प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK)
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित क्षेत्र-विकास योजना है जो चिन्हित अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल संबंधी बुनियादी ढांचा तैयार करती है। कम से कम 80% संसाधन इन तीन क्षेत्रों में जाते हैं। इसे राज्य लागू करते हैं, व्यक्ति नहीं, और केंद्र-राज्य फंडिंग 60:40 से 90:10 तक होती है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम क्या है?
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित क्षेत्र-विकास योजना है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, PMJVK उन चिन्हित क्षेत्रों में सामुदायिक बुनियादी ढांचा और बुनियादी सुविधाएं तैयार करता है जहां अल्पसंख्यक जनसंख्या काफी अधिक है, ताकि इन क्षेत्रों और राष्ट्रीय औसत के बीच सामाजिक-आर्थिक व बुनियादी सुविधा संकेतकों में अंतर कम किया जा सके। यह पहले चल रहे बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (MsDP) का पुनर्गठित उत्तराधिकारी है और 2018 से अपने वर्तमान रूप में लागू है।
PMJVK व्यक्तियों को पैसा नहीं देता। इसके बजाय यह उन सुविधाओं को फंड करता है जो पूरे समुदाय के काम आती हैं: स्कूल, हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र, कौशल विकास केंद्र और इसी तरह की सुविधाएं; उन क्षेत्रों में जो ऐतिहासिक रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में पिछड़े रहे हैं। योजना जानबूझकर संसाधनों को केंद्रित करती है: कम से कम 80% संसाधन शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के लिए आरक्षित हैं, और महिला-केंद्रित परियोजनाओं को स्पष्ट प्राथमिकता दी जाती है।
मुख्य विशेषताएं
- यह क्षेत्र-विकास योजना है, व्यक्तिगत नकद लाभ नहीं।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़े बुनियादी ढांचे पर फोकस।
- जनगणना 2011 के डेटा के आधार पर चुने गए चिन्हित अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों को लक्षित करती है।
- केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच लागत साझेदारी।
PMJVK किन क्षेत्रों को कवर करता है?
PMJVK चिन्हित अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में काम करता है, जिन्हें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय मुख्य रूप से इस तरह वर्गीकृत करता है:
- गांवों का समूह (Cluster of Villages), आपस में सटे गांव जिनमें अल्पसंख्यक जनसंख्या काफी अधिक है।
- अल्पसंख्यक बहुल ब्लॉक, जो अल्पसंख्यक जनसंख्या और पिछड़ेपन की सीमा को पार करते हैं।
- अल्पसंख्यक बहुल कस्बे, जो इसी दोहरी शर्त को पूरा करते हैं।
- अल्पसंख्यक बहुल जिला मुख्यालय; इसी आधार पर चिन्हित जिला मुख्यालय।
क्षेत्रों को अल्पसंख्यक जनसंख्या हिस्सेदारी के साथ जनगणना 2011 के सामाजिक-आर्थिक व बुनियादी सुविधा डेटा के आधार पर चुना जाता है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, लगभग 1,300 क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं; जिनमें करीब 109 अल्पसंख्यक बहुल जिला मुख्यालय, 870 अल्पसंख्यक बहुल ब्लॉक और 321 अल्पसंख्यक बहुल कस्बे शामिल हैं। मकसद यह है कि बुनियादी ढांचे पर होने वाला खर्च उन जगहों पर पहुंचे जहां सामाजिक-आर्थिक संकेतक राष्ट्रीय औसत से नीचे हैं।
इस योजना के तहत छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी (जोरोस्ट्रियन) हैं। PMJVK में यह जरूरी नहीं कि क्षेत्र पूरी तरह अल्पसंख्यक-बहुल हो, बल्कि यह देखा जाता है कि अल्पसंख्यक जनसंख्या हिस्सेदारी और सुविधाओं का पिछड़ापन मिलकर लक्षित खर्च को उचित ठहराते हैं या नहीं।
PMJVK किस तरह की परियोजनाओं को फंड करता है?
