बड़ी इलायची प्रमाणित नर्सरी यूनिट सहायता (स्पाइसेस बोर्ड)
स्पाइसेस बोर्ड की मसाला विकास योजना के तहत बड़ी इलायची प्रमाणित नर्सरी यूनिट घटक उन उत्पादकों को सब्सिडी देता है जो प्रमाणित बड़ी इलायची रोपण सामग्री तैयार करते हैं। सामान्य उत्पादकों को उत्पादन लागत का 33.33% प्रति पौधा Rs 3 तक और SC/ST उत्पादकों को 75% प्रति पौधा Rs 6.75 तक मिलता है, 1,000 से 5,000 पौधों की नर्सरी यूनिट के लिए। उत्पादक स्पाइसेस बोर्ड फील्ड कार्यालयों के माध्यम से आवेदन करते हैं।
बड़ी इलायची प्रमाणित नर्सरी यूनिट सहायता क्या है?
बड़ी इलायची प्रमाणित नर्सरी यूनिट सहायता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाले स्पाइसेस बोर्ड के मसाला विकास कार्यक्रम का एक घटक है। यह बोर्ड की मसालों में निर्यात संवर्धन व गुणवत्ता सुधार की एकीकृत योजना के अंतर्गत आती है, और विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की आपूर्ति बेहतर बनाकर निर्यात-उन्मुख बड़ी इलायची उत्पादन का समर्थन करती है।
बड़ी इलायची एक उच्च-मूल्य मसाला है जो मुख्यतः पूर्वी हिमालयी क्षेत्र में उगाई जाती है। अच्छी, रोगमुक्त रोपण सामग्री उत्पादकता बढ़ाने में सबसे बड़ी बाधा है, इसलिए स्पाइसेस बोर्ड उन उत्पादकों को सब्सिडी देता है जो स्वस्थ शाखाओं और पौधों को बढ़ाने के लिए प्रमाणित नर्सरी स्थापित करते हैं। myScheme पोर्टल की योजना सूची के अनुसार, यह सहायता नर्सरी यूनिट के आकार से सीमित प्रति-पौधा सब्सिडी के रूप में दी जाती है।
मुख्य विशेषताएं
- प्रमाणित बड़ी इलायची रोपण सामग्री तैयार करने के लिए सब्सिडी।
- सामान्य उत्पादकों के लिए उत्पादन लागत का 33.33%, अधिकतम Rs 3 प्रति पौधा तक।
- SC/ST उत्पादकों के लिए उत्पादन लागत का 75%, यानी Rs 6.75 प्रति पौधा।
- नर्सरी यूनिट 500 के गुणकों में, प्रति लाभार्थी 1,000 से 5,000 पौधों तक।
- रोपण के अगले वर्ष, संतोषजनक उत्पादन पर, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भुगतान।
योजना कितनी सहायता देती है?
myScheme सूची के अनुसार, सहायता की गणना प्रति पौधा की जाती है और उत्पादक की श्रेणी पर निर्भर करती है:
| उत्पादक श्रेणी | सहायता दर | प्रति-पौधा सीमा |
|---|---|---|
| सामान्य | उत्पादन लागत का 33.33% | Rs 3 प्रति पौधा |
| SC/ST | उत्पादन लागत का 75% | Rs 6.75 प्रति पौधा |
नर्सरी यूनिट का आकार 500 के गुणकों में, प्रति लाभार्थी न्यूनतम 1,000 और अधिकतम 5,000 पौधों के बीच होना चाहिए। यह किसी एक उत्पादक द्वारा दावा की जा सकने वाली कुल सब्सिडी को सीमित करता है और लाभ को कुछ बड़ी नर्सरियों के बजाय कई छोटी नर्सरियों में फैलाता है।
सब्सिडी अग्रिम भुगतान नहीं की जाती। यह मातृ शाखाओं या बीजों के रोपण के अगले वर्ष जारी की जाती है, और तभी जब स्पाइसेस बोर्ड का फील्ड स्टाफ नर्सरी में शाखाओं या पौधों के संतोषजनक उत्पादन का सत्यापन कर ले। इसके बाद भुगतान उत्पादक के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए किया जाता है।
बड़ी इलायची नर्सरी सहायता के लिए कौन पात्र है?
