स्मॉल रूमिनेंट सेक्टर में नस्ल विकास हेतु उद्यमी की स्थापना (भेड़ और बकरी पालन)
राष्ट्रीय पशुधन मिशन की यह गतिविधि भेड़ या बकरी प्रजनन इकाई (आमतौर पर 500 मादा और 25 नर) स्थापित करने के लिए Rs 50 लाख तक की 50% पूंजी सब्सिडी देती है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग बैंक द्वारा मूल्यांकित परियोजना के माध्यम से व्यक्तियों, FPO, SHG, JLG और सेक्शन 8 कंपनियों को वित्तपोषित करता है, सब्सिडी दो किस्तों में जारी होती है। nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन आवेदन करें।
स्मॉल-रूमिनेंट उद्यमिता योजना क्या है?
"स्मॉल रूमिनेंट सेक्टर में नस्ल विकास हेतु उद्यमी की स्थापना (भेड़ और बकरी पालन)" मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा चलाए जाने वाले राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) की एक गतिविधि है। यह NLM के पशुधन और पोल्ट्री नस्ल विकास उप-मिशन के अंतर्गत आती है, जो पोल्ट्री, भेड़, बकरी और सुअर पालन में उद्यमिता व नस्ल सुधार को बढ़ावा देता है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार, यह गतिविधि वैज्ञानिक रूप से प्रबंधित भेड़ या बकरी प्रजनन इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम Rs 50 लाख तक की 50% पूंजी सब्सिडी प्रदान करती है। मानक इकाई लगभग 500 मादा और 25 नर जानवरों की है, साथ में शेड, उपकरण, चारा और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर। यह सब्सिडी एक बैंक-वित्तपोषित परियोजना पर दी जाती है — प्रमोटर एक बैंक-योग्य विस्तृत परियोजना रिपोर्ट लाता है, बैंक ऋण स्वीकृत करता है, और सरकारी सब्सिडी उस ऋण के विरुद्ध दो किस्तों में जारी होती है।
इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण प्रजनन स्टॉक की घरेलू आपूर्ति बनाना, भेड़ और बकरी झुंडों की उत्पादकता बढ़ाना, और स्मॉल-रूमिनेंट पालन के इर्द-गिर्द ग्रामीण आजीविका बनाना है, जो भूमिहीन और सीमांत परिवारों के लिए आय का एक बड़ा स्रोत है।
स्मॉल-रूमिनेंट योजना के लिए कौन पात्र है?
आप आवेदन कर सकते हैं यदि आप हैं:
- एक व्यक्तिगत उद्यमी।
- एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) या किसान सहकारी संगठन (FCO)।
- एक स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG)।
- एक सेक्शन 8 कंपनी (गैर-लाभकारी कंपनी)।
आवेदक को एक बैंक-योग्य परियोजना तैयार करने और वित्तपोषक बैंक सुरक्षित करने में सक्षम होना चाहिए, क्योंकि सब्सिडी सीधे आवेदक को न देकर ऋण खाते में जमा की जाती है।
आप आवेदन नहीं कर सकते — या प्रस्ताव योग्य नहीं होगा — यदि:
- आप घर पर कुछ जानवर रखने के लिए सीधे नकद अनुदान चाहते हैं। यह एक उद्यम सब्सिडी है, कोई घरेलू लाभ नहीं।
- परियोजना के पीछे कोई बैंक वित्तपोषण नहीं है। बैंक मूल्यांकन और स्वीकृत ऋण के बिना पूंजी सब्सिडी के जाने के लिए कोई खाता नहीं है।
- परियोजना NLM के प्रजनन इकाई और इंफ्रास्ट्रक्चर मानदंडों को पूरा नहीं करती।
राज्य सरकारें सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भाग लेती हैं, लेकिन लाभार्थी सब्सिडी ऊपर सूचीबद्ध उद्यमी श्रेणियों के लिए है।
