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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कल्याण हेतु स्वयंसेवी संगठनों को सहायता योजना

संक्षिप्त जानकारी

अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु स्वयंसेवी संगठनों को सहायता योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक केंद्रीय अनुदान-सहायता योजना है। यह उन NGO को स्वीकृत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्त-पोषित करती है जो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कौशल व व्यावसायिक प्रशिक्षण चलाते हैं। कम-से-कम तीन साल पुराने पंजीकृत स्वयंसेवी संगठन ऑनलाइन आवेदन करते हैं; व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकते।

Benefit
पात्र NGO को स्वीकृत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक अनुदान-सहायता
Maximum benefit
Up to 90% of approved project cost
How to apply
Online application by registered voluntary organisations
Helpline
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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कल्याण हेतु स्वयंसेवी संगठनों को सहायता योजना क्या है?

अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु स्वयंसेवी संगठनों को सहायता योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली एक केंद्रीय क्षेत्र की अनुदान-सहायता योजना है। इसका उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की शैक्षणिक व सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने में स्वयंसेवी क्षेत्र को शामिल करना है।

मंत्रालय द्वारा प्रकाशित योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, पंजीकृत गैर-सरकारी संगठनों को केंद्र स्थापित करने और OBC के कौशल को उन्नत करने वाली सेवाएं देने के लिए सहायता दी जाती है, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से खुद आय-अर्जक गतिविधि शुरू कर सकें या वेतन-रोजगार पा सकें। भारत सरकार स्वीकृत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्त-पोषित करती है, और शेष 10 प्रतिशत संगठन अपने स्रोतों से देता है।

यह शुरुआत में ही समझना जरूरी है: यह योजना व्यक्तिगत OBC छात्रों या कामगारों को सीधे पैसा नहीं देती। यह प्रशिक्षण केंद्र चलाने वाले NGO को वित्त-पोषित करती है। व्यक्तियों को लाभ उन केंद्रों द्वारा दिए जाने वाले कौशल-विकास व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में भाग लेकर मिलता है, आमतौर पर मुफ्त में।

इस योजना के लिए कौन पात्र है?

आवेदन कर सकने वाले संगठन:

  • कानूनी रूप से पंजीकृत स्वयंसेवी संगठन; सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत, या कंपनी अधिनियम की धारा 25 के तहत, या संबंधित कानून के तहत सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में कार्यरत।
  • वे संगठन जो कम-से-कम तीन साल से अस्तित्व में और कार्यरत हैं (सचिव की मंज़ूरी से इस शर्त में छूट दी जा सकती है)।
  • संबंधित कार्यक्षेत्र में कम-से-कम दो साल का अनुभव रखने वाले संगठन।
  • उचित प्रशासनिक ढांचे और गठित समितियों वाले गैर-लाभकारी निकाय, जिन्होंने पिछले तीन साल से बैंक खाता बनाए रखा हो।

कौन आवेदन नहीं कर सकता:

  • व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकते। कोई OBC छात्र, बेरोज़गार युवा या कामगार इस योजना के तहत सीधा भुगतान नहीं पा सकता।
  • लाभ-कमाने वाली संस्थाएं और निजी लाभ के लिए चलाए जाने वाले संगठन पात्र नहीं हैं।
  • जिन संगठनों को उसी गतिविधि के लिए किसी अन्य सरकारी स्रोत से पहले ही धन मिल रहा है, वे डुप्लीकेट फंडिंग का दावा नहीं कर सकते।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) जैसे संगठनों के लिए अनुदान 90 प्रतिशत की बजाय कुल परियोजना लागत के 30 प्रतिशत तक सीमित है।

लाभ और वित्त-पोषण पैटर्न क्या हैं?

