Scheme Kosh

पढ़ो परदेस (विदेश अध्ययन के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी)

संक्षिप्त जानकारी

पढ़ो परदेस अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एक योजना थी जो विदेश में मास्टर्स, एमफिल या पीएचडी करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 100% ब्याज चुकाती थी। मंत्रालय ने 2022-23 से पढ़ो परदेस बंद कर दी, इसलिए अब कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं होता। बंद होने से पहले इसका लाभ 14,000 से अधिक छात्रों को मिला था।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: Not applicable; scheme discontinued
Benefit
मोरेटोरियम अवधि के दौरान पूरी ब्याज सब्सिडी (योजना अब बंद है)
Maximum benefit
Interest during moratorium (no fixed cap); scheme discontinued from 2022-23
How to apply
Closed - no new applications accepted
Helpline
Not applicable; scheme discontinued

पढ़ो परदेस योजना क्या थी?

पढ़ो परदेस अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना थी जो अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को विदेश अध्ययन के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी देती थी। 2013-14 में शुरू हुई इस योजना का मकसद विदेश में उच्च शिक्षा की लागत कम कर रोजगार क्षमता बढ़ाना था।

मंत्रालय के अनुसार, पढ़ो परदेस के तहत मोरेटोरियम अवधि के दौरान देय ब्याज — कोर्स की अवधि प्लस एक साल या नौकरी मिलने के छह महीने बाद, जो भी पहले हो — भारत सरकार द्वारा पूरा वहन किया जाता था, उन पात्र छात्रों के लिए जिन्होंने भारतीय बैंक संघ (IBA) मॉडल शिक्षा ऋण योजना के तहत ऋण लिया था। इसमें इंजीनियरिंग, प्रबंधन और शुद्ध विज्ञान जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में विदेश में मास्टर्स, एमफिल और पीएचडी स्तर की पढ़ाई शामिल थी।

जरूरी बात: पढ़ो परदेस अब बंद है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 2022-23 शैक्षणिक वर्ष से यह योजना बंद कर दी, और भारतीय बैंक संघ ने सभी बैंकों को इसकी सूचना दी। अब कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं होता। यह गाइड उन पाठकों के लिए है जिन्होंने इस योजना के तहत पढ़ाई की या इसके इतिहास पर शोध कर रहे हैं।

पढ़ो परदेस के लिए कौन पात्र था?

चूंकि योजना बंद है, आज कोई भी आवेदन नहीं कर सकता। नीचे दी गई पात्रता ऐतिहासिक है, जो पढ़ो परदेस के चालू रहने के दौरान के नियमों को दर्शाती है।

जो आवेदन कर सकते थे (जब सक्रिय थी):

  • अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र।
  • जिन्हें किसी पात्र क्षेत्र में विदेश में मान्यता प्राप्त मास्टर्स, एमफिल या पीएचडी कोर्स में प्रवेश मिला था।
  • जिन्होंने किसी अनुसूचित बैंक से IBA मॉडल शिक्षा ऋण योजना के तहत शिक्षा ऋण लिया था।
  • जो योजना की कुल वार्षिक पारिवारिक आय सीमा और मंत्रालय के अन्य मानदंडों के भीतर थे।

जो आवेदन नहीं कर सकते थे (जब सक्रिय थी):

  • गैर-अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र (योजना अधिसूचित अल्पसंख्यकों तक सीमित थी)।
  • भारत में पढ़ाई करने वाले छात्र, या योजना में शामिल स्तर से नीचे के कोर्स करने वाले छात्र।
  • जिनके पास योग्य शिक्षा ऋण नहीं था।

आज, कोई भी आवेदन नहीं कर सकता, योजना बंद हो चुकी है और कोई खुली आवेदन विंडो नहीं है।

पढ़ो परदेस क्या देती थी?

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, लाभ यह था:

  • योग्य शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 100% ब्याज सब्सिडी, यानी सरकार उस ब्याज का भुगतान करती थी जो पढ़ाई के दौरान और उसके बाद की छोटी छूट अवधि में बढ़ता था।
  • मोरेटोरियम के बाद, उधारकर्ता सामान्य शर्तों पर ऋण की ब्याज और मूलधन की राशि चुकाना फिर से शुरू करता था।

इसकी कोई तय एकमुश्त सीमा नहीं थी; सब्सिडी योग्य ऋण राशि पर वास्तविक मोरेटोरियम-अवधि ब्याज के बराबर होती थी।

पढ़ो परदेस को बंद क्यों किया गया?

मंत्रालय ने 2022-23 से पढ़ो परदेस बंद करने के ये कारण बताए:

  • अन्य मंत्रालयों की समान ब्याज-सब्सिडी और छात्रवृत्ति योजनाओं से ओवरलैप
  • अपने उद्देश्यों के मुकाबले सीमित समग्र लाभ
  • कम ब्याज दरों पर शिक्षा ऋण की आसान उपलब्धता, जिससे सब्सिडी की जरूरत कम हो गई।

संसद में मंत्रालय के बयानों के अनुसार, बंद होने से पहले योजना के संचालन के दौरान 14,000 से अधिक छात्रों को फायदा हुआ।

पढ़ो परदेस के लिए आवेदन कैसे करें (Padho Pardesh online apply kaise kare)

पढ़ो परदेस अब आवेदन स्वीकार नहीं करती। यह योजना 2022-23 शैक्षणिक वर्ष से बंद हो चुकी है, इसलिए कोई सक्रिय आवेदन प्रक्रिया नहीं है। पूर्णता के लिए, ऐतिहासिक तरीका यह था:

