कृषि विस्तार (एटीएमए योजना)
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की एटीएमए योजना के जरिए दी जाने वाली कृषि विस्तार सेवा हर जिले में किसान प्रशिक्षण, प्रदर्शन, एक्सपोज़र विजिट और फार्म स्कूलों को फंड करती है। किसानों को नकद नहीं मिलता; वे जिला एटीएमए के जरिए मुफ्त सलाहकार सेवाओं तक पहुंचते हैं। केंद्रीय फंडिंग पहाड़ी व नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में 90:10 और बाकी जगह 60:40 के अनुपात में होती है।
कृषि विस्तार (एटीएमए) योजना क्या है?
भारत में कृषि विस्तार मुख्य रूप से एटीएमए योजना — विस्तार सुधार के लिए राज्य विस्तार कार्यक्रमों को सहायता — के जरिए दी जाती है, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीए एंड एफडब्ल्यू) चलाता है। विभाग की एक्सटेंशन रिफॉर्म्स मॉनिटरिंग प्रणाली के अनुसार, यह योजना जिला स्तर की एक संस्था — एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (एटीएमए) — के जरिए काम करती है, जो किसानों को विस्तार गतिविधियों की योजना बनाती और सेवाएं देती है।
इस योजना का उद्देश्य नई कृषि तकनीक व जानकारी को अनुसंधान संस्थानों से खेत तक पहुंचाना है। किसानों को सीधे भुगतान करने के बजाय, यह विस्तार गतिविधियों के एक नेटवर्क — प्रशिक्षण कोर्स, खेत पर प्रदर्शन, एक्सपोज़र विजिट, फार्म स्कूल और नियमित किसान-वैज्ञानिक संवाद — को फंड करती है, ताकि किसान बीज, मिट्टी की सेहत, जल उपयोग, मशीनीकरण, पशुपालन, मत्स्य पालन और संबद्ध उद्यमों में बेहतर तरीके सीख सकें।
किसानों को क्या लाभ मिलते हैं?
एटीएमए के तहत कृषि विस्तार सेवाएं देता है, नकद नहीं। एक्सटेंशन रिफॉर्म्स सिस्टम के अनुसार, फंड की गई और मॉनिटर की गई गतिविधियों में शामिल हैं:
- ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर, तथा राज्य के बाहर भी किसान प्रशिक्षण।
- सुधरी हुई किस्मों व प्रथाओं को दिखाने वाले किसानों के खेतों पर प्रदर्शन।
- किसानों को सफल प्रथाएं सीधे देखने देने के लिए जिले, राज्य और अन्य राज्यों में एक्सपोज़र विजिट।
- प्रगतिशील अग्रणी किसानों द्वारा चलाए जाने वाले फार्म स्कूल, जो पूरे फसल सीजन में दूसरों का मार्गदर्शन करते हैं।
- गांवों के एक समूह को ब्लॉक विस्तार स्टाफ से जोड़ने वाले स्थानीय स्वयंसेवक फार्मर फ्रेंड्स।
- नई तकनीक फैलाने वाले किसान मेले, फील्ड डे और किसान-वैज्ञानिक संवाद।
ये वे घटक हैं जिन्हें राज्य एक्सटेंशन रिफॉर्म्स मॉनिटरिंग सिस्टम पर अपनी मासिक प्रगति रिपोर्ट में दर्ज करते हैं।
योजना को फंड कैसे किया जाता है?
एटीएमए के तहत कृषि विस्तार एक केंद्र प्रायोजित योजना है, यानी लागत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बंटती है। एटीएमए दिशानिर्देशों के अनुसार, बंटवारे का पैटर्न पहाड़ी व नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच 90:10, और अन्य राज्यों में 60:40 है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र पूरी तरह फंड करता है। यह फंडिंग राज्य व जिला विस्तार निकायों को जाती है — यह किसी व्यक्तिगत किसान के खाते में जमा होने वाली सब्सिडी नहीं है।
कौन पात्र है / कौन लाभ ले सकता है?
