वह किसी पात्र संस्थान में स्थायी पद पर नए सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुआ हो।
  • उसके पास पीएचडी डिग्री हो।
  • उसके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में कम से कम पांच शोध पत्र प्रकाशित हों।
  • वह पद पर ज्वाइन करने की तारीख से दो साल के भीतर आवेदन करे।

पात्र संस्थान वे विश्वविद्यालय और उनके संबद्ध/घटक कॉलेज हैं जो यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 2(f) के तहत आते हैं और जिनके पास वैध NAAC प्रत्यायन है; धारा 3 के तहत NAAC प्रत्यायन वाले डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय; और वे संस्थान जो केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित हैं और डिग्री देने के लिए अधिकृत हैं।

आप आवेदन नहीं कर सकते यदि:

  • आप छात्र, शोध छात्र, अतिथि, संविदा या तदर्थ शिक्षक हैं। यह ग्रांट केवल नियमित, स्थायी सहायक प्रोफेसरों के लिए है।
  • आपने पद पर दो साल से अधिक की सेवा पूरी कर ली है।
  • आपका संस्थान धारा 2(f)/धारा 3 और NAAC की शर्तें पूरी नहीं करता।

पाठकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है: व्यक्ति यहां से व्यक्तिगत नकद लाभ प्राप्त नहीं कर सकते। यह ग्रांट एक विशेष शोध परियोजना को वित्तपोषित करती है और संस्थान के माध्यम से प्रशासित होती है।

आवश्यक दस्तावेज़ क्या हैं?

दस्तावेज़ अनिवार्य टिप्पणी
पीएचडी डिग्री प्रमाणपत्र हां आवेदक के पास पीएचडी होनी चाहिए
प्रकाशनों की सूची हां न्यूनतम पांच अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र
नियुक्ति/ज्वाइनिंग पत्र हां स्थायी सहायक प्रोफेसर पद
NAAC प्रत्यायन प्रमाण हां आवेदक के संस्थान के लिए
शोध प्रस्ताव हां शोध की विस्तृत योजना
संस्थागत अनुमोदन हां संस्थान के प्रमुख के माध्यम से आगे भेजा गया

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट के लिए आवेदन कैसे करें (online apply kaise kare)

जब यूजीसी योजना की विंडो खोलता है, तब ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं:

  1. यूजीसी फेलोशिप एंड रिसर्च ग्रांट पोर्टल frg.ugc.ac.in पर जाकर वर्तमान योजना दिशानिर्देश और अंतिम तारीख पढ़ें।
  2. रजिस्टर/लॉगिन करें और डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट फॉर न्यूली रिक्रूटेड फैकल्टी मेंबर्स का चयन करें।
  3. आवेदन में अपनी पीएचडी जानकारी, कम से कम पांच अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों की सूची और अपना शोध प्रस्ताव भरें।
  4. अपना नियुक्ति पत्र, संस्थागत NAAC प्रत्यायन प्रमाण और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
  5. आवेदन को अपने संस्थान के प्रमुख (रजिस्ट्रार या प्रिंसिपल) के माध्यम से आगे भेजें और अंतिम तारीख से पहले जमा करें।

चयन यूजीसी की विशेषज्ञ समितियों द्वारा उपलब्ध स्लॉट्स के अनुसार किया जाता है, इसलिए न्यूनतम मानदंड पूरे करने मात्र से ग्रांट की गारंटी नहीं मिलती।

ग्रांट का उपयोग कैसे किया जा सकता है

Rs 10 लाख को स्वीकृत शोध से जुड़े मामूली उपकरण, उपभोग्य सामग्री, आकस्मिक खर्च, फील्डवर्क और घरेलू यात्रा पर खर्च किया जा सकता है। यह योजना अंतरराष्ट्रीय यात्रा को वित्तपोषित नहीं करती। उपयोग यूजीसी के वित्तीय मानदंडों के अनुसार होना चाहिए, और ग्रांटियों से दो साल की अवधि में धनराशि का हिसाब और शोध परिणाम रिपोर्ट करने की अपेक्षा की जाती है।

मदद और स्टेटस कैसे जांचें (status kaise check kare)

यूजीसी इस ग्रांट के लिए कोई समर्पित टेलीफोन हेल्पलाइन प्रकाशित नहीं करता। आवेदकों को फेलोशिप एंड रिसर्च ग्रांट पोर्टल (frg.ugc.ac.in) पर दिए गए संपर्क विवरण और सूचनाओं का उपयोग करना चाहिए, और अपने संस्थान के यूजीसी नोडल या रिसर्च सेल के माध्यम से प्रश्न भेजने चाहिए। चूंकि यह ग्रांट संस्थागत है, वितरण और उपयोग संबंधी सवालों के लिए विश्वविद्यालय का वित्त और रिसर्च कार्यालय सही माध्यम है।

आवश्यक दस्तावेज़

Ph.D. degree certificate
The applicant must hold a Ph.D. degree.
List of publications
Minimum five research papers in journals of international repute.
Appointment/joining letter
Proof of regular appointment as Assistant Professor against a permanent post.
NAAC accreditation proof of institution
The university/college must have valid NAAC accreditation where required.
Research proposal
Detailed proposal describing the research to be undertaken.
Endorsement from the institution
Forwarded through the head of the institution/registrar.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट कितनी राशि की है?

