राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS)
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS) शिक्षा मंत्रालय की एक योजना है जिसके तहत ग्रेजुएट इंजीनियरों, डिप्लोमा तकनीशियनों और 10+2 वोकेशनल पास छात्रों को लगभग 10,000 उद्योगों में एक साल की शिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) दी जाती है। इस दौरान मासिक स्टाइपेंड केंद्र सरकार और नियोक्ता द्वारा बराबर-बराबर दिया जाता है। उम्मीदवार nats.education.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना क्या है?
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS) शिक्षा मंत्रालय की एक योजना है जो युवा तकनीकी ग्रेजुएट्स को उद्योग में व्यावहारिक, ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण देती है। यह शिक्षुता अधिनियम, 1961 और केंद्रीय शिक्षुता परिषद के दिशानिर्देशों के तहत चलती है, और इसे मुंबई, कानपुर, चेन्नई और कोलकाता स्थित चार क्षेत्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड (BOAT) के माध्यम से लागू किया जाता है।
myScheme पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, NATS उम्मीदवारों को लगभग 10,000 औद्योगिक प्रतिष्ठानों में एक संरचित एक साल की शिक्षुता पर रखता है। शिक्षु असली कार्यस्थल में पेशेवरों के साथ काम करता है और मासिक स्टाइपेंड पाता है, जिसका आधा हिस्सा केंद्र सरकार और आधा नियोक्ता देता है।
NATS का उद्देश्य कक्षा की पढ़ाई और कार्यस्थल के अनुभव के बीच की खाई को पाटना है — एक ग्रेजुएट इंजीनियर या डिप्लोमा तकनीशियन मान्यता प्राप्त उद्योग अनुभव पाता है, जिससे उसकी रोजगार क्षमता बढ़ती है, बिना प्रतिष्ठान को उसे स्थायी कर्मचारी मानने की जरूरत के।
मुख्य विशेषताएं
- तकनीकी ग्रेजुएट्स के लिए उद्योग में एक साल की शिक्षुता।
- मासिक स्टाइपेंड केंद्र सरकार और नियोक्ता के बीच 50:50 बंटता है।
- देशभर में लगभग 10,000 प्रतिष्ठान भाग लेते हैं।
- चार क्षेत्रीय BOAT (मुंबई, कानपुर, चेन्नई, कोलकाता) के माध्यम से संचालित।
- पूरी तरह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और प्लेसमेंट nats.education.gov.in पर।
NATS के लिए कौन पात्र है?
आप आवेदन कर सकते हैं यदि आप हैं:
- ग्रेजुएट इंजीनियर: इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी में डिग्रीधारक।
- डिप्लोमा धारक (तकनीशियन): इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी में डिप्लोमाधारक।
- 10+2 वोकेशनल पास: 10+2 स्तर पर वोकेशनल स्ट्रीम पूरी की हो।
आप आवेदन नहीं कर सकते यदि:
- आपके पास ऊपर बताए गए योग्यता प्रमाणपत्रों में से कोई भी नहीं है — NATS केवल तकनीकी ग्रेजुएट्स, डिप्लोमा तकनीशियनों और 10+2 वोकेशनल पास छात्रों के लिए है।
- आप स्थायी नौकरी की तलाश में हैं — NATS एक प्रशिक्षण योजना है, रोजगार नहीं, और यह अंत में नौकरी की गारंटी नहीं देती।
- आप पहले से वही शिक्षुता पूरी कर चुके हैं — एक साल का प्रशिक्षण उसी ट्रेड में दोबारा करने के लिए नहीं है।
NATS शिक्षु को कितना स्टाइपेंड मिलता है?
