Scheme Kosh

बालिकाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा प्रोत्साहन राष्ट्रीय योजना (NSIGSE)

संक्षिप्त जानकारी

NSIGSE शिक्षा मंत्रालय की एक योजना है जिसके तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा IX में प्रवेश लेने वाली पात्र SC/ST बालिकाओं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की पासआउट छात्राओं के नाम पर Rs 3,000 की एक निश्चित राशि जमा की जाती है। बालिका 18 वर्ष की होने पर, कक्षा X पास करने के बाद, ब्याज सहित यह जमा राशि निकाल सकती है। विवाहित लड़कियां पात्र नहीं हैं।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: Not published; contact your State/UT Department of School Education
Benefit
कक्षा X पास करने के बाद और 18 वर्ष की आयु होने पर ब्याज सहित मिलने वाली Rs 3,000 की सावधि जमा राशि
Maximum benefit
Rs 3,000 fixed deposit plus accrued interest
How to apply
Offline through the school; sanctioned by State/UT education department
Helpline
Not published; contact your State/UT Department of School Education

बालिकाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा प्रोत्साहन राष्ट्रीय योजना क्या है?

बालिकाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा प्रोत्साहन राष्ट्रीय योजना (NSIGSE), भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की एक योजना है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, NSIGSE को शुरू करने का उद्देश्य बालिकाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों की लड़कियों को, प्रारंभिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने के बजाय माध्यमिक शिक्षा में प्रवेश लेने और उसे पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

NSIGSE Rs 3,000 की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) के माध्यम से काम करती है, जो हर पात्र बालिका के कक्षा IX में प्रवेश लेने पर उसके नाम खोली जाती है। बालिका को यह राशि मासिक नकद के रूप में नहीं मिलती। बल्कि, राशि एक टर्म डिपॉजिट में लॉक कर दी जाती है और उसे उसकी अर्जित ब्याज सहित तब दी जाती है जब वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है और कक्षा X की परीक्षा पास कर चुकी होती है। यह डिज़ाइन प्रोत्साहन को सीधे माध्यमिक शिक्षा में बने रहने और उसे पूरा करने से जोड़ता है।

मुख्य विशेषताएं

  • हर पात्र बालिका के लिए Rs 3,000 की एकबारगी सावधि जमा।
  • राशि और संचित ब्याज केवल 18 वर्ष की आयु में कक्षा X पास करने के बाद ही निकाली जा सकती है।
  • SC/ST बालिकाओं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) पासआउट छात्राओं को लक्षित।
  • पहचान और मंजूरी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शिक्षा विभागों द्वारा संभाली जाती है।

NSIGSE के लिए कौन पात्र है?

बालिका को लाभ मिल सकता है यदि:

  • वह अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से है और उसने कक्षा VIII पास कर ली है, या
  • उसने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) से कक्षा VIII पास की है, चाहे वह SC/ST से हो या नहीं, और
  • वह राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय स्कूल में कक्षा IX में प्रवेश लेती है, और
  • वह प्रवेश वर्ष की 31 मार्च को 16 वर्ष से कम आयु की है।

बालिका आवेदन नहीं कर सकती यदि:

  • वह विवाहित है — विवाहित लड़कियों को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।
  • वह ऐसे निजी अनुदान-रहित स्कूल में पढ़ रही है जो सरकारी सहायता प्राप्त नहीं है।
  • वह न तो SC/ST वर्ग में आती है और न ही KGBV-पासआउट वर्ग में (सामान्य वर्ग की बालिका जो सामान्य स्कूल से हो, इस योजना से बाहर है)।

यह योजना मान्यता प्राप्त सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं को कवर करती है; यह पूरी तरह निजी संस्थानों की छात्राओं तक प्रोत्साहन नहीं बढ़ाती।

NSIGSE के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

दस्तावेज़ अनिवार्य नोट्स
कक्षा VIII उत्तीर्ण प्रमाण हां मार्कशीट या स्कूल प्रमाणपत्र
जाति प्रमाणपत्र (SC/ST) SC/ST मार्ग के लिए KGBV पासआउट के लिए जरूरी नहीं
कक्षा IX प्रवेश प्रमाण हां पात्र सरकारी/सहायता प्राप्त/स्थानीय निकाय स्कूल में
आधार कार्ड हां जमा राशि खोलने और बाद में निकासी के लिए
जन्म प्रमाणपत्र/आयु प्रमाण हां बालिका के 18 वर्ष की होने की तारीख तय करता है
बैंक खाता विवरण हां मैच्योर जमा राशि जमा करने के लिए

