विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी): पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप (PDF)
विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना के तहत पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप (PDF), फेज़ II में 225 पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को एक वर्ष के लिए मासिक फेलोशिप और शोध कंटीन्जेंसी अनुदान देती है। MeitY द्वारा वित्तपोषित और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित यह योजना सीधे नागरिक आवेदन से नहीं, बल्कि सहभागी शैक्षणिक व शोध संस्थानों के माध्यम से लागू होती है।
विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप क्या है?
विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) का एक प्रमुख मानव-संसाधन विकास कार्यक्रम है, जिसे डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) द्वारा लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) और सूचना प्रौद्योगिकी / आईटी-सक्षम सेवाओं (IT/ITES) क्षेत्रों में पीएचडी धारकों की संख्या बढ़ाना है, ताकि भारत में इन रणनीतिक तकनीकी क्षेत्रों में शोधकर्ताओं और शिक्षकों का एक मजबूत आधार तैयार हो सके।
इसी योजना के तहत पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप (PDF) घटक आता है। जहां मुख्य पीएचडी धारा विद्वानों को उनकी डॉक्टरेट पूरी होने तक वित्तपोषित करती है, वहीं PDF घटक उन शोधकर्ताओं को समर्थन देता है जो पहले से पीएचडी धारण करते हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स या आईटी विषय क्षेत्र में एक केंद्रित, एक वर्षीय पोस्ट-डॉक्टोरल शोध परियोजना करना चाहते हैं। डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के अनुसार, योजना के फेज़ II में 225 पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप दी जाती हैं, प्रत्येक एक वर्ष की अवधि के लिए, जिसमें मासिक फेलोशिप और शोध खर्चों के लिए एक रिसर्च कंटीन्जेंसी अनुदान शामिल है।
विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना का फेज़ II सितंबर 2021 में नौ वर्षों के लिए Rs 481.93 करोड़ के बजट के साथ स्वीकृत हुआ था। 225 पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के साथ-साथ, फेज़ II सहभागी संस्थानों में बड़ी संख्या में पूर्णकालिक और अंशकालिक पीएचडी उम्मीदवारों को भी वित्तपोषित करता है, जिससे यह इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में सरकार के बड़े लक्षित शोध-फेलोशिप कार्यक्रमों में से एक बन जाती है।
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए कौन पात्र है?
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप शोधकर्ताओं के लिए है, आम जनता के लिए नहीं।
आप विचार में लिए जा सकते हैं यदि:
- आपने ESDM या IT/ITES से संबंधित किसी विषय में पूर्ण पीएचडी कर रखी हो।
- आप योजना के दायरे में आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स या आईटी विषय क्षेत्र में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध परियोजना प्रस्तावित करते हों।
- आप विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना के तहत पंजीकृत किसी सहभागी संस्थान से जुड़े हों जो आपकी फेलोशिप की मेज़बानी और समर्थन करेगा।
आप आवेदन नहीं कर सकते यदि आपके पास अभी डॉक्टरेट नहीं है, आपका शोध क्षेत्र योजना के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी दायरे से बाहर है, या आप किसी पात्र मेज़बान संस्थान से जुड़े नहीं हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह व्यक्तिगत कल्याण लाभ नहीं है: एक सामान्य नागरिक नकद अनुदान के लिए आवेदन नहीं कर सकता। यह फेलोशिप एक शैक्षणिक शोध पद है जो किसी पात्र संस्थान के माध्यम से और वहीं लिया जाता है।
चूंकि योजना संस्थानों और आवधिक कॉल्स के माध्यम से प्रशासित होती है, प्रत्येक चक्र के लिए पात्रता विवरण और पीएचडी की सटीक हाल की समयसीमा डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन तय करती है। संभावित फेलो को वर्तमान चक्र के नियम आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करने चाहिए।
किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता है?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | नोट्स |
|---|---|---|
| पीएचडी डिग्री / पीएचडी पुरस्कार का प्रमाण | हां | संबंधित क्षेत्र में पूर्ण डॉक्टरेट |
| शोध प्रस्ताव | हां | इलेक्ट्रॉनिक्स या आईटी में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध योजना |
| पहचान प्रमाण (आधार / पैन) | हां | DBT आधारित भुगतान के लिए |
| बैंक खाता विवरण | हां | फेलोशिप प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से दी जाती है |
| मेज़बान संस्थान का समर्थन-पत्र | हां | फेलोशिप किसी सहभागी संस्थान में ली जाती है |
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें (apply kaise kare)
- आधिकारिक पोर्टल phd.dic.gov.in पर जाएं (डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना पोर्टल) और वर्तमान PDF दिशानिर्देशों तथा किसी खुली कॉल की समीक्षा करें।
- योजना के तहत पंजीकृत सहभागी मेज़बान संस्थान की पहचान करें, जहां आप पोस्ट-डॉक्टोरल शोध करेंगे, और वहां किसी पर्यवेक्षक या शोध समूह से अपने प्रस्ताव को संरेखित करें।
- अपना शोध प्रस्ताव और दस्तावेज़ तैयार करें; पीएचडी प्रमाण, शोध योजना, पहचान व बैंक विवरण, और मेज़बान संस्थान का समर्थन-पत्र।
- संबंधित चक्र के लिए पोर्टल पर निर्धारित संस्थागत मार्ग से आवेदन जमा करें।
- चयन होने पर, मेज़बान संस्थान में एक वर्ष की फेलोशिप शुरू करें और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से मासिक फेलोशिप व शोध कंटीन्जेंसी अनुदान प्राप्त करें।
चूंकि फेलोशिप संस्थान-केंद्रित है, अधिकांश शोधकर्ताओं के लिए व्यावहारिक पहला कदम किसी सहभागी संस्थान के ESDM/IT शोध समूह से संपर्क करना है, न कि किसी स्वतंत्र सार्वजनिक आवेदन विंडो की प्रतीक्षा करना।
फेलोशिप कितनी वित्तीय सहायता देती है?
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप एक वर्ष के लिए मासिक फेलोशिप देती है, साथ ही शोध संबंधी व्यय को कवर करने के लिए एक शोध कंटीन्जेंसी अनुदान भी। मुख्य पीएचडी धारा के लिए, आधिकारिक सामग्री पूर्णकालिक विद्वानों के लिए DBT के माध्यम से किराया प्रतिपूर्ति और प्रति उम्मीदवार Rs 1.20 लाख प्रति वर्ष के शोध कंटीन्जेंसी अनुदान के साथ मासिक फेलोशिप का वर्णन करती है।
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए विशेष रूप से, सटीक मासिक राशि सभी आधिकारिक पृष्ठों पर एक समान रूप से नहीं बताई गई है, इसलिए यह गाइड जानबूझकर कोई एक निश्चित आंकड़ा नहीं बताती। बजट बनाने से पहले phd.dic.gov.in के माध्यम से डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन से वर्तमान PDF फेलोशिप राशि और कंटीन्जेंसी मूल्य की सीधे पुष्टि करें; किसी असत्यापित आंकड़े को आगे बढ़ाना गलत होगा।
कहां सत्यापन करें
- आधिकारिक पोर्टल: phd.dic.gov.in
- डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन योजना पृष्ठ: dic.gov.in
- कार्यक्रम की पृष्ठभूमि के लिए NeGD / डिजिटल इंडिया पहल पृष्ठ
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए कोई समर्पित सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर प्रकाशित नहीं है; पूछताछ डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन और सहभागी संस्थान के माध्यम से की जाती है। चूंकि योजना का लाभ संस्थानों के माध्यम से शोधकर्ताओं तक पहुंचता है, यह गाइड पाठकों के लिए MeitY शोध फेलोशिप पर एक व्यापक पृष्ठ के हिस्से के रूप में अधिक उपयोगी हो सकती है, न कि एक स्वतंत्र उपभोक्ता योजना के रूप में।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप क्या है?
यह विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी) का एक हिस्सा है जो इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) और IT/IT-सक्षम सेवाओं के क्षेत्र में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध को समर्थन देती है। फेज़ II में 225 पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप दी जाती हैं, प्रत्येक एक वर्ष की अवधि के लिए, जिसमें मासिक फेलोशिप और शोध कंटीन्जेंसी अनुदान शामिल है।
कितनी पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप उपलब्ध हैं?
