Scheme Kosh

सफाई और स्वास्थ्य जोखिम वाले पेशों में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति

संक्षिप्त जानकारी

यह प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति मैला ढोने वालों, चमड़ा टेनरों, खाल उतारने वालों और कचरा बीनने वालों के कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों को, जाति या धर्म से परे, सहायता देती है। डे-स्कॉलर को दस महीनों के लिए Rs 110 प्रति माह और Rs 750 का वार्षिक तदर्थ अनुदान मिलता है; कक्षा 3 से 10 के हॉस्टलर को Rs 700 प्रति माह और Rs 1,000 मिलते हैं। आवेदन scholarships.gov.in पर ऑनलाइन करें।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: NSP helpdesk 0120-6619540
Benefit
दस महीनों के लिए Rs 110-700 प्रति माह और एक वार्षिक तदर्थ अनुदान
Maximum benefit
Rs 700 per month (hostellers) for ten months
How to apply
Online through the National Scholarship Portal (scholarships.gov.in)
Helpline
NSP helpdesk 0120-6619540

खतरनाक सफाई पेशों में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति क्या है?

सफाई और स्वास्थ्य जोखिम वाले पेशों में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है। विभाग के अनुसार, यह योजना 1977-78 से चल रही है ताकि सफाई और स्वच्छता कर्मियों के बच्चे प्री-मैट्रिक स्तर — कक्षा 1 से कक्षा 10 — तक स्कूल में बने रहें।

यह योजना इस मायने में असामान्य है कि यह जाति-आधारित नहीं है; पात्रता माता-पिता या अभिभावक के पेशे पर निर्भर करती है, परिवार के समुदाय पर नहीं। यह मैला ढोने वालों, चमड़ा टेनरों, खाल उतारने वालों, कचरा बीनने वालों और खतरनाक सफाई कार्य में लगे अन्य व्यक्तियों के बच्चों को कवर करती है, ताकि इन खतरनाक, कम आय वाले पेशों का बोझ स्कूल ड्रॉपआउट के जरिए अगली पीढ़ी को न सौंपा जाए।

आर्थिक सहायता सीमित लेकिन लक्षित है। कक्षा 1 से 10 तक के डे-स्कॉलर को दस महीनों के लिए Rs 110 प्रति माह के साथ Rs 750 प्रति वर्ष का तदर्थ अनुदान मिलता है। कक्षा 3 से 10 तक के हॉस्टलर को दस महीनों के लिए Rs 700 प्रति माह के साथ Rs 1,000 प्रति वर्ष का तदर्थ अनुदान मिलता है। दिव्यांग छात्रों के लिए अतिरिक्त भत्ते लागू होते हैं — कक्षा 3 से 10 के दृष्टिबाधित छात्रों के लिए Rs 100 प्रति माह का रीडर भत्ता, और हॉस्टल में न रहने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए Rs 50 प्रति माह का परिवहन भत्ता।

मुख्य विशेषताएं

  • पेशा-आधारित, जाति-आधारित नहीं; जाति या धर्म से परे उपलब्ध।
  • कक्षा 1 से 10 तक कवर (हॉस्टलर दर कक्षा 3 से लागू)।
  • डे-स्कॉलर: Rs 110/माह, 10 महीनों के लिए + Rs 750 तदर्थ अनुदान।
  • हॉस्टलर: Rs 700/माह, 10 महीनों के लिए + Rs 1,000 तदर्थ अनुदान।
  • पात्र दिव्यांग छात्रों के लिए अतिरिक्त रीडर और परिवहन भत्ता।

इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता क्या है?

आप आवेदन कर सकते हैं यदि:

  • बच्चा कक्षा 1 से 10 तक पूर्णकालिक पढ़ रहा है (हॉस्टलर लाभ कक्षा 3 से लागू)।
  • माता-पिता या अभिभावक कवर किए गए पेशे में लगे हैं — मैनुअल स्कैवेंजर्स एक्ट 2013 की धारा 2(1)(g) में परिभाषित मैला ढोने वाला, चमड़ा टेनर, खाल उतारने वाला, कचरा बीनने वाला, या उसी अधिनियम की धारा 2(1)(d) में परिभाषित खतरनाक सफाई कार्य में लगा व्यक्ति।
  • आप जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा नामित अन्य प्राधिकारी से पेशा प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

पात्रता जाति या धर्म से परे है। गोद लिए गए बच्चे इन पेशों में लगे गोद लेने वाले माता-पिता के साथ तीन साल रहने के बाद पात्र बनते हैं।

आप आवेदन नहीं कर सकते यदि:

  • बच्चा कक्षा 1 से 10 में नहीं है — यह योजना केवल प्री-मैट्रिक के लिए है, इसलिए कॉलेज और पोस्ट-मैट्रिक छात्र यहां पात्र नहीं हैं।
  • कोई भी माता-पिता या अभिभावक कवर किए गए खतरनाक सफाई पेशों में से किसी में काम नहीं करता, या आप आवश्यक पेशा प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर सकते।
  • छात्र किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पूर्णकालिक नामांकित नहीं है।

इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?