NSIGSE के लिए आवेदन कैसे करें (NSIGSE online apply kaise kare)

NSIGSE में कोई ऑनलाइन स्व-रजिस्ट्रेशन नहीं है। पात्र बालिकाओं की पहचान उनके स्कूलों द्वारा की जाती है, इसलिए प्रक्रिया स्कूल-आधारित है:

  1. किसी पात्र स्कूल से कक्षा VIII पास करें और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय स्कूल में कक्षा IX में प्रवेश पाएं।
  2. स्कूल प्रमुख या कक्षा शिक्षक से कहें कि NSIGSE के लिए तैयार होने वाली पात्र SC/ST या KGBV-पासआउट बालिकाओं की सूची में आपका नाम शामिल किया जाए।
  3. कक्षा VIII उत्तीर्ण प्रमाण, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), आधार और जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए स्कूल में जमा करें।
  4. स्कूल सत्यापित सूची राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग को भेजता है, जो बालिका के नाम पर Rs 3,000 की सावधि जमा मंजूर करके खोलता है।
  5. कक्षा X पास करने के बाद 18 वर्ष की होने पर, अपने आधार और बैंक विवरण के साथ निर्धारित बैंक या शिक्षा विभाग के पास जाकर ब्याज सहित मैच्योर जमा राशि निकालें

चूंकि मंजूरी राज्य के माध्यम से होती है, परिवारों को अलग से पत्र का इंतजार करने के बजाय स्कूल से नाम शामिल होने की पुष्टि करनी चाहिए।

NSIGSE वास्तव में कितना भुगतान करता है?

यह प्रोत्साहन हर बालिका के लिए Rs 3,000 की सावधि जमा है। मूलधन उतने समय के लिए ब्याज अर्जित करता है जितने समय यह लॉक रहता है: कक्षा IX में प्रवेश से लेकर बालिका के 18 वर्ष की होकर कक्षा X पास करने तक, इसलिए अंतिम प्राप्त राशि Rs 3,000 प्लस उस संचित ब्याज की होती है। सटीक ब्याज नोडल बैंक द्वारा जमा अवधि पर लागू दर पर निर्भर करता है, यही वजह है कि NSIGSE को एक बड़े नकद अनुदान की बजाय एक प्रतिधारण प्रोत्साहन के रूप में समझना बेहतर है।

मदद और स्टेटस कैसे चेक करें (NSIGSE status kaise check kare)

NSIGSE कोई समर्पित राष्ट्रीय हेल्पलाइन प्रकाशित नहीं करती। चूंकि पहचान और वितरण राज्यों द्वारा संभाला जाता है, सही संपर्क बिंदु आपका राज्य या केंद्रशासित प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग, या बालिका जिस स्कूल में पढ़ती है उसका स्कूल प्रमुख है। योजना का विवरण स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की वेबसाइट dsel.education.gov.in पर उपलब्ध है।

किसी पात्र बालिका का नाम योजना में शामिल करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। परिवारों को ऐसे किसी भी एजेंट से सावधान रहना चाहिए जो पैसे लेकर "नाम जुड़वाने" का दावा करे, क्योंकि पूरी प्रक्रिया स्कूल और राज्य शिक्षा विभाग के माध्यम से ही होती है।

आवश्यक दस्तावेज़

Proof of passing Class VIII
Marksheet or school certificate showing the girl passed Class VIII.
Caste certificate (SC/ST)optional
Required for the SC/ST eligibility route; not needed for KGBV passouts.
Class IX enrolment proof
Enrolment record in a State/UT Government, Government-aided or Local Body school.
Aadhaar card
Used to open the fixed deposit account and for later maturity withdrawal.
Birth certificate or age proof
Establishes the date on which the girl turns 18 for withdrawal.
Bank account details
For crediting the matured fixed deposit amount.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NSIGSE कितनी राशि देता है?

NSIGSE हर पात्र बालिका के नाम पर Rs 3,000 की एक निश्चित राशि जमा करता है। यह राशि सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में रखी जाती है और उसे संचित ब्याज सहित तब दी जाती है जब वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है और कक्षा X पास कर चुकी होती है। पढ़ाई के दौरान यह राशि नकद में नहीं दी जाती।

NSIGSE के लिए कौन पात्र है?