  • सरकार का हिस्सा: पात्र स्वयंसेवी संगठनों के लिए स्वीकृत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक; PSU और NBCFDC जैसे संगठनों के लिए 30 प्रतिशत
  • संगठन का हिस्सा: शेष 10 प्रतिशत (PSU श्रेणी के लिए 70 प्रतिशत), संगठन के अपने स्रोतों से।
  • पहली किस्त: निर्धारित आवेदन और सहायक दस्तावेज़ जमा करने पर अनुमानित लागत का 75 प्रतिशत तक जारी की जाती है।
  • शेष किस्त: ऑडिट किए गए खातों का विवरण, उपयोगिता प्रमाण-पत्र और निरीक्षण रिपोर्ट जमा करने के बाद जारी की जाती है।

अनुदान से कौशल व व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों को सहायता मिल सकती है, और सरकार द्वारा पहचाने गए पिछड़े जिलों और सांसद आदर्श ग्राम योजना जैसी पहलों के तहत भी परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं।

कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

दस्तावेज़ अनिवार्य नोट्स
पंजीकरण प्रमाण-पत्र हां सोसाइटी अधिनियम, कंपनी अधिनियम की धारा 25, या सार्वजनिक ट्रस्ट
ऑडिट किए गए खाते (पिछले वर्षों के) हां उपयोगिता प्रमाण-पत्र सहित
बैंक खाता विवरण हां कम-से-कम तीन साल से बनाए रखा गया खाता
परियोजना प्रस्ताव और बजट हां गतिविधि योजना, लाभार्थियों की संख्या, मद-वार बजट
संचालन मंडल/समिति की सूची हां उचित प्रशासनिक ढांचे का प्रमाण

इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें (apply kaise kare)

  1. पुष्टि करें कि आपका संगठन पात्रता शर्तों को पूरा करता है — कानूनी पंजीकरण, कम-से-कम तीन साल का अस्तित्व, दो साल का संबंधित अनुभव और तीन साल का बैंक खाता इतिहास।
  2. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के NGO अनुदान-सहायता पोर्टल पर (socialjustice.gov.in से पहुंच योग्य) अपना संगठन ऑनलाइन पंजीकृत करें, जहां केंद्रीय अनुदान-सहायता आवेदन संसाधित होते हैं।
  3. गतिविधि योजना, OBC लाभार्थियों की संख्या, मद-वार बजट और अपेक्षित परिणामों के साथ एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार करें।
  4. पंजीकरण प्रमाण-पत्र, ऑडिट किए गए खाते, पिछले किसी अनुदान के उपयोगिता प्रमाण-पत्र, बजट अनुमान और संचालन मंडल का विवरण अपलोड करें।
  5. मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा जांच के लिए ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन जमा करें।
  6. मंज़ूरी मिलने पर पहली किस्त (75 प्रतिशत तक) प्राप्त करें, परियोजना चलाएं, और शेष राशि पाने के लिए ऑडिट किए गए खाते व उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करें।

मंत्रालय द्वारा अनुदान मंज़ूर करने से पहले आवेदन संबंधित राज्य सरकार के माध्यम से भेजे जाते हैं और वहां टिप्पणी की जाती है, इसलिए इस सत्यापन चरण के लिए समय रखें।

धन की निगरानी कैसे होती है?

धन का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए। संगठन को अनुदान के लिए एक अलग सहायक खाता बनाए रखना होगा, उसी गतिविधि के लिए किसी अन्य स्रोत से डुप्लीकेट फंडिंग नहीं ले सकता, और अनुदान से खरीदे गए पूंजीगत उपकरण को सरकार की मंज़ूरी के बिना नहीं बेच सकता। दूसरी किस्त जारी करने के लिए भौतिक निरीक्षण और निरीक्षण रिपोर्ट जरूरी हैं।

सहायता और विवरण सत्यापित करने की जगह

सबसे विश्वसनीय संदर्भ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की वेबसाइट (socialjustice.gov.in) पर होस्ट की गई योजना दिशानिर्देश PDF है। मंत्रालय ने इस योजना के लिए कोई समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन प्रकाशित नहीं की है; प्रश्न मंत्रालय के सामान्य संपर्क माध्यमों और राज्य के OBC/समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जाते हैं, जो राज्य स्तर पर आवेदन संसाधित करता है। चूंकि वित्त-पोषण मानदंड और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर संशोधित होती है, आवेदन से पहले मौजूदा दिशानिर्देश और पोर्टल जरूर सत्यापित करें।

आवश्यक दस्तावेज़

Registration certificate of the organisation
Under the Societies Registration Act, Section 25 of the Companies Act, or as a public trust.
Audited accounts of the previous years
Audited statement of accounts supported by a utilisation certificate.
Bank account details
The organisation must have maintained a bank account for at least the last three years.
Project proposal and budget estimate
Detailed activity plan, number of beneficiaries and item-wise budget.
List of governing body / management committee
Evidence of a proper administrative structure and constituted committees.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

OBC स्वयंसेवी संगठन योजना में कितना अनुदान मिलता है?

