प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
PM-KISAN कृषि मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसके तहत भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये, तीन बराबर किस्तों में 2,000-2,000 रुपये करके, सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं। आवेदक के पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए और आधार आधारित e-KYC पूरा होना जरूरी है। pmkisan.gov.in या किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर पर पंजीकरण मुफ्त है।
PM-KISAN क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) भारत सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय चलाता है। यह 1 दिसंबर 2018 से लागू है और देश भर के भूमिधारक किसान परिवारों को आय सहायता प्रदान करती है।
PM-KISAN पोर्टल के अनुसार, इस योजना के तहत हर साल 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं, हर किस्त 2,000 रुपये की, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी जाती है। इसमें कोई बिचौलिया नहीं होता और राज्य स्तर पर कोई टॉप-अप भी जरूरी नहीं, पूरी राशि केंद्र सरकार से आती है।
मुख्य उद्देश्य
- बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में किसान परिवारों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना।
- फसल सीजन की शुरुआत में अनौपचारिक साहूकारों पर निर्भरता कम करना।
- लाभार्थी के खाते में सीधी सहायता पहुंचाकर लीकेज को खत्म करना।
मुख्य विशेषताएं
- यह भारत सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित केंद्रीय क्षेत्र योजना है।
- लाभ परिवार के हिसाब से दिया जाता है, जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं।
- भुगतान DBT के जरिए होता है, इसलिए आधार से जुड़ा बैंक खाता जरूरी है।
- लाभार्थियों की पहचान राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सरकारें करती हैं।
PM-KISAN के लिए कौन पात्र है?
आप आवेदन कर सकते हैं अगर:
- आप भारतीय नागरिक हैं।
- आपके परिवार के नाम खेती योग्य जमीन दर्ज है।
- आपका परिवार, पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे, किसी अन्य सदस्य के जरिए पहले से यह लाभ नहीं ले रहा है।
- आपने आधार आधारित e-KYC पूरा कर लिया है।
अगर आप इन बहिष्करण श्रेणियों में आते हैं तो आवेदन नहीं कर सकते:
- संस्थागत भूमिधारक, यानी जमीन किसी ट्रस्ट, सोसाइटी या संस्था के नाम पर है, न कि किसी किसान परिवार के नाम पर।
- संवैधानिक पद धारक, चाहे वर्तमान हों या पूर्व, जिनमें मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं।
- केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम व स्वायत्त संस्थाओं के कार्यरत या सेवानिवृत्त कर्मचारी। ग्रुप डी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इस बहिष्करण से बाहर हैं और पात्र बने रहते हैं।
- 10,000 रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी, यहां भी ग्रुप डी और चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारी छूट में हैं।
- पिछले आकलन वर्ष में आयकर भरने वाले व्यक्ति।
- पेशेवर रूप से कार्यरत डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट, जो अपने पेशेवर निकायों में पंजीकृत हैं, साथ ही उनके परिवार।
दो स्थितियों में सीधे अस्वीकृति नहीं बल्कि निलंबन होता है: 1 फरवरी 2019 के बाद अर्जित की गई जमीन, और एक ही परिवार में डुप्लिकेट लाभ का दावा। दोनों ही मामले सत्यापन तक रोके जाते हैं।
PM-KISAN के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
| दस्तावेज | अनिवार्य | नोट्स |
|---|---|---|
| आधार कार्ड | हां | पंजीकरण और e-KYC के लिए जरूरी; बैंक खाते से लिंक होना चाहिए |
| भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड | हां | खसरा/खतौनी या आपके राज्य का समकक्ष रिकॉर्ड |
| बैंक पासबुक | हां | खाता DBT के लिए आधार से जुड़ा होना चाहिए |
| नागरिकता प्रमाण | हां | आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए |
| मोबाइल नंबर | नहीं | OTP आधारित e-KYC और स्टेटस अलर्ट के लिए जरूरी |
PM-KISAN के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं।
- Farmers Corner सेक्शन में New Farmer Registration चुनें।
- यह चुनें कि आप ग्रामीण किसान हैं या शहरी, फिर आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य दर्ज कर कैप्चा भरें।
- अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए आधार-लिंक्ड मोबाइल पर आया OTP दर्ज करें।
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण, भूमि रिकॉर्ड, सर्वे या खसरा नंबर और जोत का क्षेत्रफल भरें।
- सहायक दस्तावेज अपलोड करें, फॉर्म जमा करें और स्क्रीन पर दिखने वाला पंजीकरण नंबर सुरक्षित रखें।
- Farmers Corner मेनू से e-KYC पूरा करें। अगर मोबाइल आधार से जुड़ा है तो OTP से, नहीं तो PM-KISAN मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन से।
- पंजीकरण नंबर दर्ज कर Know Your Status से मंजूरी की स्थिति जांचें।
PM-KISAN के लिए ऑफलाइन आवेदन कैसे करें
- अपने आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और बैंक पासबुक के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाएं।
- विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर से PM-KISAN में पंजीकरण करवाने को कहें।
- केंद्र पर बायोमेट्रिक e-KYC पूरा करें। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है तो यही रास्ता अपनाएं।
- पंजीकरण नंबर वाली पावती लें।
आप चाहें तो अपने स्थानीय पटवारी, राजस्व अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी से भी PM-KISAN पंजीकरण के लिए संपर्क कर सकते हैं।
PM-KISAN में कितना लाभ मिलता है?
यह योजना प्रति वित्त वर्ष 6,000 रुपये देती है, जिसे तीन बराबर किस्तों में बांटा जाता है, हर किस्त 2,000 रुपये की। किस्तें लगभग हर चार महीने में जारी होती हैं और सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा होती हैं। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी।
लाभ एक परिवार को एक ही बार मिलता है। अगर पति और पत्नी दोनों अलग-अलग पंजीकृत हैं, तो डुप्लिकेट दावा फ्लैग होकर भुगतान रोक दिया जाता है।
किस्तें लगभग तीन चक्रों में चलती हैं, अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर, और दिसंबर से मार्च। PM-KISAN में हर साल दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होती; एक बार लाभार्थी स्वीकृत हो जाए और उसका e-KYC, लैंड सीडिंग और आधार-बैंक सीडिंग पूरी दिखे, तो हर किस्त संबंधित चक्र में अपने आप जारी हो जाती है। दिसंबर 2018 से यह योजना लगातार चल रही है, और 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई। अगर किसी किसान के पड़ोसियों को कोई किस्त मिली और उसे नहीं मिली, तो पहले Know Your Status खोलकर देखना चाहिए कि तीनों सत्यापन में से कौन-सा अटका है, यह मान लेने के बजाय कि सभी की किस्त छूट गई।
अपना PM-KISAN स्टेटस कैसे जांचें
- pmkisan.gov.in या PM-KISAN मोबाइल ऐप खोलें।
- Farmers Corner मेनू में Know Your Status चुनें।
- पंजीकरण नंबर और कैप्चा डालकर सबमिट करें।
- अगर आपको पंजीकरण नंबर याद नहीं है, तो Know Your Registration Number का इस्तेमाल कर आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर से इसे प्राप्त करें।
स्टेटस स्क्रीन पर दिखता है कि आपका e-KYC, लैंड सीडिंग और आधार-बैंक सीडिंग पूरी हुई है या नहीं। इनमें से कोई भी "No" दिखे तो किस्त रुक जाती है।
PM-KISAN की किस्त क्यों रुक जाती है