myScheme पर दी गई जानकारी के अनुसार, मासिक स्टाइपेंड श्रेणी के अनुसार तय है और केंद्र सरकार व नियोक्ता के बीच बराबर बंटता है:
| श्रेणी | मासिक स्टाइपेंड |
|---|---|
| इंजीनियरिंग ग्रेजुएट | Rs 4,984 |
| तकनीशियन (डिप्लोमा धारक) | Rs 3,542 |
| 10+2 वोकेशनल पास | Rs 2,758 |
ये myScheme लिस्टिंग पर दर्ज दरें हैं। शिक्षुता ढांचे के तहत स्टाइपेंड दरें सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित होती हैं, इसलिए अनुबंध स्वीकार करने से पहले हमेशा NATS पोर्टल पर या प्रतिष्ठान के प्रस्ताव में वर्तमान आंकड़ा जरूर देखें।
NATS के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | नोट्स |
|---|---|---|
| योग्यता डिग्री/डिप्लोमा प्रमाणपत्र | हां | ग्रेजुएट इंजीनियरिंग, डिप्लोमा, या 10+2 वोकेशनल |
| आधार कार्ड | हां | रजिस्ट्रेशन और पहचान के लिए |
| बैंक खाता विवरण | हां | स्टाइपेंड के सरकारी हिस्से के DBT भुगतान के लिए |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | हां | JPEG, 1 MB से कम |
| ईमेल और मोबाइल नंबर | हां | प्रोफाइल बनाने और प्रबंधित करने के लिए |
| बैंक पासबुक/स्टेटमेंट | हां | PDF, 1 MB से कम |
NATS शिक्षुता के लिए आवेदन कैसे करें (NATS apply kaise kare)
- NATS पोर्टल nats.education.gov.in पर जाएं और छात्र के रूप में रजिस्टर करें।
- मूल, शैक्षणिक और संपर्क विवरण के साथ अपनी प्रोफाइल पूरी करें, फिर बैंक विवरण और प्रशिक्षण की पसंद जोड़ें।
- आवश्यक फॉर्मेट में अपना योग्यता डिग्री या डिप्लोमा प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज़ फोटो और बैंक पासबुक अपलोड करें।
- अपने क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों द्वारा दिए गए शिक्षुता अवसर ब्राउज़ करें और आवेदन करें।
- जब कोई प्रतिष्ठान अनुबंध का प्रस्ताव दे, तो उसे पोर्टल पर समीक्षा करके स्वीकार करें।
- क्षेत्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड (BOAT) अनुबंध को मंजूरी देता है, और आपका प्लेसमेंट अंतिम हो जाता है। इसके बाद शिक्षुता एक साल तक चलती है और मासिक स्टाइपेंड तय समय पर मिलता है।
NATS के लिए मदद और संपर्क
- NATS सहायता ईमेल: natssupport@aicte-india.org
- पोर्टल: nats.education.gov.in
- क्षेत्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड मुंबई, कानपुर, चेन्नई और कोलकाता में अपने-अपने क्षेत्र की प्लेसमेंट संभालते हैं।
NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है। कोई एजेंट आपके लिए शिक्षुता नहीं दिला सकता: प्रतिष्ठान पोर्टल के जरिए सीधे उम्मीदवार चुनते हैं, और क्षेत्रीय बोर्ड अनुबंध को अंतिम रूप देता है।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना क्या है?
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS) शिक्षा मंत्रालय की एक योजना है, जो शिक्षुता अधिनियम 1961 के तहत चलती है, जिसमें ग्रेजुएट इंजीनियरों, डिप्लोमा तकनीशियनों और 10+2 वोकेशनल पास छात्रों को उद्योग में एक साल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसे मुंबई, कानपुर, चेन्नई और कोलकाता स्थित चार क्षेत्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड (BOAT) के माध्यम से चलाया जाता है।
NATS शिक्षुता कौन कर सकता है?
ग्रेजुएट इंजीनियर, डिप्लोमा धारक (तकनीशियन) और 10+2 वोकेशनल पास छात्र NATS शिक्षुता कर सकते हैं। यह योजना ऐसे उम्मीदवारों को लगभग 10,000 औद्योगिक प्रतिष्ठानों में उनके क्षेत्र से जुड़े एक साल के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए रखती है।
NATS शिक्षु को कितना स्टाइपेंड मिलता है?
myScheme पर दी गई जानकारी के अनुसार, मासिक स्टाइपेंड इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के लिए Rs 4,984, तकनीशियन (डिप्लोमा धारक) के लिए Rs 3,542 और 10+2 वोकेशनल पास के लिए Rs 2,758 है। यह स्टाइपेंड केंद्र सरकार और नियोक्ता के बीच बराबर बंटता है, और दरें समय-समय पर संशोधित होती हैं।
NATS शिक्षुता कितने समय की होती है?