आवश्यक दस्तावेज़ क्या हैं?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | टिप्पणी |
|---|---|---|
| विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) | हां | बैंक-योग्य परियोजना रिपोर्ट; मॉडल DPR NLM पोर्टल पर उपलब्ध |
| पहचान और पते का प्रमाण | हां | आवेदक या प्रमोटर का आधार/PAN और पता |
| भूमि दस्तावेज़ | हां | फार्म भूमि का स्वामित्व या दीर्घकालिक पट्टा |
| बैंक स्वीकृति/वित्तीय दस्तावेज़ | हां | बैंक मूल्यांकन या इन-प्रिंसिपल ऋण स्वीकृति |
| अनुभव या प्रशिक्षण का प्रमाण | नहीं | पशुधन प्रशिक्षण/अनुभव प्रस्ताव को मजबूत करता है |
| संस्था पंजीकरण दस्तावेज़ | नहीं | FPO/FCO/SHG/JLG/सेक्शन 8 आवेदकों के लिए |
स्मॉल-रूमिनेंट योजना के लिए आवेदन कैसे करें (NLM scheme apply kaise kare)
- NLM पोर्टल पर पंजीकरण करें। उद्यमिता (व्यक्तिगत या इकाई) रास्ते के लिए nlm.udyamimitra.in पर जाकर एक आवेदक खाता बनाएं।
- अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करें। आवश्यक आकार की भेड़ या बकरी प्रजनन इकाई के लिए बैंक-योग्य परियोजना बनाने हेतु पोर्टल पर मौजूद मॉडल DPR और परिचालन दिशानिर्देशों का उपयोग करें।
- ऑनलाइन आवेदन भरें और जमा करें। अपनी जानकारी दर्ज करें, DPR, भूमि दस्तावेज़, पहचान प्रमाण और अन्य आवश्यक प्रारूप अपलोड करें, और जमा करें।
- बैंक मूल्यांकन। आवेदन आपकी चुनी हुई वित्तपोषक बैंक को भेजा जाता है, जो परियोजना का मूल्यांकन करती है और संतुष्ट होने पर ऋण स्वीकृत करती है।
- मंजूरी और पहली किस्त। राज्य कार्यान्वयन एजेंसी और DAHD की मंजूरी के बाद, ऋण वितरित होते ही पूंजी सब्सिडी की पहली किस्त बैंक के माध्यम से जारी की जाती है।
- इकाई स्थापित करें और दूसरी किस्त का दावा करें। प्रजनन इकाई पूरी करें; राज्य द्वारा सत्यापन के बाद, सब्सिडी की दूसरी किस्त जारी की जाती है।
पैसा और समयसीमा कैसे काम करती है
सब्सिडी Rs 50 लाख (योग्य परियोजना लागत का 50%) पर सीमित है। चूंकि यह दो किस्तों में और बैंक वित्त व भौतिक सत्यापन से जुड़ी है, पूरी सब्सिडी हासिल करने से पहले परियोजना को वास्तव में बनाया जाना जरूरी है। उदाहरण के लिए, विभाग ने पहली किस्त पिछले वर्षों में प्राप्त कर चुके लाभार्थियों के लिए समयसीमा तय की है, ताकि वे अपनी परियोजनाएं पूरी करें और दूसरी किस्त पाने के लिए दस्तावेज़ जमा करें। यह याद दिलाता है कि यह एक माइलस्टोन-आधारित उद्यम सब्सिडी है, कोई एडवांस अनुदान नहीं।
मदद कहां से मिलेगी
- NLM पोर्टल और हेल्पडेस्क: nlm.udyamimitra.in
- पशुपालन एवं डेयरी विभाग: dahd.gov.in
NLM पोर्टल पर वर्तमान परिचालन दिशानिर्देश, मॉडल DPR और आवेदन प्रारूप मौजूद हैं, और यह इकाई लागत व नवीनतम संशोधनों का आधिकारिक स्रोत है। चूंकि NLM दिशानिर्देश समय-समय पर संशोधित होते हैं, आवेदन से पहले अपनी परियोजना श्रेणी के लिए सटीक आंकड़े वहां सत्यापित करें।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह स्मॉल-रूमिनेंट योजना कितनी सब्सिडी देती है?