- e-KYC पूरा न होना — सबसे आम वजह।
- बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना, जिससे DBT नहीं पहुंच पाता।
- आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम का मेल न खाना।
- राज्य राजस्व विभाग द्वारा भूमि रिकॉर्ड सत्यापित न होना।
- बहिष्करण मानदंड लागू होना, जैसे पिछले आकलन वर्ष में आयकर रिटर्न भरा जाना।
- एक ही परिवार के किसी अन्य सदस्य द्वारा डुप्लिकेट दावा।
आधार से जुड़े नाम में सुधार Farmers Corner के "Updation of Self Registered Farmer" विकल्प से किया जा सकता है। भूमि रिकॉर्ड और पात्रता संबंधी विवाद अपने राज्य के नोडल अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के पास उठाने होंगे।
PM-KISAN e-KYC कैसे पूरा करें
e-KYC वह एक कदम है जिसकी वजह से सबसे ज्यादा किस्तें रुकती हैं, इसलिए कृषि मंत्रालय द्वारा दिए गए तीन तरीकों को समझना जरूरी है:
- OTP आधारित e-KYC, pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में e-KYC लिंक खोलें, आधार नंबर डालें और आधार-लिंक्ड मोबाइल पर आया OTP दर्ज करें। यह मुफ्त है और एक मिनट में हो जाता है, लेकिन तभी काम करता है जब मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हो।
- फेस-ऑथेंटिकेशन e-KYC, PM-KISAN मोबाइल ऐप के जरिए, आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें, लॉगिन करें और अपना चेहरा स्कैन करें। यह उन किसानों के लिए है जिनका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है, और इसमें OTP की जरूरत नहीं पड़ती।
- कॉमन सर्विस सेंटर पर बायोमेट्रिक e-KYC, आधार कार्ड लेकर CSC जाएं और फिंगरप्रिंट स्कैन कराएं। इसके लिए सरकार द्वारा तय एक छोटी फीस लग सकती है।
लैंड सीडिंग, यानी आपके सत्यापित भूमि रिकॉर्ड को PM-KISAN खाते से जोड़ने का काम, राज्य राजस्व विभाग करता है, आप नहीं। अगर Know Your Status में लैंड सीडिंग लंबे समय तक "No" दिखा रहा है, तो बार-बार e-KYC दोहराने के बजाय अपने पटवारी या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
भौतिक सत्यापन और गलत भुगतान की वसूली
राज्य सरकारें हर साल कुछ लाभार्थियों का नमूना आधार पर भौतिक सत्यापन करती हैं ताकि यह पुष्टि हो सके कि दर्ज भूमि और परिवार का ब्योरा सही है। जहां किसी व्यक्ति ने बहिष्करण श्रेणी में आने के बावजूद किस्त ली हो, जैसे कोई आयकरदाता या सरकारी कर्मचारी, वहां उस राशि को अपात्र भुगतान मानकर वसूला जाता है। Farmers Corner के जरिए स्वेच्छा से लाभ लौटाना भी संभव है, और गलत मिली राशि जल्दी लौटाने से बाद की वसूली कार्रवाई से बचा जा सकता है।
मदद और शिकायत निवारण
- PM-KISAN हेल्पलाइन: 155261 या 011-24300606
- पोर्टल पर आम सवालों के जवाब के लिए किसान e-मित्र चैटबॉट
- लिखित शिकायतों के लिए pmkisan.gov.in पर हेल्पडेस्क क्वेरी फॉर्म
PM-KISAN में पंजीकरण मुफ्त है। कोई भी एजेंट या बिचौलिया आपका नाम लाभार्थी सूची में जोड़ने के लिए फीस नहीं ले सकता, और कोई भी सरकारी अधिकारी आपसे OTP नहीं मांगेगा।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PM-KISAN के लिए आधार जरूरी है?
हां, आधार अनिवार्य है। किस्त जारी होने से पहले e-KYC पूरा करना जरूरी है। आप pmkisan.gov.in पर आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP के जरिए खुद e-KYC कर सकते हैं, या किसी कॉमन सर्विस सेंटर पर बायोमेट्रिक तरीके से करा सकते हैं। PM-KISAN मोबाइल ऐप में फेस-ऑथेंटिकेशन e-KYC की सुविधा भी है। जब तक e-KYC पूरा नहीं होता, किस्त रोक दी जाती है।
PM-KISAN के तहत कितना पैसा और कब मिलता है?
PM-KISAN के तहत हर साल 6,000 रुपये, तीन बराबर किस्तों में 2,000-2,000 रुपये करके, सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी।
PM-KISAN के लिए कौन पात्र नहीं है?