आप आवेदन कर सकते हैं यदि:
- आप अधिसूचित क्षेत्रों में से किसी एक — सिक्किम, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिले, या अन्य पूर्वोत्तर राज्यों — के बड़ी इलायची उत्पादक हैं।
- आप 500 के गुणकों में 1,000 से 5,000 पौधों की बड़ी इलायची की प्रमाणित नर्सरी तैयार करते हैं।
- आप ज़मीन के मालिक हैं और सत्यापन के लिए रोपी गई शाखाओं/बीजों तथा तैयार पौधों के रिकॉर्ड प्रस्तुत कर सकते हैं।
आप आवेदन नहीं कर सकते यदि:
- आप अधिसूचित उत्पादन क्षेत्रों के बाहर हैं। यह घटक सिक्किम, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों, तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक सीमित है।
- आपकी नर्सरी 1,000-पौधे की न्यूनतम सीमा से कम या प्रति लाभार्थी 5,000-पौधे की अधिकतम सीमा से अधिक है।
- आप फील्ड सत्यापन में यह नहीं दिखा सकते कि नर्सरी ने प्रमाणित, संतोषजनक रोपण सामग्री तैयार की।
उच्च 75% दर Rs 6.75 प्रति पौधे पर SC/ST उत्पादकों के लिए आरक्षित है, जिन्हें इसका दावा करने के लिए वैध जाति प्रमाणपत्र देना होगा। सामान्य उत्पादकों को Rs 3 प्रति पौधे तक सीमित 33.33% दर मिलती है।
कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | टिप्पणी |
|---|---|---|
| भूमि स्वामित्व/कब्ज़ा रिकॉर्ड | हां | जिस ज़मीन पर नर्सरी तैयार की जाती है उसका प्रमाण |
| बैंक खाता विवरण | हां | सब्सिडी के DBT के लिए |
| SC/ST प्रमाणपत्र | नहीं | केवल उच्च 75% दर का दावा करने के लिए |
| Rs 200 के स्टाम्प पेपर पर करार | हां | किसान समूहों द्वारा बोर्ड के साथ किया गया |
| नर्सरी/उत्पादन रिकॉर्ड | हां | उत्पादन के फील्ड सत्यापन के लिए |
बड़ी इलायची नर्सरी सहायता के लिए आवेदन कैसे करें (apply kaise kare)
- अपने नज़दीकी बड़ी इलायची क्षेत्र में स्पाइसेस बोर्ड क्षेत्रीय या फील्ड कार्यालय से संपर्क करें और उत्पादक के रूप में पंजीकरण कराएं।
- प्रमाणित नर्सरी के लिए मानदंड पुष्ट करें — 500 के गुणकों में 1,000 से 5,000 पौधों के बीच यूनिट आकार, और वर्तमान उत्पादन-लागत आधार।
- मातृ शाखाओं को गुणा करके या बीज बोकर, बोर्ड के रोपण व पौध-संरक्षण दिशानिर्देशों का पालन करते हुए नर्सरी तैयार करें।
- किसान समूहों के लिए जहां आवश्यक हो, Rs 200 के स्टाम्प पेपर पर करार निष्पादित करें।
- बोर्ड के फील्ड स्टाफ को शाखाओं या पौधों के उत्पादन का सत्यापन करने दें।
- सत्यापन के बाद सब्सिडी का दावा करें; यह अगले वर्ष आपके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए जारी की जाती है।
सहायता और संपर्क
- स्पाइसेस बोर्ड: indianspices.com; विकास कार्यक्रम और संपर्क सेक्शन देखें
- बड़ी इलायची क्षेत्र में गंगटोक (सिक्किम) और कालिम्पोंग (पश्चिम बंगाल) सहित क्षेत्रीय और फील्ड कार्यालय पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान संभालते हैं।
यह एक उत्पादक सब्सिडी है, व्यक्तिगत कल्याण लाभ नहीं। सटीक उत्पादन-लागत आधार और यूनिट मानदंड स्पाइसेस बोर्ड द्वारा तय किए जाते हैं और वर्षों के बीच बदल सकते हैं, इसलिए सहायता का दावा करने के लिए नर्सरी तैयार करने से पहले फील्ड कार्यालय से वर्तमान शर्तों की पुष्टि करें।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बड़ी इलायची प्रमाणित नर्सरी यूनिट सहायता क्या है?