यह ग्रांट नई नियुक्त हुए सहायक प्रोफेसर को दो साल की अवधि में Rs 10,00,000 तक देती है। इसमें मामूली उपकरण, उपभोग्य सामग्री, आकस्मिक खर्च, फील्डवर्क और घरेलू यात्रा शामिल है। इसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रा शामिल नहीं है। यूजीसी के पास इस योजना के तहत लगभग 132 स्लॉट हैं।

डॉ. डी.एस. कोठारी रिसर्च ग्रांट के लिए कौन पात्र है?

किसी योग्य संस्थान में स्थायी पद पर नए सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त शिक्षक पात्र हैं। आवेदक के पास पीएचडी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में कम से कम पांच शोध पत्र होने चाहिए, और पद पर ज्वाइन करने के दो साल के भीतर आवेदन करना होगा।

क्या शोध छात्र या विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। यह विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नहीं है। केवल पात्र संस्थानों में नियमित रूप से नियुक्त, स्थायी सहायक प्रोफेसर ही आवेदन कर सकते हैं। शोध छात्र, अतिथि, संविदा या तदर्थ शिक्षक और विद्यार्थी इस ग्रांट के लिए पात्र नहीं हैं।

नियुक्ति के बाद आवेदन करने की समय सीमा क्या है?

सहायक प्रोफेसर को विभाग या विश्वविद्यालय में स्थायी पद पर ज्वाइन करने की तारीख से दो साल के भीतर आवेदन करना होगा। जिन शिक्षकों की सेवा दो साल से अधिक हो चुकी है, वे इस विशेष ग्रांट की पात्रता सीमा से बाहर हैं।

कौन-कौन से संस्थान इसमें शामिल हैं?

यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) के तहत मान्यता प्राप्त और वैध NAAC प्रत्यायन वाले विश्वविद्यालय और उनके कॉलेज, धारा 3 के तहत डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय (NAAC प्रत्यायन के साथ), और केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित डिग्री-प्रदाता संस्थान इसमें शामिल हैं।

क्या यह ग्रांट अंतरराष्ट्रीय यात्रा को कवर करती है?

नहीं। ग्रांट का उपयोग मामूली उपकरण, उपभोग्य सामग्री, आकस्मिक खर्च, फील्डवर्क और घरेलू यात्रा के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसमें स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा शामिल नहीं है। विदेश यात्रा सहायता के लिए शिक्षकों को यूजीसी की अन्य योजनाएं देखनी चाहिए।

इस ग्रांट के लिए आवेदन कैसे करें?

यूजीसी फेलोशिप एंड रिसर्च ग्रांट पोर्टल frg.ugc.ac.in पर, जब योजना की विंडो खुली हो, ऑनलाइन आवेदन जमा किए जाते हैं। आवेदन को संस्थान के प्रमुख के माध्यम से, शोध प्रस्ताव और पात्रता प्रमाण के साथ आगे भेजा जाता है।

ग्रांट कब आएगी और स्टेटस कैसे चेक करें?

चूंकि यह एक संस्थागत ग्रांट है, इसका भुगतान संस्थान के खाते में होता है, सीधे व्यक्ति के खाते में नहीं। अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति जानने के लिए frg.ugc.ac.in पर लॉगिन करें या अपने विश्वविद्यालय के रिसर्च सेल से संपर्क करें, क्योंकि यूजीसी कोई निश्चित तारीख सार्वजनिक नहीं करता।

आवेदन करने के लिए कौन-कौन से चरण अपनाने चाहिए?

सबसे पहले frg.ugc.ac.in पर रजिस्टर/लॉगिन करें, फिर योजना को चुनें, पीएचडी विवरण, कम से कम पांच अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन और शोध प्रस्ताव भरें, नियुक्ति पत्र और NAAC प्रमाण संलग्न करें, और अंत में आवेदन को अपने संस्थान के प्रमुख के माध्यम से समय सीमा के भीतर जमा करें।

Dr DS Kothari research grant ke liye online apply kaise kare?

यूजीसी फेलोशिप एंड रिसर्च ग्रांट पोर्टल frg.ugc.ac.in पर जाकर, जब योजना की विंडो खुली हो, रजिस्टर/लॉगिन करें, पीएचडी विवरण, कम से कम पांच अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन और शोध प्रस्ताव भरें, नियुक्ति पत्र व NAAC प्रमाण संलग्न करें, और अंत में आवेदन को अपने संस्थान के प्रमुख के माध्यम से समय सीमा के भीतर जमा करें।

Dr DS Kothari grant ka status kaise check kare?

यह एक संस्थागत ग्रांट है, इसलिए भुगतान संस्थान के खाते में होता है, सीधे व्यक्ति के खाते में नहीं। स्टेटस जानने के लिए frg.ugc.ac.in पर लॉगिन करें या अपने विश्वविद्यालय के रिसर्च सेल से संपर्क करें, क्योंकि यूजीसी कोई निश्चित तारीख सार्वजनिक नहीं करता।

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लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026