दो समूह पात्र हैं: सभी SC या ST समुदाय की बालिकाएं जो कक्षा VIII पास करती हैं, और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) से कक्षा VIII पास करने वाली सभी बालिकाएं (जाति की परवाह किए बिना)। दोनों ही स्थितियों में बालिका को राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय स्कूल में कक्षा IX में प्रवेश लेना जरूरी है।

क्या विवाहित लड़कियां NSIGSE के लिए आवेदन कर सकती हैं?

नहीं। NSIGSE के तहत विवाहित लड़कियां पात्र नहीं हैं। इस योजना का उद्देश्य अविवाहित किशोरी बालिकाओं को माध्यमिक विद्यालय में बनाए रखना है, इसलिए विवाह होने पर उम्मीदवार इस प्रोत्साहन के लिए अयोग्य हो जाती है।

बालिका Rs 3,000 कब निकाल सकती है?

बालिका मैच्योर हो चुकी जमा राशि केवल तभी निकाल सकती है जब वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर ले और कक्षा X की परीक्षा पास कर ले। योजना के नियमों के तहत सावधि जमा को समय से पहले निकालने की अनुमति नहीं है।

बालिका NSIGSE के लिए आवेदन कैसे करती है?

इसके लिए कोई स्व-रजिस्ट्रेशन पोर्टल नहीं है। बालिका के स्कूल कक्षा VIII के परिणाम के बाद पात्र छात्राओं की पहचान करते हैं और सूची राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शिक्षा विभाग को भेजते हैं, जो जमा राशि को मंजूरी देता है। परिवारों को स्कूल प्रमुख से पूछकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी बेटी का नाम सूची में शामिल है।

क्या पात्रता के लिए कोई आयु सीमा है?

NSIGSE उन बालिकाओं को कवर करता है जो कक्षा IX में प्रवेश लेने वाले वर्ष की 31 मार्च को 16 वर्ष से कम आयु की हों। जो लड़कियां प्रवेश के समय इस सीमा को पार कर जाती हैं, वे योजना के लक्ष्य समूह से बाहर हो जाती हैं।

NSIGSE किस विभाग द्वारा चलाई जाती है?

NSIGSE भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा चलाई जाती है। रोज़मर्रा की पहचान और वितरण राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शिक्षा विभागों द्वारा संभाला जाता है।

NSIGSE की राशि कब आएगी, स्टेटस कैसे चेक करें?

राशि तभी मिलती है जब बालिका 18 वर्ष की होकर कक्षा X पास कर ले, इसकी कोई एक तय तारीख नहीं है। स्टेटस जानने के लिए स्कूल प्रमुख या राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शिक्षा विभाग से पूछें कि क्या जमा राशि सफलतापूर्वक खोली गई है और उसका खाता विवरण क्या है। कोई केंद्रीय ऑनलाइन ट्रैकिंग पोर्टल उपलब्ध नहीं है।

NSIGSE में नाम कैसे जुड़वाएं?

1) कक्षा VIII पास करके पात्र स्कूल से कक्षा IX में प्रवेश लें। 2) स्कूल प्रमुख या कक्षा शिक्षक से कहें कि आपका नाम पात्र SC/ST या KGBV-पासआउट बालिकाओं की सूची में शामिल किया जाए। 3) कक्षा VIII उत्तीर्ण प्रमाण, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), आधार और जन्म प्रमाणपत्र स्कूल में जमा करें। 4) स्कूल सत्यापित सूची राज्य शिक्षा विभाग को भेजता है, जो जमा राशि मंजूर करता है।

NSIGSE ka status kaise check kare?

इसके लिए कोई ऑनलाइन ट्रैकिंग पोर्टल नहीं है। स्कूल प्रमुख या राज्य/ केंद्रशासित प्रदेश शिक्षा विभाग से पूछें कि क्या बालिका की सावधि जमा खोली जा चुकी है और उसका खाता विवरण क्या है।

NSIGSE ka paisa kab milega?

पैसा तभी मिलता है जब बालिका 18 वर्ष की हो चुकी हो और कक्षा X पास कर चुकी हो, इसकी कोई एक तय तारीख नहीं है। तब तक Rs 3,000 की राशि सावधि जमा के रूप में ब्याज सहित बढ़ती रहती है।

संबंधित योजनाएं (शिक्षा और छात्रवृत्ति)

Ministry of Education की अन्य योजनाएं

और जानकारी चाहिए?

सभी केंद्र सरकार की योजनाएं श्रेणी के अनुसार देखें, या नाम से खोजें।

लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026