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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत कृषि-वानिकी घटक

संक्षिप्त जानकारी

RKVY के तहत कृषि-वानिकी घटक किसानों को अपनी खेती योग्य भूमि पर फसलों के साथ-साथ पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है, ताकि आय बढ़े और जलवायु के प्रति खेत अधिक सहनशील बनें। यह 2016-17 में शुरू हुए कृषि-वानिकी उप-मिशन को आगे बढ़ाता है, जो भारत की 2014 की राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति को लागू करने के लिए बनाया गया था। यह राज्य कृषि विभागों के माध्यम से चलाया जाता है, इसलिए किसानों को सीधे केंद्रीय आवेदन के बजाय राज्य कार्यक्रमों के जरिए लाभ मिलता है।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: 1800-180-1551 (Kisan Call Centre)
Benefit
राज्य कार्यक्रमों के माध्यम से खेत में पेड़ लगाने के लिए सहायता
Maximum benefit
Varies by state activity and cost norms (not a fixed central amount)
How to apply
Through state agriculture department (no direct central citizen application)
Helpline
1800-180-1551 (Kisan Call Centre)

RKVY के तहत कृषि-वानिकी घटक क्या है?

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत कृषि-वानिकी घटक केंद्र सरकार का वह माध्यम है जिससे किसानों को अपनी फसलों के साथ-साथ और खेत की सीमाओं पर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित यह घटक पहले के कृषि-वानिकी उप-मिशन (SMAF) के काम को आगे बढ़ाता है, जिसे 2016-17 में भारत की 2014 की राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति को जमीन पर उतारने के लिए शुरू किया गया था। भारत दुनिया के उन शुरुआती देशों में शामिल था जिन्होंने एक समर्पित राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति अपनाई।

इस कार्यक्रम से जुड़ा मूल विचार "हर खेत की मेड़ और खाली जगह पर एक पेड़" के नारे में समाया है। कृषि-वानिकी एक ही भूमि पर पेड़ों को फसलों और कभी-कभी पशुधन के साथ जोड़ती है। सही तरीके से किए जाने पर, इससे किसान को लकड़ी, फल, चारे या अन्य वृक्ष उत्पादों से आय का एक अतिरिक्त स्रोत मिलता है, मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होता है, और खेत सूखे व अन्य जलवायु तनावों के प्रति अधिक सहनशील बनता है।

चूंकि कृषि-वानिकी को राज्य कृषि योजनाओं के माध्यम से लागू किया जाता है, इसलिए इस घटक को व्यक्तियों को दिए जाने वाले एक समान केंद्रीय लाभ के बजाय राज्यों द्वारा दिए जाने वाले एक ढांचे के रूप में समझना बेहतर है।

कृषि-वानिकी सहायता के लिए कौन पात्र है?

यह कार्यक्रम किनके लिए है:

  • वे किसान जो भूमि पर खेती करते हैं और अपनी फसलों के साथ या खेत की सीमाओं पर पेड़ लगाना चाहते हैं।
  • ऐसे किसान जो अपने राज्य की RKVY कृषि योजना के तहत अपनाई गई विशिष्ट गतिविधियों को अपनाने के इच्छुक हैं, जैसे नर्सरी विकास या वृक्षारोपण।

किन्हें सीधे लाभ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए:

  • केंद्र सरकार से सीधे नकद भुगतान चाहने वाले व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकते। यह नकद-अंतरण योजना नहीं है, और व्यक्तिगत लाभ के लिए कोई केंद्रीय ऑनलाइन आवेदन नहीं है।
  • भूमिहीन व्यक्ति आमतौर पर इसके लक्ष्य नहीं हैं, क्योंकि गतिविधियां खेती योग्य भूमि पर पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने पर केंद्रित हैं।

व्यवहार में पात्रता राज्य कार्यान्वयन एजेंसी तय करती है, जो हर साल यह निर्धारित करती है कि वह किन किसानों और किन गतिविधियों को सहायता देगी।