  1. विदेश में मान्यता प्राप्त मास्टर्स, एमफिल या पीएचडी कोर्स में प्रवेश लेना।
  2. किसी अनुसूचित बैंक से IBA मॉडल शिक्षा ऋण योजना के तहत शिक्षा ऋण लेना।
  3. ऋण देने वाले बैंक के जरिए ब्याज-सब्सिडी दावा जमा करना, जो इसे नोडल बैंक (केनरा बैंक) और मंत्रालय तक मोरेटोरियम-अवधि ब्याज सब्सिडी के लिए भेजता था।

अगर आज कोई पढ़ो परदेस के लिए "पंजीकरण" कराने की पेशकश करे, तो इसे चेतावनी संकेत मानना चाहिए, क्योंकि यह योजना बंद है।

कहां सत्यापित करें और इसके बदले क्या करें

आधिकारिक स्रोत अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की वेबसाइट (minorityaffairs.gov.in) है, जिसमें पढ़ो परदेस पेज और बंद होने की स्थिति दी गई है। बंद होने से पहले जिन छात्रों को सब्सिडी मंजूर हुई थी, उन्हें शिकायतें अपने ऋण देने वाले बैंक और नोडल बैंक के जरिए भेजनी चाहिए।

चूंकि अल्पसंख्यक कार्य के तहत कोई सीधा विकल्प नहीं है, विदेश अध्ययन के लिए सहायता चाहने वाले छात्रों को अन्य केंद्रीय और राज्य शिक्षा-ऋण ब्याज-सब्सिडी योजनाओं, श्रेणी-विशिष्ट छात्रवृत्तियों, और अपने बैंक की शिक्षा-ऋण शर्तों को देखना चाहिए। संपादकीय दृष्टि से, चूंकि पढ़ो परदेस बंद है, इस विषय को एक स्वतंत्र गाइड के बजाय व्यापक "शिक्षा-ऋण ब्याज सब्सिडी" या "विदेश अध्ययन सहायता" पिलर पेज के भीतर एक छोटे ऐतिहासिक खंड के रूप में बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज़

Not applicable (scheme closed)optional
Padho Pardesh no longer accepts applications; documents are listed here only for historical reference.
Admission letter for overseas Master's / MPhil / PhDoptional
Historically required - proof of admission to an approved course abroad.
Sanctioned education loan under IBA Model Education Loan Schemeoptional
Historically required - the subsidy applied to interest on such loans.
Minority community and income certificateoptional
Historically required - to establish eligibility and the income ceiling.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पढ़ो परदेस अभी भी आवेदन के लिए खुली है?

नहीं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 2022-23 शैक्षणिक वर्ष से पढ़ो परदेस बंद कर दी। भारतीय बैंक संघ के जरिए बैंकों को सूचित कर दिया गया, और अब इस योजना के तहत कोई नया ब्याज सब्सिडी आवेदन स्वीकार नहीं होता।

पढ़ो परदेस सक्रिय रहते हुए क्या देती थी?

पढ़ो परदेस विदेश में मास्टर्स, एमफिल या पीएचडी करने वाले अल्पसंख्यक-समुदाय के छात्रों के लिए मोरेटोरियम अवधि - कोर्स की अवधि प्लस एक साल या नौकरी मिलने के छह महीने बाद, जो भी पहले हो - के दौरान शिक्षा ऋण पर 100% ब्याज चुकाती थी, जो स्वीकृत क्षेत्रों में हो।

पढ़ो परदेस को बंद क्यों किया गया?

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अन्य मंत्रालयों की समान योजनाओं से ओवरलैप, सीमित समग्र लाभ, और कम ब्याज दरों पर शिक्षा ऋण की आसान उपलब्धता को 2022-23 से योजना बंद करने के कारण बताया।

पढ़ो परदेस से कितने छात्रों को फायदा हुआ?

मंत्रालय के अनुसार, योजना के जीवनकाल (लगभग 2013-14 से 2021-22) के दौरान 14,000 से अधिक छात्रों को फायदा हुआ, बंद होने से पहले संचयी ब्याज सब्सिडी सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।

क्या विदेश अध्ययन के लिए ब्याज सब्सिडी की कोई विकल्प योजना है?

मंत्रालय ने अल्पसंख्यक कार्य के तहत सीधी एक-के-बदले-एक विकल्प योजना की घोषणा नहीं की। विदेश अध्ययन के लिए सहायता चाहने वाले छात्रों को अन्य केंद्रीय व राज्य शिक्षा-ऋण ब्याज सब्सिडी और छात्रवृत्ति योजनाओं, और अपने बैंक की शिक्षा ऋण शर्तों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि ये श्रेणी और कोर्स के अनुसार अलग-अलग होती हैं।

चूंकि योजना बंद है, तो अब किस्त या स्टेटस कब देखें?

चूंकि पढ़ो परदेस बंद है, कोई नई किस्त जारी नहीं होगी। जिन छात्रों को बंद होने से पहले सब्सिडी मंजूर हुई थी, वे अपनी बकाया राशि की स्थिति अपने ऋण देने वाले बैंक और नोडल बैंक (केनरा बैंक) से जांच सकते हैं।

विदेश अध्ययन के लिए शिक्षा ऋण कैसे लें?

1) विदेश में मान्यता प्राप्त कोर्स में प्रवेश लें। 2) IBA मॉडल शिक्षा ऋण योजना के तहत किसी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करें। 3) अन्य चालू ब्याज सब्सिडी या छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए अपनी पात्रता जांचें, क्योंकि पढ़ो परदेस अब यह विकल्प नहीं देती।

संबंधित योजनाएं (शिक्षा और छात्रवृत्ति)

Ministry of Minority Affairs की अन्य योजनाएं

और जानकारी चाहिए?

सभी केंद्र सरकार की योजनाएं श्रेणी के अनुसार देखें, या नाम से खोजें।

लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026