PMJVK तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में केंद्रित कई तरह की सामुदायिक संपत्तियों को फंड करता है:
| क्षेत्र | संपत्तियों के उदाहरण |
|---|---|
| शिक्षा | स्कूल, हॉस्टल, डिग्री कॉलेज, आवासीय स्कूल |
| कौशल विकास | आईटीआई, पॉलिटेक्निक, हुनर हब, कौशल प्रशिक्षण केंद्र |
| स्वास्थ्य | स्वास्थ्य केंद्र, उप-केंद्र और संबद्ध सुविधाएं |
| सामुदायिक / बुनियादी सुविधाएं | सद्भाव मंडप और अन्य सामान्य सुविधाएं |
PMJVK के तहत कम से कम 80% संसाधन शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के लिए आरक्षित हैं, ताकि खर्च असंबंधित कार्यों में न बंट जाए। इसमें से एक बड़ा हिस्सा — लगभग 33% से 40% — खासतौर पर महिलाओं और लड़कियों के काम आने वाली संपत्तियों जैसे लड़कियों के हॉस्टल, कामकाजी महिला हॉस्टल और कौशल केंद्रों के लिए आरक्षित है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय काम को दो तरह में बांटता है। कमी-पूर्ति परियोजनाएं मानक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की कमी पूरी करती हैं; जैसे अतिरिक्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कॉलेज, कामकाजी महिला हॉस्टल और स्वास्थ्य सुविधाएं। नवाचार या गैर-कमी-पूर्ति परियोजनाएं PMJVK-विशिष्ट संपत्तियां हैं जो सामान्य प्रावधान से आगे जाती हैं: सद्भाव मंडप (सामुदायिक हॉल), आवासीय व गुरुकुल-तरह के स्कूल, स्मार्ट क्लासरूम, शिल्प व कौशल प्रशिक्षण के लिए हुनर हब, और बाजार शेड। अकेले 2018-19 और 2019-20 में मंत्रालय ने लगभग 85 आवासीय स्कूल, 22 डिग्री कॉलेज, 8 हुनर हब और 89 सद्भाव मंडप जैसी संपत्तियों को मंजूरी दी, जो इस योजना से फंड होने वाले कामों की विविधता दिखाता है।
PMJVK कैसे बना?
PMJVK बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (MsDP) का उत्तराधिकारी है, जिसे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पहली बार ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना से अल्पसंख्यक बहुल जिलों में विकास की कमियों को दूर करने के लिए शुरू किया था। मंत्रालय ने MsDP को पुनर्गठित कर मई 2018 से इसे प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के रूप में फिर से शुरू किया, और यह योजना चौदहवें वित्त आयोग की शेष अवधि तक जारी रखने के लिए मंजूर की गई। इस पुनर्गठन ने तीन काम किए: योजना बनाने की इकाई को जिले से घटाकर छोटे ब्लॉक, कस्बे और गांव समूह तक लाया गया ताकि खर्च वाकई पिछड़े इलाकों तक पहुंचे; शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर फोकस को तेज किया गया; और कवरेज को MsDP से ज्यादा चिन्हित क्षेत्रों तक बढ़ाया गया। PMJVK को केंद्र प्रायोजित योजना के तौर पर वर्गीकृत किया गया है, यानी केंद्र और राज्य मिलकर इसे फंड करते हैं और राज्य इसे लागू करते हैं।
कौन पात्र है, और कौन आवेदन नहीं कर सकता?
