बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल एससी-एसटी हब का एक उप-घटक है, जो एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म या लघु उद्यम द्वारा भुगतान किए गए बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क का 80% प्रतिपूर्ति करती है, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 1,00,000 (करों को छोड़कर) है। एससी/एसटी उद्यमी नेशनल एससी-एसटी हब पोर्टल scsthub.in के माध्यम से आवेदन करते हैं।
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना क्या है?
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के कार्यक्रम नेशनल एससी-एसटी हब (NSSH) का एक उप-घटक है, जिसे नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (NSIC) द्वारा क्रियान्वित किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए उधार लेने की प्रारंभिक लागत को कम करना है, ताकि अधिक एससी/एसटी स्वामित्व वाले उद्यम अनौपचारिक वित्त पर निर्भर रहने के बजाय संस्थागत ऋण लें।
नेशनल एससी-एसटी हब के अनुसार, यह योजना पात्र उद्यम द्वारा भुगतान किए गए बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क का 80% प्रतिपूर्ति करती है, जिसकी अधिकतम सीमा (GST और अन्य लागू करों को छोड़कर) Rs 1,00,000 है, जो भी कम हो। यह फंड-आधारित ऋणों (जैसे टर्म लोन और कैश क्रेडिट) और गैर-फंड-आधारित सुविधाओं (जैसे बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट) दोनों को कवर करती है।
मुख्य विशेषताएं
- प्रोसेसिंग शुल्क का 80% प्रतिपूर्ति, अधिकतम Rs 1,00,000 तक सीमित।
- एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों पर लागू।
- फंड-आधारित और गैर-फंड-आधारित दोनों प्रकार के ऋणों को कवर करती है।
- सत्यापन के बाद सीधे उद्यम के बैंक खाते में भेजी जाती है।
यह योजना क्यों बनाई गई
नेशनल एससी-एसटी हब की स्थापना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए आवश्यक गुणवत्ता और ऋण मानकों को पूरा करने में मदद करने के लिए की गई थी, जिसमें वह सार्वजनिक-खरीद लक्ष्य भी शामिल है जिसके तहत केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों को अपनी खरीद का एक हिस्सा एससी/एसटी स्वामित्व वाले MSE से लेना आवश्यक है। पहली बार उद्यम शुरू करने वाले एससी/एसटी उद्यमी के लिए औपचारिक उधार की प्रारंभिक लागत एक बड़ी बाधा रहती है: बैंक हर स्वीकृत ऋण पर प्रोसेसिंग शुल्क लगाते हैं, और बड़ी सुविधा पर यह राशि पहला रुपया मिलने से पहले ही हजारों रुपयों तक पहुंच सकती है। बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना ऋण लेने के बाद अधिकांश शुल्क वापस देकर इस विशेष बाधा को दूर करती है, जिससे यह शुल्क संस्थागत ऋण से बचने का कारण नहीं रह जाता। चूंकि यह फंड-आधारित और गैर-फंड-आधारित दोनों सुविधाओं को कवर करती है, यह टर्म लोन, कैश-क्रेडिट सीमा या बैंक गारंटी — किसी भी मामले में लागू होती है।
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए कौन पात्र है?
आप आवेदन कर सकते हैं यदि:
- आपका उद्यम एक या अधिक एससी/एसटी उद्यमियों के बहुमत स्वामित्व वाला सूक्ष्म या लघु उद्यम है।
- उद्यम के पास वैध उद्यम पंजीकरण है।
- उद्यम ने किसी पात्र वित्तीय संस्थान से व्यवसाय ऋण लिया है और उस पर प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान किया है।
आप आवेदन नहीं कर सकते यदि:
- उद्यम एससी/एसटी उद्यमियों के बहुमत स्वामित्व में नहीं है। यह योजना विशेष रूप से एससी/एसटी सहायता के लिए है और सामान्य उद्यम पात्र नहीं हैं।
- उद्यम के पास उद्यम पंजीकरण नहीं है।
- कोई दस्तावेजीकृत प्रोसेसिंग शुल्क भुगतान नहीं है (उदाहरण के लिए, ऋण स्वीकृत नहीं हुआ या शुल्क माफ कर दिया गया)।
कितनी राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है?