कौन लाभ लेता है:
- जिले के सभी किसान: छोटे, सीमांत और अन्य कृषक; एटीएमए के प्रशिक्षण, प्रदर्शन और एक्सपोज़र विजिट में भाग ले सकते हैं, आमतौर पर मुफ्त। दिशानिर्देश छोटे व सीमांत किसानों, महिला किसानों और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के किसानों को शामिल करने पर जोर देते हैं।
- किसान समूह, जैसे फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन, को प्रदर्शन व फार्म स्कूलों के लिए शामिल किया जाता है।
कौन आवेदन नहीं कर सकता:
- किसी व्यक्तिगत नकद लाभ के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकता: इसमें ऐसा कोई लाभ है ही नहीं। यही इस योजना के बारे में सबसे आम गलतफहमी है।
- यह योजना व्यक्तियों को हक के रूप में उपकरण, सब्सिडी या ग्रांट नहीं देती; ये डीए एंड एफडब्ल्यू की अन्य योजनाओं से आते हैं। एटीएमए की भूमिका सलाहकार व क्षमता-निर्माण की है।
भागीदारी स्थानीय स्तर पर ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम और जिला एटीएमए द्वारा आयोजित की जाती है, जो अपनी सालाना कार्य योजना के भीतर हर गतिविधि के लिए भागीदारों का चयन करते हैं।
कृषि विस्तार सेवाओं के लिए आवेदन/पहुंच कैसे करें
इसका कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। शामिल होने के लिए:
- अपनी ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम या जिला एटीएमए कार्यालय से संपर्क करें, जो आमतौर पर जिला कृषि विभाग के साथ स्थित होता है, और आगामी प्रशिक्षण, प्रदर्शन व एक्सपोज़र विजिट के बारे में पूछें।
- स्थानीय विस्तार स्टाफ के जरिए नामांकन कराएं, आपके क्षेत्र का एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजर, ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर या फार्मर फ्रेंड किसी निर्धारित गतिविधि में आपकी भागीदारी दर्ज करता है।
- एटीएमए द्वारा प्रोत्साहित फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप या फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन में शामिल हों, जो आमतौर पर प्रदर्शन व फार्म स्कूलों में जाने का सामान्य रास्ता है।
- मुफ्त टेलीफोन सलाहकार सहायता और अपने आसपास चल रही गतिविधियों की जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 का उपयोग करें।
योजना को कौन चलाता और सहायता देता है?
यह योजना केंद्र में डीए एंड एफडब्ल्यू द्वारा प्रशासित है और राज्य कृषि विभागों द्वारा जिला एटीएमए के जरिए लागू की जाती है। प्रशिक्षण व क्षमता-निर्माण सहायता राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद, एक्सटेंशन एजुकेशन इंस्टीट्यूट और राज्य कृषि प्रबंधन व विस्तार प्रशिक्षण संस्थानों (सामेटी) से मिलती है। मैनेज कृषि क्लिनिक व कृषि व्यवसाय केंद्र योजना और किसान कॉल सेंटर जैसे संबद्ध कार्यक्रमों को भी सहायता देता है।
यह एक संस्थागत योजना क्यों है, व्यक्तिगत लाभ नहीं
एटीएमए के तहत कृषि विस्तार को सबसे अच्छी तरह सरकार की किसान-शिक्षा मशीनरी के रूप में समझा जा सकता है, न कि किसी दावा किए जा सकने वाले लाभ के रूप में। यह किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने वाले लोगों, प्रशिक्षण और प्रदर्शनों के लिए भुगतान करती है, जिसे केंद्र व राज्य मिलकर फंड करते हैं। किसान अपने स्थानीय ब्लॉक व जिला कार्यालयों के जरिए इसकी गतिविधियों में भाग लेकर लाभ उठाते हैं; इसमें कोई बैंक ट्रांसफर, कोई ऑनलाइन पात्रता जांच और कोई व्यक्तिगत मंजूरी पत्र नहीं है। सीधी आय सहायता या इनपुट सब्सिडी चाहने वाले पाठकों को पीएम-किसान जैसी योजनाओं या इनपुट-सब्सिडी कार्यक्रमों को देखना चाहिए, जबकि एटीएमए का उपयोग इसके द्वारा दी जाने वाली मुफ्त जानकारी व प्रशिक्षण के लिए करना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कृषि विस्तार (एटीएमए) योजना किसानों को नकद देती है?