PMJVK को कौन लागू करता है:
- राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारें, अपने अल्पसंख्यक कल्याण या नोडल विभागों के जरिए, परियोजनाएं प्रस्तावित और लागू करती हैं।
- परियोजनाओं का मूल्यांकन और मंजूरी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय करता है।
कौन आवेदन नहीं कर सकता:
- व्यक्ति PMJVK के तहत व्यक्तिगत लाभ के लिए आवेदन नहीं कर सकते। किसी नागरिक के लिए पैसा दावा करने का कोई आवेदन फॉर्म नहीं है, यह इस योजना के बारे में सबसे आम गलतफहमी है।
- छात्रवृत्ति या सीधी अनुदान चाहने वाले निजी आवेदकों को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की अन्य योजनाएं देखनी चाहिए; PMJVK केवल साझा बुनियादी ढांचा बनाता है।
चिन्हित क्षेत्र के निवासियों को बनाई गई सुविधाओं का उपयोग करके लाभ मिलता है — बच्चों को नए स्कूल या हॉस्टल भेजकर, स्वास्थ्य केंद्र जाकर, या कौशल केंद्र में प्रशिक्षण लेकर — न कि कोई भुगतान पाकर।
PMJVK परियोजना के लिए कैसे आवेदन करें (PMJVK apply kaise kare)
चूंकि PMJVK एक क्षेत्र-विकास योजना है, इसमें "आवेदन" एक सरकारी प्रक्रिया है, न कि नागरिक का फॉर्म:
- राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अल्पसंख्यक जनसंख्या और जनगणना 2011 के सामाजिक-आर्थिक डेटा का उपयोग कर पात्र क्षेत्रों की पहचान करता है।
- विभाग प्रस्तावित संपत्तियों — स्कूल, हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र, कौशल हब जैसी — के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करता है।
- समेकित राज्य प्रस्ताव मूल्यांकन के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को भेजा जाता है।
- मंजूरी मिलने पर, लागत-साझेदारी पैटर्न के अनुसार फंड जारी किया जाता है और राज्य संपत्तियों का निर्माण व रखरखाव करता है, और मंत्रालय को प्रगति की रिपोर्ट देता है।
अगर आप अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्र में रहते हैं और कोई सुविधा बनवाना या बढ़वाना चाहते हैं, तो इसके लिए स्थानीय निकाय या राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संपर्क करें, जो इसे राज्य के प्रस्ताव में शामिल कर सकता है।
फंडिंग पैटर्न क्या है?
PMJVK की लागत केंद्र और राज्यों के बीच साझा होती है। केंद्र का हिस्सा आमतौर पर सामान्य राज्यों के लिए 60:40, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों तथा विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 90:10, और बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% होता है, यह केंद्र प्रायोजित योजनाओं के मानक नियमों के अनुरूप है। किसी विशेष परियोजना के लिए सटीक हिस्सेदारी लागू योजना दिशानिर्देशों से तय होती है।
PMJVK को कौन चलाता और निगरानी करता है?
PMJVK दो-स्तरीय व्यवस्था पर काम करता है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय दिशानिर्देश तय करता है, राज्य प्रस्तावों का मूल्यांकन करता है, परियोजनाओं को मंजूरी देता है और केंद्र का हिस्सा जारी करता है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारें, अपने अल्पसंख्यक कल्याण या नोडल विभागों के जरिए, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करती हैं, काम पूरा करती हैं, और फिर पूरी हुई संपत्तियों का स्वामित्व व रखरखाव करती हैं। चूंकि ये संपत्तियां सार्वजनिक बुनियादी ढांचा हैं, इसलिए पूरा हुआ स्कूल, हॉस्टल या स्वास्थ्य केंद्र संबंधित विभाग द्वारा चलाया जाता है, न कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा।
प्रगति की निगरानी PMJVK पोर्टल और समय-समय पर समीक्षा के जरिए की जाती है, और राज्यों से मंजूर परियोजनाओं की भौतिक व वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट देने की उम्मीद की जाती है। नई किस्त के लिए फंड आमतौर पर पिछली किस्त के संतोषजनक उपयोग पर निर्भर करता है, जो केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए सामान्य नियम है। जहां कोई मंजूर संपत्ति अटक जाती है, वहां मामला मंत्रालय और राज्य विभाग के बीच सुलझाया जाता है, न कि किसी व्यक्तिगत लाभार्थी द्वारा, क्योंकि इसमें लागू करने योग्य कोई व्यक्तिगत हक नहीं है।
मदद और कहां जांचें
- पोर्टल: pmjvk.minorityaffairs.gov.in (योजना विवरण और प्रगति)
- अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली, इस योजना को प्रशासित करता है
- अपने क्षेत्र में किसी परियोजना का प्रस्ताव देने या उसकी प्रगति जानने के लिए राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संपर्क करें
PMJVK साझा सामुदायिक बुनियादी ढांचे के बारे में है। कोई भी एजेंट नकद लाभ के लिए "आपका नाम जुड़वाने" का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि यह योजना व्यक्तियों को भुगतान नहीं करती।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम क्या है?