भारत सरकार स्वीकृत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक योगदान देती है, और शेष 10 प्रतिशत स्वयंसेवी संगठन को अपने स्रोतों से देना होता है। PSU और NBCFDC जैसे संगठनों के लिए अनुदान कुल परियोजना लागत के 30 प्रतिशत तक सीमित है।

क्या कोई व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है?

नहीं। यह पंजीकृत स्वयंसेवी संगठनों के लिए अनुदान-सहायता योजना है, कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं। व्यक्तिगत OBC छात्र या कामगार आवेदन नहीं कर सकते। उन्हें लाभ अप्रत्यक्ष रूप से मिलता है, वित्त-पोषित NGO द्वारा चलाए जाने वाले केंद्रों में प्रशिक्षु के रूप में।

कौन-से संगठन आवेदन के लिए पात्र हैं?

सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, कंपनी अधिनियम की धारा 25, या सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में कानूनी रूप से पंजीकृत गैर-लाभकारी स्वयंसेवी संगठन, जो कम-से-कम तीन साल से काम कर रहे हों और संबंधित क्षेत्र में कम-से-कम दो साल का अनुभव रखते हों, पात्र हैं।

इस योजना के तहत वित्त-पोषित परियोजनाओं से किसे लाभ मिलता है?

अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को लाभ मिलता है। वित्त-पोषित केंद्र OBC लाभार्थियों के कौशल को उन्नत करते हैं ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से आय-अर्जक गतिविधि शुरू कर सकें या वेतन-रोजगार पा सकें।

किस तरह की परियोजनाओं को वित्त-पोषित किया जाता है?

OBC के कौशल को उन्नत करने वाले केंद्र स्थापित करने और सेवाएं देने वाली परियोजनाएं — स्वरोजगार या वेतन-रोजगार की ओर ले जाने वाला व्यावसायिक व कौशल-विकास प्रशिक्षण — वित्त-पोषित की जाती हैं, जिसमें सरकार द्वारा पहचाने गए पिछड़े जिलों और क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।

अनुदान कैसे जारी किया जाता है?

अनुमानित लागत का 75 प्रतिशत तक पहली किस्त आवेदन और सहायक दस्तावेज़ों के आधार पर जारी की जाती है। शेष राशि तब जारी होती है जब संगठन ऑडिट किया गया खातों का विवरण, उपयोगिता प्रमाण-पत्र और निरीक्षण रिपोर्ट जमा करता है।

इस योजना को कौन-सा मंत्रालय चलाता है?

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में इसे चलाता है।

यह अनुदान संस्थान को कब मिलता है और आगे की किस्त कब जारी होगी, यह कैसे पता करें?

किस्तें आवेदन जांच और निरीक्षण रिपोर्ट पूरी होने के बाद जारी होती हैं, इनकी कोई निश्चित तिथि पहले से तय नहीं होती। आवेदन और अनुदान की मौजूदा स्थिति के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की वेबसाइट socialjustice.gov.in पर दिशानिर्देश देखें, या संबंधित राज्य के OBC/समाज कल्याण विभाग से संपर्क करें जो आवेदन को राज्य स्तर पर संसाधित करता है।

संगठन इसके लिए आवेदन कैसे करे?

संगठन को सोशल जस्टिस मंत्रालय के NGO अनुदान-सहायता पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है, वहां पंजीकरण प्रमाण-पत्र, ऑडिट किए गए खाते, परियोजना प्रस्ताव और बजट अनुमान अपलोड करना होता है, और इसके बाद संबंधित राज्य सरकार व मंत्रालय द्वारा जांच की जाती है। नीचे दी गई विस्तृत आवेदन प्रक्रिया देखें।

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लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026

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