दस्तावेज अनिवार्य नोट्स
माता-पिता/अभिभावक का पेशा प्रमाण पत्र हां नामित कल्याण/स्थानीय निकाय प्राधिकारी से
नामांकन प्रमाण पत्र हां कक्षा 1 से 10 तक पूर्णकालिक अध्ययन
आधार कार्ड हां NSP पंजीकरण और DBT के लिए
बैंक पासबुक हां आधार-लिंक्ड, DBT के लिए
पासपोर्ट साइज फोटो नहीं NSP फॉर्म की आवश्यकता अनुसार
गोद लेने का प्रमाण पत्र नहीं केवल गोद लिए गए बच्चों के लिए

इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कैसे करें (online apply kaise kare)

  1. माता-पिता या अभिभावक के लिए पेशा प्रमाण पत्र जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी, स्थानीय निकाय, नागरिक एजेंसी या आपके राज्य सरकार द्वारा नामित प्राधिकारी से प्राप्त करें।
  2. खुली आवेदन अवधि के दौरान नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल scholarships.gov.in पर आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर का उपयोग कर छात्र को पंजीकृत करें।
  3. खतरनाक सफाई पेशों में लगे बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति चुनें और छात्र के स्कूल, कक्षा व पारिवारिक विवरण भरें।
  4. दस्तावेज अपलोड करें: पेशा प्रमाण पत्र, नामांकन प्रमाण, आधार और आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक, और यदि लागू हो तो गोद लेने का प्रमाण पत्र।
  5. आवेदन जमा करें और आवेदन आईडी नोट करें। स्कूल और राज्य नोडल प्राधिकारी दावे को सत्यापित करते हैं, जिसके बाद छात्रवृत्ति डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से दी जाती है।

कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस छात्रवृत्ति को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के अतिरिक्त या उसकी जगह अपने सामाजिक कल्याण विभागों के जरिए संचालित करते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले अपने स्कूल या जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी से सही माध्यम की पुष्टि कर लें।

इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में कितना लाभ मिलता है?

मुख्य लाभ साल में दस महीनों के लिए मासिक छात्रवृत्ति है — कक्षा 1 से 10 तक के डे-स्कॉलर के लिए Rs 110, और कक्षा 3 से 10 तक के हॉस्टलर के लिए Rs 700, साथ ही डे-स्कॉलर के लिए Rs 750 और हॉस्टलर के लिए Rs 1,000 का वार्षिक तदर्थ अनुदान। पूरे शैक्षणिक वर्ष में इसलिए एक हॉस्टलर को मासिक छात्रवृत्ति के रूप में Rs 7,000 और Rs 1,000 का अनुदान मिलता है, जबकि डे-स्कॉलर को Rs 1,100 और Rs 750 का अनुदान मिलता है।

दिव्यांग छात्रों को अतिरिक्त सहायता मिलती है: कक्षा 3 से 10 तक के दृष्टिबाधित छात्रों के लिए Rs 100 प्रति माह का रीडर भत्ता, और हॉस्टल में न रहने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए Rs 50 प्रति माह का परिवहन भत्ता। सभी राशियां आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से दी जाती हैं।

सहायता और विवरण कहां जांचें

ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी समस्याओं के लिए, नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल हेल्पडेस्क से 0120-6619540 पर या scholarships.gov.in के जरिए संपर्क किया जा सकता है। स्कीम विवरण, कवर किए गए पेशे और मौजूदा दरें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा socialjustice.gov.in पर प्रकाशित की जाती हैं। आवेदन का कोई शुल्क नहीं है, और कोई एजेंट आपकी ओर से छात्रवृत्ति नहीं दिलवा सकता: सब कुछ आधिकारिक पोर्टल और आपके स्कूल या जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी के जरिए होता है।

आवश्यक दस्तावेज़

Occupation certificate of parent/guardian
From the District Social Welfare Officer, local body, civic agency or authority designated by the State Government.
Certificate of enrolment
Proof the child studies full-time in Class 1 to 10 (hosteller benefit from Class 3).
Aadhaar card
For registration on the National Scholarship Portal and DBT.
Bank account passbook
Aadhaar-seeded account of the student or parent to receive the scholarship.
Passport-size photographoptional
As required by the NSP application form.
Adoption certificateoptional
Needed only for adopted children, who qualify after three years of residence with adoptive parents.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खतरनाक सफाई पेशों में लगे बच्चों के लिए यह प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति क्या देती है?

यह छात्रवृत्ति कक्षा 1 से 10 तक के डे-स्कॉलर को दस महीनों के लिए Rs 110 प्रति माह और Rs 750 का वार्षिक तदर्थ अनुदान देती है, और कक्षा 3 से 10 तक के हॉस्टलर को दस महीनों के लिए Rs 700 प्रति माह और Rs 1,000 का तदर्थ अनुदान देती है। पात्र दिव्यांग छात्रों के लिए अतिरिक्त रीडर और परिवहन भत्ता भी लागू होता है।

इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए कौन पात्र है?