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित क्षेत्र-विकास योजना है जो चिन्हित अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में स्कूल, हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल केंद्र जैसा सामुदायिक बुनियादी ढांचा तैयार करती है, ताकि सामाजिक-आर्थिक और बुनियादी सुविधा संकेतकों में अंतर कम हो सके। इसे 2018 में पुरानी MsDP योजना को पुनर्गठित कर बनाया गया था।
क्या कोई व्यक्ति PMJVK के लाभ के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। कोई व्यक्ति PMJVK के लिए आवेदन नहीं कर सकता। यह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा लागू की जाने वाली क्षेत्र-विकास योजना है; इसका लाभ स्कूल, हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र या कौशल केंद्र जैसा साझा सामुदायिक बुनियादी ढांचा है, न कि किसी व्यक्ति को नकद भुगतान।
कौन से क्षेत्र इसमें शामिल हैं?
PMJVK चिन्हित अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों — गांवों के समूह और अल्पसंख्यक बहुल कस्बों — को कवर करता है, जिन्हें अल्पसंख्यक जनसंख्या हिस्सेदारी और जनगणना 2011 के सामाजिक-आर्थिक व बुनियादी सुविधा डेटा के आधार पर चुना जाता है। देशभर में लगभग 1,300 क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।
PMJVK किस तरह की परियोजनाओं को फंड करता है?
PMJVK मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में सामुदायिक बुनियादी ढांचे को फंड करता है — जैसे स्कूल, हॉस्टल, डिग्री कॉलेज, आईटीआई और पॉलिटेक्निक, स्वास्थ्य केंद्र, सद्भाव मंडप और हुनर हब। कम से कम 80% संसाधन शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के लिए आरक्षित हैं।
फंडिंग पैटर्न क्या है?
PMJVK एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसकी लागत केंद्र और राज्य साझा करते हैं। केंद्र का हिस्सा आमतौर पर सामान्य राज्यों के लिए 60:40, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों तथा विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 90:10, और बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% होता है।
PMJVK से किसे लाभ मिलता है?
चिन्हित अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों के निवासियों को बनाए गए स्कूल, हॉस्टल, स्वास्थ्य सुविधाओं और कौशल केंद्रों से लाभ मिलता है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और महिलाओं से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। यह बुनियादी ढांचा क्षेत्र के पूरे समुदाय के लिए खुला होता है।
क्या PMJVK पुरानी MsDP योजना जैसी ही है?
PMJVK बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (MsDP) का पुनर्गठित उत्तराधिकारी है। इस योजना का नाम बदलकर और इसे फिर से डिजाइन करके 2018 में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम बनाया गया, ताकि संसाधनों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल बुनियादी ढांचे पर अधिक केंद्रित किया जा सके।
PMJVK के तहत मेरे इलाके में नई परियोजना कब आएगी?
यह राज्य के प्रस्ताव, मंत्रालय की मंजूरी और फंड जारी होने पर निर्भर करता है, इसलिए कोई तय तारीख नहीं बताई जा सकती। ताज़ा प्रगति pmjvk.minorityaffairs.gov.in पोर्टल पर या अपने राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से देखी जा सकती है।
अपने क्षेत्र में PMJVK परियोजना के लिए कैसे आवेदन/अनुरोध करें?
चूंकि यह व्यक्तिगत आवेदन वाली योजना नहीं है, इसलिए प्रक्रिया इस तरह चलती है: 1) अपने क्षेत्र में सुविधा की जरूरत स्थानीय निकाय या राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तक पहुंचाएं। 2) विभाग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करता है। 3) राज्य का समेकित प्रस्ताव अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को भेजा जाता है। 4) मंजूरी मिलने पर फंड जारी होता है और राज्य निर्माण कार्य पूरा करता है।
PMJVK परियोजना की प्रगति या स्टेटस कैसे देखें?
पोर्टल pmjvk.minorityaffairs.gov.in पर योजना विवरण और प्रगति देखी जा सकती है, या अपने राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से सीधे जानकारी ली जा सकती है, क्योंकि परियोजनाओं की भौतिक व वित्तीय प्रगति की रिपोर्टिंग वहीं होती है।
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