कृषि-वानिकी सहायता के लिए आवेदन कैसे करें

  1. अपने राज्य कृषि या बागवानी विभाग से संपर्क करें। जिला कृषि कार्यालय आमतौर पर पहला संपर्क बिंदु होता है।
  2. पता करें कि राज्य की RKVY योजना के तहत आपके जिले में कौन सी कृषि-वानिकी गतिविधियां लागू की जा रही हैं, जैसे रोपण सामग्री की आपूर्ति, वृक्षारोपण सहायता या प्रदर्शन।
  3. भूमि या खेती के रिकॉर्ड, पहचान प्रमाण और बैंक विवरण देते हुए विभाग के साथ लाभार्थी के रूप में पंजीकरण कराएं।
  4. स्वीकृत गतिविधि अपनाएं — उदाहरण के लिए नर्सरी लगाना या अनुशंसित वृक्ष प्रजातियां लगाना — और विभाग के मार्गदर्शन का पालन करें।
  5. राज्य कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली कोई भी सहायता प्राप्त करें, जो नकद सहायता होने पर आमतौर पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए मिलती है।

कार्यक्रम कौन सी सहायता प्रदान करता है?

कृषि-वानिकी उप-मिशन के तहत, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने नर्सरी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री का उत्पादन, खेत में वृक्षारोपण, किसानों का क्षमता निर्माण, और प्रदर्शन तथा विस्तार जैसी गतिविधियों को सहायता दी। अब यह घटक RKVY के तहत चलता है, इसलिए सटीक गतिविधियां, लागत मानदंड और केंद्र-राज्य वित्त पोषण का बंटवारा राज्य की कृषि योजना के भीतर तय होता है और राज्यों के अनुसार अलग-अलग होता है।

चूंकि ये विवरण राज्य-दर-राज्य भिन्न होते हैं और समय-समय पर संशोधित होते हैं, किसानों को एक ही राष्ट्रीय आंकड़े को मानकर चलने के बजाय अपने जिला कृषि कार्यालय से उपलब्ध सटीक सहायता की पुष्टि करनी चाहिए।

कृषि-वानिकी क्यों महत्वपूर्ण है

कृषि-वानिकी एक साथ कई लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करती है: यह खेती से होने वाली आय में विविधता लाती है, वनों के बाहर वृक्षों का आवरण बढ़ाती है, मिट्टी और जल संरक्षण में सुधार करती है, और खेत की भूमि पर कार्बन भंडारण बढ़ाकर भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं में योगदान देती है। कृषि-वानिकी को RKVY के भीतर शामिल करके, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय राज्यों को अपनी स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेत-में-पेड़ गतिविधियां डिजाइन करने की सुविधा देता है।

सहायता और जानकारी की पुष्टि कहां करें

  • किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551, योजनाओं पर मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय कृषि हेल्पलाइन
  • राज्य कृषि/बागवानी विभाग और जिला कृषि कार्यालय, अपने क्षेत्र में वास्तव में उपलब्ध गतिविधियों के लिए
  • RKVY पोर्टल: rkvy.da.gov.in, कार्यक्रम के ढांचे के लिए

नोट: इस लेख को लिखते समय समर्पित केंद्रीय कृषि-वानिकी वेब पेज उपलब्ध नहीं हो सके, इसलिए ऊपर दी गई जानकारी 2014 की स्थापित राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति और कृषि-वानिकी उप-मिशन के ढांचे पर आधारित है। किसानों को आगे बढ़ने से पहले अपने राज्य कृषि विभाग से मौजूदा गतिविधियों, पात्रता और किसी भी सहायता की पुष्टि करनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़

Land ownership / cultivation records
Proof that the applicant cultivates the land proposed for agroforestry.
Identity proof (Aadhaar)
For farmer registration under the state programme.
Bank account details
For any assistance released through Direct Benefit Transfer by the state.
Details of the plantation planoptional
Species and area proposed, as required by the state implementing agency.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RKVY के तहत कृषि-वानिकी घटक क्या है?