बड़ी इलायची प्रमाणित नर्सरी यूनिट सहायता, स्पाइसेस बोर्ड की विकास योजना का एक घटक है जो प्रमाणित बड़ी इलायची रोपण सामग्री तैयार करने वाले उत्पादकों को सब्सिडी देता है। इसका उद्देश्य पूर्वी हिमालयी उत्पादन क्षेत्र में निर्यात-उन्मुख बड़ी इलायची उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण, रोगमुक्त पौधों की आपूर्ति बेहतर बनाना है।
बड़ी इलायची नर्सरी योजना कितनी सब्सिडी देती है?
एक सामान्य उत्पादक को रोपण सामग्री तैयार करने की लागत का 33.33% मिलता है, जो अधिकतम Rs 3 प्रति पौधा तक सीमित है, जबकि एक SC/ST उत्पादक को लागत का 75%, यानी Rs 6.75 प्रति पौधा मिलता है। नर्सरी यूनिट को 500 के गुणकों में, न्यूनतम 1,000 से अधिकतम 5,000 पौधों तक तैयार करना होता है।
बड़ी इलायची नर्सरी सहायता के लिए कौन पात्र है?
सिक्किम, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों, तथा अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के बड़ी इलायची उत्पादक पात्र हैं, बशर्ते वे 1,000 से 5,000 पौधों की प्रमाणित नर्सरी तैयार करें। SC/ST उत्पादक वैध जाति प्रमाणपत्र देने पर उच्च 75% दर के लिए पात्र होते हैं।
बड़ी इलायची नर्सरी योजना के लिए कौन आवेदन नहीं कर सकता?
अधिसूचित बड़ी इलायची क्षेत्रों — सिक्किम, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिले, और पूर्वोत्तर राज्यों — के बाहर के उत्पादक आवेदन नहीं कर सकते, और न ही ऐसा उत्पादक जिसकी नर्सरी 1,000-पौधे की न्यूनतम सीमा से कम या प्रति लाभार्थी 5,000-पौधे की अधिकतम सीमा से अधिक हो।
नर्सरी सब्सिडी का भुगतान कब किया जाता है?
मातृ शाखाओं या बीजों के रोपण के अगले वर्ष सब्सिडी का भुगतान किया जाता है, जब स्पाइसेस बोर्ड नर्सरी में शाखाओं या पौधों के संतोषजनक उत्पादन का सत्यापन कर लेता है। भुगतान उत्पादक के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए किया जाता है।
बड़ी इलायची नर्सरी सहायता के लिए आवेदन कैसे करें?
अपने नज़दीकी स्पाइसेस बोर्ड क्षेत्रीय या फील्ड कार्यालय के माध्यम से आवेदन करें। एक उत्पादक के रूप में पंजीकरण कराएं, बोर्ड के मानदंडों के अनुसार प्रमाणित नर्सरी तैयार करें, जहां आवश्यक हो Rs 200 के स्टाम्प पेपर पर करार करें, और फील्ड सत्यापन के बाद सब्सिडी का दावा करें।
सब्सिडी का भुगतान होने की स्थिति कैसे जांचें?
अपने पंजीकरण संदर्भ के साथ नज़दीकी स्पाइसेस बोर्ड क्षेत्रीय/फील्ड कार्यालय — गंगटोक (सिक्किम) या कालिम्पोंग (पश्चिम बंगाल) — से संपर्क कर फील्ड सत्यापन और भुगतान की स्थिति पूछें। इंडियनस्पाइसेस.कॉम पर संपर्क विवरण उपलब्ध हैं।
badi elaichi nursery subsidy ka status kaise check kare?
अपने पंजीकरण संदर्भ के साथ नज़दीकी स्पाइसेस बोर्ड क्षेत्रीय/फील्ड कार्यालय — गंगटोक (सिक्किम) या कालिम्पोंग (पश्चिम बंगाल) — से संपर्क कर फील्ड सत्यापन और भुगतान की स्थिति पूछें।
badi elaichi nursery subsidy ke liye apply kaise kare?
उत्पादक के रूप में पंजीकरण कराएं, बोर्ड के मानदंडों के अनुसार प्रमाणित नर्सरी तैयार करें, जहां आवश्यक हो Rs 200 के स्टाम्प पेपर पर करार करें, और फील्ड सत्यापन के बाद सब्सिडी का दावा करें।
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