नहीं। एटीएमए योजना सेवाओं को फंड करती है, नकद अंतरण को नहीं। किसानों को मुफ्त प्रशिक्षण, खेत पर प्रदर्शन, एक्सपोज़र विजिट, फार्म स्कूल और ब्लॉक व जिला विस्तार स्टाफ से सलाह मिलती है। इसमें आवेदन करने के लिए कोई व्यक्तिगत नकद लाभ नहीं है, और यही बात ज्यादातर लोग गलत समझते हैं।
अपने जिले में कृषि विस्तार सेवाओं तक कैसे पहुंचें?
अपनी ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम या जिला एटीएमए (एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) कार्यालय से संपर्क करें, जो आमतौर पर जिला कृषि विभाग के साथ स्थित होता है। किसान इन स्थानीय निकायों के जरिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और एक्सपोज़र विजिट में शामिल होते हैं, न कि किसी ऑनलाइन व्यक्तिगत आवेदन के जरिए।
एटीएमए क्या है?
एटीएमए का मतलब है एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी, एक जिला-स्तरीय पंजीकृत सोसायटी जो कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तहत कृषि विस्तार की योजना बनाती और सेवाएं देती है। यह किसानों को एक समन्वित सलाहकार प्रणाली देने के लिए कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और संबद्ध विभागों की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करती है।
कृषि विस्तार योजना को कौन चलाता है?
यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा चलाई जाती है, एक केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में जिसे राज्य सरकारें जिला एटीएमए के जरिए लागू करती हैं। मैनेज, हैदराबाद और एक्सटेंशन एजुकेशन इंस्टीट्यूट प्रशिक्षण सहायता देते हैं।
एटीएमए के लिए केंद्र-राज्य फंडिंग पैटर्न क्या है?
यह योजना साझा आधार पर फंड होती है — पहाड़ी व नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच 90:10, और अन्य राज्यों में 60:40, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र पूरी तरह फंड करता है, जैसा एटीएमए दिशानिर्देशों में तय है। यह सरकारों के बीच फंड-प्रवाह व्यवस्था है, किसानों को भुगतान नहीं है।
क्या कोई व्यक्तिगत किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है?
व्यक्तिगत लाभ के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन मौजूद नहीं है। विस्तार सेवाएं स्थानीय ब्लॉक व जिला विस्तार तंत्र के जरिए किसानों तक पहुंचती हैं। हालांकि किसान मुफ्त सलाहकार सहायता और स्थानीय गतिविधियों की जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) का उपयोग कर सकते हैं।
एटीएमए किस तरह की गतिविधियां फंड करता है?
एटीएमए किसान प्रशिक्षण, खेत व क्लस्टर प्रदर्शन, राज्य के अंदर व बाहर एक्सपोज़र विजिट, अग्रणी किसानों द्वारा चलाए जाने वाले फार्म स्कूल, गांवों को विस्तार स्टाफ से जोड़ने वाले फार्मर फ्रेंड्स, किसान मेले, और किसान-वैज्ञानिक संवादों को फंड करता है, जिन्हें एक्सटेंशन रिफॉर्म्स ऑनलाइन सिस्टम पर मॉनिटर किया जाता है।
नजदीकी प्रशिक्षण/प्रदर्शन कार्यक्रम कब है, यह कैसे पता करें?
इसकी कोई तय राष्ट्रीय तारीख नहीं होती — कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर हर जिले की सालाना कार्य योजना के अनुसार तय होते हैं। मौजूदा कार्यक्रमों की जानकारी के लिए अपनी ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम, जिला एटीएमए कार्यालय से पूछें, या किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क करें।
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