यह योजना वित्तीय संस्थान द्वारा लगाए गए ऋण प्रोसेसिंग शुल्क का 80% वापस करती है, जिसकी अधिकतम सीमा GST और किसी भी अन्य कर को छोड़कर Rs 1,00,000 है। वास्तविक शुल्क का 80% या Rs 1,00,000 की सीमा — जो भी कम हो, वही राशि जारी की जाती है। चूंकि प्रतिपूर्ति की गणना वास्तव में भुगतान किए गए शुल्क पर की जाती है, इसलिए शुल्क रसीद या बैंक का शुल्क विवरण सुरक्षित रखें।
किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | नोट्स |
|---|---|---|
| उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र | हां | स्व-प्रमाणित प्रति |
| एससी/एसटी जाति प्रमाण पत्र | हां | एससी/एसटी स्वामित्व का प्रमाण |
| ऋण प्रोसेसिंग शुल्क रसीद | हां | भुगतान किए गए शुल्क का प्रमाण |
| GST पंजीकरण | नहीं | स्व-प्रमाणित, जहां लागू हो |
| बैंक खाता विवरण | हां | प्रतिपूर्ति के सीधे हस्तांतरण के लिए |
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए आवेदन कैसे करें (online apply kaise kare)
- सुनिश्चित करें कि उद्यम के पास वैध उद्यम पंजीकरण है और एससी/एसटी उद्यमियों का स्वामित्व जाति प्रमाण पत्र से दस्तावेजीकृत है।
- किसी पात्र वित्तीय संस्थान से व्यवसाय ऋण लें (या पहचानें) और प्रोसेसिंग-शुल्क रसीद या शुल्क विवरण प्राप्त करें।
- नेशनल एससी-एसटी हब पोर्टल scsthub.in पर पंजीकरण करें और लॉगिन करें।
- बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का आवेदन खोलें और उद्यम व ऋण विवरण भरें।
- उद्यम पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र, GST (यदि हो), और प्रोसेसिंग-शुल्क रसीद अपलोड करें, और हस्तांतरण के लिए बैंक विवरण दें।
- दावा जमा करें। NSIC दस्तावेजों का सत्यापन करता है और प्रतिपूर्ति राशि उद्यम के बैंक खाते में जारी करता है।
सहायता और संपर्क
- नेशनल एससी-एसटी हब हेल्पलाइन: 1800-11-1954 (टोल-फ्री)
- ईमेल: scsthub@nsic.co.in
- पोर्टल: scsthub.in
नेशनल एससी-एसटी हब प्रतिपूर्ति सीधे उद्यम को देता है, इसलिए किसी एजेंट की आवश्यकता नहीं है। आवेदन करने से पहले scsthub.in पर वर्तमान प्रतिपूर्ति प्रतिशत और सीमा की पुष्टि करें, क्योंकि NSSH के नियम समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना क्या लाभ देती है?
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म या लघु उद्यम द्वारा भुगतान किए गए बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क का 80% प्रतिपूर्ति करती है, जिसकी अधिकतम सीमा GST और अन्य करों को छोड़कर Rs 1,00,000 है, जो भी कम हो। यह फंड-आधारित और गैर-फंड-आधारित दोनों तरह के ऋणों को कवर करती है।
कितनी राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है?
यह योजना वित्तीय संस्थान द्वारा लगाए गए प्रोसेसिंग शुल्क का 80% प्रतिपूर्ति करती है, जो अधिकतम Rs 1,00,000 (लागू करों को छोड़कर) तक सीमित है। यदि वास्तविक शुल्क के 80% की राशि Rs 1,00,000 से कम है, तो वही कम राशि दी जाती है।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
वैध उद्यम पंजीकरण रखने वाले तथा किसी पात्र वित्तीय संस्थान से व्यवसाय ऋण लेने वाले एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSE) आवेदन कर सकते हैं। जो उद्यम एससी/एसटी उद्यमियों के बहुमत स्वामित्व में नहीं हैं, वे पात्र नहीं हैं।
कौन से ऋण कवर किए जाते हैं?
फंड-आधारित और गैर-फंड-आधारित दोनों प्रकार की ऋण सुविधाएं कवर की जाती हैं। प्रतिपूर्ति की गणना उस ऋण पर वित्तीय संस्थान द्वारा लगाए गए प्रोसेसिंग शुल्क पर की जाती है, जिसमें GST और अन्य कर शामिल नहीं होते।
प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कैसे करें?
नेशनल एससी-एसटी हब पोर्टल scsthub.in पर पंजीकरण करें, बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन जमा करें, और उद्यम पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र तथा प्रोसेसिंग-शुल्क रसीद अपलोड करें। राशि जारी करने से पहले NSIC दावे का सत्यापन करता है।
इस योजना को कौन संचालित करता है?
यह योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल एससी-एसटी हब (NSSH) का एक उप-घटक है, जिसे नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (NSIC) द्वारा क्रियान्वित किया जाता है।
प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कब जमा करना चाहिए?
दावा ऋण स्वीकृति की तारीख से 45 दिनों के भीतर जमा किया जाना चाहिए। वर्तमान समय-सीमा और प्रक्रिया की पुष्टि scsthub.in पोर्टल पर करें, क्योंकि NSSH के नियम समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं।
बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कैसे करें?
1) सुनिश्चित करें कि उद्यम के पास वैध उद्यम पंजीकरण और एससी/एसटी स्वामित्व का जाति प्रमाण पत्र है। 2) पात्र वित्तीय संस्थान से व्यवसाय ऋण लें और प्रोसेसिंग-शुल्क रसीद प्राप्त करें। 3) scsthub.in पोर्टल पर पंजीकरण करें और लॉगिन करें। 4) बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का आवेदन खोलें और उद्यम व ऋण विवरण भरें। 5) उद्यम पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र, GST (यदि हो) और प्रोसेसिंग-शुल्क रसीद अपलोड करें तथा बैंक विवरण दें। 6) दावा जमा करें; सत्यापन के बाद राशि बैंक खाते में आ जाएगी।
आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
scsthub.in पोर्टल पर लॉगिन करके अपने डैशबोर्ड में आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है, या सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-1954 पर संपर्क किया जा सकता है।
bank loan processing fee reimbursement ke liye online apply kaise kare?
scsthub.in पोर्टल पर पंजीकरण करके लॉगिन करें, बैंक ऋण प्रोसेसिंग शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का आवेदन खोलें, उद्यम व ऋण विवरण भरें, तथा उद्यम पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र और प्रोसेसिंग-शुल्क रसीद अपलोड करें।
NSSH reimbursement ka status kaise check kare?
scsthub.in पोर्टल पर लॉगिन करके डैशबोर्ड में आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है, या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-1954 पर संपर्क किया जा सकता है।
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