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत कृषि-वानिकी घटक किसानों को अपनी फसलों के साथ-साथ और खेत की मेड़ों पर पेड़ लगाने को बढ़ावा देता है, ताकि खेती से होने वाली आय में विविधता आए और जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता बढ़े। यह 2016-17 में शुरू किए गए कृषि-वानिकी उप-मिशन को आगे बढ़ाता है, जो भारत की 2014 की राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति को व्यवहार में लाने के लिए बनाया गया था।

कृषि-वानिकी कार्यक्रम किस मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है?

यह कार्यक्रम भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है, और जमीनी स्तर पर इसे राज्य कृषि या बागवानी विभाग RKVY के तहत अपनी राज्य कृषि योजनाओं के हिस्से के रूप में लागू करते हैं।

कृषि-वानिकी सहायता के लिए कौन पात्र है?

वे किसान जो भूमि पर खेती करते हैं और अपनी फसलों के साथ पेड़ लगाना चाहते हैं, इस योजना के मुख्य लाभार्थी हैं। सहायता राज्य कार्यक्रमों के माध्यम से दी जाती है, इसलिए पात्रता, गतिविधियां और कोई भी सहायता इस बात पर निर्भर करती है कि राज्य ने क्या कार्यक्रम अपनाया है। सीधे नकद लाभ चाहने वाले भूमिहीन व्यक्ति इस घटक का लक्ष्य नहीं हैं।

क्या मैं कृषि-वानिकी लाभ के लिए सीधे केंद्र सरकार को आवेदन कर सकता हूं?

नहीं। इसके लिए कोई सीधा केंद्रीय नागरिक आवेदन नहीं है। कृषि-वानिकी को राज्य कृषि और बागवानी विभागों के माध्यम से लागू किया जाता है, इसलिए किसान को इसमें भाग लेने के लिए जिला कृषि कार्यालय या राज्य नोडल एजेंसी से संपर्क करना चाहिए।

कृषि-वानिकी कार्यक्रम किस प्रकार की सहायता देता है?

इस कार्यक्रम के तहत नर्सरी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री का उत्पादन, खेत में वृक्षारोपण, क्षमता निर्माण और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों को सहायता दी गई है। सटीक गतिविधियां और लागत मानदंड राज्य द्वारा अपनी RKVY योजना के तहत तय किए जाते हैं, इसलिए ये राज्य-दर-राज्य अलग होते हैं।

राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति क्या है?

भारत ने 2014 में राष्ट्रीय कृषि-वानिकी नीति अपनाई, जिससे भारत समर्पित कृषि-वानिकी नीति रखने वाले पहले देशों में से एक बना। कृषि-वानिकी उप-मिशन, और अब RKVY के तहत कृषि-वानिकी घटक, इसी नीति को लागू करने के साधन हैं।

कृषि-वानिकी सहायता के लिए आवेदन कैसे करें?

अपने जिला कृषि कार्यालय या राज्य कृषि/बागवानी विभाग से संपर्क करें, वहां अपने जिले में चल रही कृषि-वानिकी गतिविधियों की जानकारी लें, भूमि रिकॉर्ड, पहचान प्रमाण और बैंक विवरण के साथ लाभार्थी के रूप में पंजीकरण कराएं, और विभाग के मार्गदर्शन के अनुसार स्वीकृत गतिविधि (जैसे नर्सरी या वृक्षारोपण) शुरू करें। कोई भी सहायता आमतौर पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए मिलती है।

राज्य में कृषि-वानिकी की वर्तमान स्थिति या उपलब्ध गतिविधियां कैसे पता करें?

चूंकि यह घटक राज्य द्वारा लागू किया जाता है, इसकी मौजूदा स्थिति और उपलब्ध गतिविधियों की जानकारी के लिए अपने जिला कृषि कार्यालय या राज्य कृषि विभाग से सीधे संपर्क करें, या RKVY पोर्टल (rkvy.da.gov.in) देखें। किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर कॉल करके भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

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लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026