संस्थागत भूमिधारक, आयकरदाता, कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी (ग्रुप डी/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर), 10,000 रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी, संवैधानिक पद धारक, और डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट व आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर, सभी इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
क्या भूमिहीन किसान या बटाईदार किसान PM-KISAN के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। PM-KISAN केवल भूमिधारक किसान परिवारों के लिए है, जमीन आवेदक के अपने नाम पर होनी चाहिए। मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत बटाईदार किसान, काश्तकार और खेतिहर मजदूर, जिनके पास खेती योग्य जमीन नहीं है, पात्र नहीं हैं।
अपने PM-KISAN भुगतान की स्थिति कैसे जांचें?
pmkisan.gov.in या PM-KISAN मोबाइल ऐप पर "Know Your Status" विकल्प का इस्तेमाल करें। इसके लिए आपको अपना पंजीकरण नंबर चाहिए होगा; पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर या आधार नंबर से भी यह नंबर पता किया जा सकता है।
मेरी PM-KISAN किस्त क्यों रुक गई है?
सबसे आम वजहें हैं, अधूरा e-KYC, बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना, आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम का न मिलना, या मामला सत्यापन के लिए फ्लैग होना। 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई जमीन और एक ही परिवार में डुप्लिकेट दावे भी सत्यापन तक भुगतान रोकने का कारण बनते हैं।
क्या पूरे परिवार को अलग-अलग PM-KISAN मिलता है?
नहीं। योजना में लाभार्थी परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के रूप में की गई है, और एक परिवार को एक ही लाभ मिलता है। एक ही परिवार के दो वयस्क अलग-अलग किस्त नहीं ले सकते; डुप्लिकेट दावे फ्लैग होकर निलंबित कर दिए जाते हैं।
क्या PM-KISAN में पंजीकरण के लिए कोई फीस लगती है?
नहीं। pmkisan.gov.in पर पंजीकरण मुफ्त है। कॉमन सर्विस सेंटर सहायता प्राप्त पंजीकरण के लिए सरकार द्वारा तय एक छोटी सी सेवा शुल्क ले सकते हैं, लेकिन "नाम जुड़वाने" के लिए कोई भी एजेंट पैसे नहीं मांग सकता।
PM-KISAN की अगली किस्त कब आएगी?
किस्तें हर साल लगभग तीन चक्रों में जारी होती हैं, अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च। कोई पक्की तारीख पहले से घोषित नहीं होती, इसलिए ताज़ा स्थिति जानने के लिए pmkisan.gov.in पर "Know Your Status" जरूर देखें।
PM-KISAN के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
1) pmkisan.gov.in पर जाएं और Farmers Corner में New Farmer Registration चुनें। 2) ग्रामीण या शहरी किसान चुनकर आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य भरें, फिर कैप्चा दर्ज करें। 3) आधार-लिंक्ड मोबाइल पर आए OTP से पहचान सत्यापित करें। 4) व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण और जमीन के रिकॉर्ड (खसरा नंबर, रकबा) भरें। 5) दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म जमा करें और स्क्रीन पर मिला पंजीकरण नंबर सुरक्षित रखें। 6) Farmers Corner से e-KYC पूरा करें। 7) Know Your Status में पंजीकरण नंबर डालकर स्वीकृति की स्थिति देखें।
PM-KISAN की लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे देखें?
pmkisan.gov.in पर या PM-KISAN मोबाइल ऐप में जाकर Farmers Corner के तहत "Know Your Status" खोलें, पंजीकरण नंबर और कैप्चा डालें। अगर पंजीकरण नंबर याद नहीं है तो "Know Your Registration Number" से आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर के जरिए इसे पता किया जा सकता है। स्टेटस स्क्रीन पर e-KYC, लैंड सीडिंग और आधार-बैंक सीडिंग की स्थिति दिखती है।
संबंधित योजनाएं (Agriculture & Farmers)
- पूर्वोत्तर क्षेत्र में कॉफी विकास कार्यक्रम: सामूहिक नर्सरी सहायता
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Ministry of Agriculture & Farmers Welfare की अन्य योजनाएं
- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन - ऑयल पाम (NMEO-OP)
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
- परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY)
- डिजिटल कृषि मिशन
- कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ)
- राष्ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM)
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