योजना के फेज़ II में 225 पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप का प्रावधान है। डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के अनुसार, प्रकाशन के समय इनमें से कुछ सक्रिय थीं, और शेष सितंबर 2021 में स्वीकृत नौ वर्षीय फेज़ II (बजट Rs 481.93 करोड़) की अवधि में चरणबद्ध रूप से दी जानी हैं।
क्या कोई व्यक्ति सीधे फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना सहभागी शैक्षणिक व शोध संस्थानों के माध्यम से लागू होती है, और फेलोशिप किसी मेज़बान संस्थान में ली जाती है। उम्मीदवार किसी पंजीकृत संस्थान के साथ मिलकर आवेदन करते हैं, न कि किसी स्वतंत्र सार्वजनिक आवेदन के माध्यम से।
PDF के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप में एक वर्ष के लिए मासिक फेलोशिप और शोध कंटीन्जेंसी अनुदान दिया जाता है। चूंकि PDF की सटीक मासिक राशि सभी आधिकारिक पृष्ठों पर एक समान रूप से प्रकाशित नहीं है, इसलिए आवेदन से पहले डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन से phd.dic.gov.in पर वर्तमान राशि की पुष्टि करें।
योजना को कौन वित्तपोषित करता है और कौन संचालित करता है?
यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा वित्तपोषित है और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) द्वारा लागू की जाती है। फेज़ II सितंबर 2021 में नौ वर्षों के लिए Rs 481.93 करोड़ के बजट के साथ स्वीकृत हुआ था।
पीएचडी फेलोशिप और पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप में क्या अंतर है?
पीएचडी फेलोशिप पूर्णकालिक व अंशकालिक डॉक्टोरल छात्रों को उनकी पीएचडी की अवधि के लिए समर्थन देती है, जबकि पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप उन शोधकर्ताओं को समर्थन देती है जिनके पास पहले से डॉक्टरेट है, इलेक्ट्रॉनिक्स या आईटी में एक वर्षीय पोस्ट-डॉक्टोरल शोध परियोजना के लिए।
PDF फेलोशिप की स्थिति कैसे जांचें?
चूंकि यह फेलोशिप संस्थान-आधारित है, इसकी स्थिति के लिए कोई केंद्रीकृत सार्वजनिक पोर्टल नहीं है। अपने मेज़बान संस्थान के समन्वयक से या phd.dic.gov.in के माध्यम से डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन से सीधे संपर्क करके अपनी फेलोशिप की स्थिति जानें।
इस फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें?
1) phd.dic.gov.in पर वर्तमान PDF दिशानिर्देश देखें। 2) योजना के तहत पंजीकृत किसी सहभागी मेज़बान संस्थान की पहचान करें और वहां किसी पर्यवेक्षक से जुड़ें। 3) पीएचडी प्रमाण, शोध प्रस्ताव, पहचान और बैंक विवरण तथा संस्थान का समर्थन-पत्र तैयार करें। 4) संबंधित चक्र के लिए निर्धारित संस्थागत मार्ग से आवेदन जमा करें। 5) चयन होने पर, मेज़बान संस्थान में एक वर्ष की फेलोशिप शुरू करें और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भुगतान प्राप्त करें।
Visvesvaraya PhD scheme post-doctoral fellowship ka status kaise check kare?
इस फेलोशिप की स्थिति के लिए कोई केंद्रीकृत सार्वजनिक पोर्टल नहीं है, क्योंकि यह संस्थान-आधारित है। अपने मेज़बान संस्थान के समन्वयक से या phd.dic.gov.in के माध्यम से डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन से सीधे संपर्क करके स्थिति जानें।
Visvesvaraya PhD scheme PDF ke liye online apply kaise kare?
कोई सीधा सार्वजनिक ऑनलाइन आवेदन नहीं है। phd.dic.gov.in पर दिशानिर्देश देखें, किसी पंजीकृत सहभागी मेज़बान संस्थान से जुड़ें, आवश्यक दस्तावेज़ (पीएचडी प्रमाण, शोध प्रस्ताव, पहचान व बैंक विवरण, संस्थान का समर्थन-पत्र) तैयार करें, और उसी संस्थान के निर्धारित मार्ग से आवेदन जमा करें।
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