NATS शिक्षुता एक साल की होती है। इस दौरान शिक्षु को मेजबान प्रतिष्ठान में ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण और मासिक स्टाइपेंड मिलता है, लेकिन वह उस कंपनी का नियमित कर्मचारी नहीं होता।
NATS के लिए कौन आवेदन नहीं कर सकता?
जिन उम्मीदवारों के पास योग्य ग्रेजुएट इंजीनियरिंग डिग्री, इंजीनियरिंग/ टेक्नोलॉजी डिप्लोमा या 10+2 वोकेशनल प्रमाणपत्र नहीं है, वे आवेदन नहीं कर सकते। NATS एक प्रशिक्षण योजना है, नौकरी की योजना नहीं, इसलिए यह स्थायी रोजगार की गारंटी नहीं देती, और जो शिक्षु पहले से वही शिक्षुता पूरी कर चुका है वह उसे दोबारा नहीं कर सकता।
क्या NATS नौकरी की गारंटी देता है?
नहीं। NATS एक प्रशिक्षण योजना है जो एक साल का व्यावहारिक अनुभव और स्टाइपेंड देती है; यह स्थायी नौकरी की गारंटी नहीं देती। हालांकि, इस शिक्षुता से मिला मान्यता प्राप्त उद्योग अनुभव रोजगार की संभावना बढ़ाता है, और कुछ प्रतिष्ठान शिक्षुओं को बाद में नौकरी पर भी रख लेते हैं।
NATS शिक्षुता के लिए आवेदन कैसे करें?
nats.education.gov.in पोर्टल पर अपने आधार, शैक्षणिक और बैंक विवरण के साथ रजिस्टर करें, अपना डिग्री/डिप्लोमा प्रमाणपत्र और फोटो अपलोड करें, फिर शिक्षुता के अवसर ब्राउज़ करके आवेदन करें। जब कोई प्रतिष्ठान अनुबंध का प्रस्ताव दे, तो उसे स्वीकार करें, और क्षेत्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड प्लेसमेंट को अंतिम रूप देता है।
NATS स्टाइपेंड कब आएगा, स्टेटस कैसे चेक करें?
स्टाइपेंड हर महीने आपके बैंक खाते में DBT के जरिए आता है, लेकिन कोई तय तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। स्टेटस देखने के लिए nats.education.gov.in पर लॉगिन करें और अपने प्रोफाइल में भुगतान इतिहास देखें, या मेजबान प्रतिष्ठान के प्रशिक्षण प्रभारी से संपर्क करें। किसी समस्या पर natssupport@aicte-india.org पर ईमेल करें।
NATS का कार्ड या प्रमाणपत्र कैसे बनवाएं?
NATS में अलग से कोई "कार्ड" नहीं बनता, बल्कि पोर्टल पर आपकी प्रोफाइल और शिक्षुता पूरी होने पर प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी होता है। पूरा साल शिक्षुता पूरी करने और अंतिम मूल्यांकन के बाद संबंधित क्षेत्रीय बोर्ड (BOAT) यह प्रमाणपत्र nats.education.gov.in के जरिए जारी करता है।
NATS ka status kaise check kare?
nats.education.gov.in पोर्टल पर अपने रजिस्टर्ड लॉगिन से साइन इन करें और अपनी प्रोफाइल में आवेदन, प्लेसमेंट और स्टाइपेंड की स्थिति देखें। किसी समस्या के लिए natssupport@aicte-india.org पर ईमेल करें।
NATS ke liye online apply kaise kare?
nats.education.gov.in पोर्टल पर अपने आधार, शैक्षणिक और बैंक विवरण के साथ रजिस्टर करें, डिग्री/डिप्लोमा प्रमाणपत्र और फोटो अपलोड करें, फिर शिक्षुता के अवसर ब्राउज़ करके आवेदन करें।
NATS ka stipend kab aayega?
स्टाइपेंड हर महीने DBT के जरिए बैंक खाते में आता है, लेकिन कोई तय तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। स्टेटस देखने के लिए nats.education.gov.in पर लॉगिन करें या अपने प्रतिष्ठान के प्रशिक्षण प्रभारी से पूछें।
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