यह योजना भेड़ या बकरी प्रजनन इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम Rs 50 लाख तक 50% पूंजी सब्सिडी देती है। शेष राशि बैंक ऋण या प्रमोटर के अपने फंड से पूरी होती है, और सब्सिडी बैंक व राज्य द्वारा सत्यापित परियोजना प्रगति के आधार पर दो किस्तों में जारी की जाती है।
इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
व्यक्ति, किसान उत्पादक संगठन (FPO), किसान सहकारी संगठन (FCO), स्वयं सहायता समूह (SHG), संयुक्त देयता समूह (JLG) और सेक्शन 8 कंपनियां आवेदन कर सकती हैं। आवेदक राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत एक प्रजनन इकाई — आमतौर पर 500 मादा और 25 नर भेड़ या बकरी — स्थापित करता है।
क्या यह किसानों को सीधा नकद वितरण है?
नहीं। यह बैंक-वित्तपोषित उद्यमिता परियोजना पर पूंजी सब्सिडी है, कोई सीधा नकद हस्तांतरण नहीं। आपको विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करनी होगी और बैंक मूल्यांकन प्राप्त करना होगा; सब्सिडी इकाई स्थापित होने के साथ दो किस्तों में ऋण खाते में जमा की जाती है।
मानक इकाई का आकार क्या है?
इस गतिविधि के तहत मानक प्रजनन इकाई राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देशों में तय किए गए अनुसार लगभग 500 मादा और 25 नर भेड़ या बकरी की है, साथ में आवश्यक शेड, उपकरण और चारा व्यवस्था।
सब्सिडी कैसे जारी की जाती है?
सब्सिडी वित्तपोषक बैंक के माध्यम से दो बराबर किस्तों में जारी की जाती है। पहली परियोजना स्वीकृत होने और ऋण वितरित होने के बाद, और दूसरी इकाई स्थापित होने और राज्य कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा सत्यापित होने के बाद जारी होती है।
कौन आवेदन नहीं कर सकता?
जिन आवेदकों के पास बैंक-योग्य परियोजना या पीछे कोई वित्तपोषक बैंक नहीं है, वे सब्सिडी नहीं ले सकते, क्योंकि यह बैंक ऋण खाते के माध्यम से दी जाती है। घर पर कुछ जानवर रखने के लिए कोई व्यक्तिगत अनुदान नहीं है; यह गतिविधि व्यावसायिक प्रजनन उद्यम स्थापित करने के लिए है।
मैं कहां आवेदन करूं?
आवेदन राष्ट्रीय पशुधन मिशन पोर्टल nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन किए जाते हैं, जिस पर परिचालन दिशानिर्देश, मॉडल DPR और आवेदन प्रारूप मौजूद हैं।
सब्सिडी की किस्त कब आएगी, स्टेटस कैसे जांचें?
चूंकि सब्सिडी बैंक ऋण खाते के माध्यम से और भौतिक सत्यापन के बाद जारी होती है, कोई निश्चित तारीख नहीं बताई जा सकती। स्टेटस के लिए nlm.udyamimitra.in पोर्टल पर अपने आवेदन में लॉगिन करें या अपनी वित्तपोषक बैंक शाखा और राज्य कार्यान्वयन एजेंसी से संपर्क करें।
आवेदन के लिए क्या-क्या चरण अपनाने होंगे?
सबसे पहले nlm.udyamimitra.in पर पंजीकरण करें, फिर मॉडल DPR के आधार पर बैंक-योग्य परियोजना रिपोर्ट तैयार करें, आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ ऑनलाइन आवेदन जमा करें, बैंक मूल्यांकन का इंतज़ार करें, और मंजूरी के बाद इकाई स्थापित कर दूसरी किस्त का दावा करें।
NLM sheep goat scheme ke liye online apply kaise kare?
सबसे पहले nlm.udyamimitra.in पर पंजीकरण करें, मॉडल DPR के आधार पर बैंक-योग्य परियोजना रिपोर्ट तैयार करें, आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ ऑनलाइन आवेदन जमा करें, बैंक मूल्यांकन का इंतज़ार करें, और मंजूरी के बाद इकाई स्थापित कर दूसरी किस्त का दावा करें।
NLM subsidy ki kist kab aayegi, status kaise check kare?
चूंकि सब्सिडी बैंक ऋण खाते के माध्यम से और भौतिक सत्यापन के बाद जारी होती है, कोई निश्चित तारीख नहीं बताई जा सकती। स्टेटस के लिए nlm.udyamimitra.in पोर्टल पर अपने आवेदन में लॉगिन करें या अपनी वित्तपोषक बैंक शाखा और राज्य कार्यान्वयन एजेंसी से संपर्क करें।
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