कक्षा 1 से 10 तक पूर्णकालिक पढ़ने वाले वे बच्चे, जिनके माता-पिता या अभिभावक मैला ढोने वाले, चमड़ा टेनर, खाल उतारने वाले, कचरा बीनने वाले, या मैनुअल स्कैवेंजर्स एक्ट 2013 के तहत परिभाषित खतरनाक सफाई कार्य में लगे व्यक्ति हैं। पात्रता परिवार की जाति या धर्म से परे है।

क्या इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए कोई आय सीमा है?

इस योजना के लिए कोई आय सीमा तय नहीं है; पात्रता पारिवारिक आय की बजाय माता-पिता या अभिभावक के पेशे पर आधारित है। जरूरी बात यह है कि माता-पिता या अभिभावक के कवर किए गए खतरनाक सफाई पेशों में से किसी एक में काम करने की पुष्टि करने वाला वैध प्रमाण पत्र हो।

इस छात्रवृत्ति के तहत हॉस्टलर को कितना मिलता है?

कक्षा 3 से 10 तक का हॉस्टलर दस महीनों के लिए Rs 700 प्रति माह पाता है, जो सालाना Rs 7,000 होता है, साथ ही Rs 1,000 प्रति वर्ष का तदर्थ अनुदान मिलता है। कक्षा 1 से 10 तक के डे-स्कॉलर को कम दर, Rs 110 प्रति माह प्लस Rs 750 का तदर्थ अनुदान मिलता है।

इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन खुली अवधि के दौरान नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल scholarships.gov.in पर ऑनलाइन करें। छात्र को पंजीकृत करें, प्री-मैट्रिक आवेदन भरें, और माता-पिता का पेशा प्रमाण पत्र, नामांकन प्रमाण, आधार और बैंक विवरण अपलोड करें। छात्रवृत्ति डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से दी जाती है।

क्या गोद लिए गए बच्चे इस प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं?

हां। गोद लिए गए बच्चे उन गोद लेने वाले माता-पिता के साथ तीन साल रहने के बाद पात्र बनते हैं, जो कवर किए गए पेशों में लगे हैं। माता-पिता के पेशा प्रमाण पत्र के साथ गोद लेने का प्रमाण पत्र भी जरूरी है।

इस छात्रवृत्ति में कौन से पेशे शामिल हैं?

यह योजना मैनुअल स्कैवेंजर्स एक्ट 2013 में परिभाषित मैला ढोने वालों, चमड़ा टेनरों और खाल उतारने वालों, कचरा बीनने वालों, और उसी अधिनियम में परिभाषित खतरनाक सफाई कार्य में लगे व्यक्तियों को कवर करती है। इन पेशों में लगे किसी भी व्यक्ति के बच्चे को जाति या धर्म से परे पात्रता मिलती है।

छात्रवृत्ति की किस्त कब आएगी?

किस्त की तारीख स्कूल और राज्य नोडल प्राधिकारी द्वारा सत्यापन पूरा होने की गति पर निर्भर करती है, इसलिए कोई निश्चित तारीख पहले से नहीं बताई जा सकती। मौजूदा स्थिति जानने के लिए scholarships.gov.in पर लॉगिन कर अपने आवेदन का स्टेटस देखें।

छात्रवृत्ति का स्टेटस ऑनलाइन कैसे देखें?

scholarships.gov.in पर अपने रजिस्टर्ड यूजर आईडी से लॉगिन करें और "Application Status" सेक्शन में जाएं। यह बताएगा कि आपका आवेदन स्कूल सत्यापन, राज्य सत्यापन या भुगतान में से किस चरण पर है।

safai karamchari bachon ki scholarship ke liye online apply kaise kare?

आवेदन खुली अवधि के दौरान नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल scholarships.gov.in पर ऑनलाइन करें। छात्र को पंजीकृत करें, प्री-मैट्रिक आवेदन भरें, और माता-पिता का पेशा प्रमाण पत्र, नामांकन प्रमाण, आधार और बैंक विवरण अपलोड करें।

is scholarship ki kist kab aayegi?

किस्त की तारीख स्कूल और राज्य नोडल प्राधिकारी द्वारा सत्यापन पूरा होने की गति पर निर्भर करती है, इसलिए कोई निश्चित तारीख पहले से नहीं बताई जा सकती। मौजूदा स्थिति जानने के लिए scholarships.gov.in पर लॉगिन कर अपने आवेदन का स्टेटस देखें।

संबंधित योजनाएं (शिक्षा और छात्रवृत्ति)

Ministry Of Social Justice and Empowerment की अन्य योजनाएं

और जानकारी चाहिए?

सभी केंद्र सरकार की योजनाएं श्रेणी के अनुसार देखें, या नाम से खोजें।

लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026