दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक केंद्रीय योजना है जो कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग देने हेतु पंजीकृत संगठनों को वित्तपोषित करती है। UDID कार्ड वाले और सालाना Rs 8 लाख तक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग के साथ मासिक स्टाइपेंड मिलता है; वे अनुबंधित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से नामांकन करते हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग स्कीम क्या है?
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग (SwDs) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (DEPwD) की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है। DEPwD के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं के लिए अच्छी गुणवत्ता की कोचिंग देना है, ताकि वे नौकरियों और उच्च-शिक्षा सीटों के लिए समान शर्तों पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
यह योजना विद्यार्थियों को सीधे कोचिंग के लिए भुगतान करने के बजाय, संगठनों को वित्तपोषित करके काम करती है। DEPwD स्वैच्छिक संगठनों, कोचिंग संस्थानों और समान निकायों को अनुबंधित करता है, जो फिर पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कोचिंग बैच चलाते हैं। सरकार कोचिंग लागत का भुगतान संगठन को करती है और विद्यार्थी को स्टाइपेंड व भत्ता देती है। DEPwD ने 2024 में एक संशोधन के साथ योजना दिशानिर्देशों को संशोधित किया।
मुफ्त कोचिंग के लिए कौन पात्र है?
विद्यार्थी को लाभ मिल सकता है यदि:
- विद्यार्थी के पास कम से कम 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता है, जिसका वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र या UDID कार्ड है।
- सभी स्रोतों से कुल पारिवारिक आय सालाना Rs 8 लाख से अधिक नहीं है।
- विद्यार्थी ने आवेदित कोर्स के लिए आवश्यक अनुसार कक्षा XII पास कर ली है, या कक्षा XII में अध्ययनरत है।
विद्यार्थी को लाभ नहीं मिल सकता यदि:
- दिव्यांगता 40 प्रतिशत से कम है, या कोई वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र या UDID कार्ड नहीं है।
- पारिवारिक आय सालाना Rs 8 लाख से अधिक है।
- विद्यार्थी ने इस योजना के तहत उसी उद्देश्य के लिए पहले ही मुफ्त कोचिंग का लाभ ले लिया है (दिशानिर्देशों के अनुसार दोबारा लाभ सीमित है)।
चूंकि लाभ किसी अनुबंधित संगठन के माध्यम से दिया जाता है, विद्यार्थी कोचिंग लागत को व्यक्तिगत नकद के रूप में दावा नहीं कर सकता — कोचिंग का पैसा स्वीकृत बैच चलाने वाले संस्थान को जाता है।
स्कीम कौन-कौन से लाभ देती है?
DEPwD और उसके संस्थानों द्वारा प्रकाशित योजना विवरण के अनुसार, चयनित विद्यार्थी को मिलता है:
- मुफ्त कोचिंग प्रतियोगी या प्रवेश परीक्षा के लिए, जिसकी कोर्स फीस सरकार अनुबंधित संगठन को भुगतान करती है।
- एक मासिक स्टाइपेंड — आमतौर पर स्थानीय विद्यार्थियों के लिए Rs 2,500 और बाहरी विद्यार्थियों के लिए Rs 5,000।
- लगभग Rs 2,000 प्रति माह का दिव्यांगता भत्ता, दिव्यांगता से जुड़े खर्चों जैसे रीडर या एस्कॉर्ट के लिए।
सटीक स्टाइपेंड और भत्ता राशि वर्तमान योजना दिशानिर्देशों के अनुसार तय होती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने बैच पर लागू राशि की पुष्टि अनुबंधित संगठन से करनी चाहिए।
कौन-कौन सी परीक्षाएं और कोर्स कवर होते हैं?
कोचिंग विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में सहायता करती है, जिनमें आमतौर पर शामिल हैं:
- सिविल सेवाएं — केंद्रीय और राज्य।
- बैंकिंग, बीमा, स्टाफ सिलेक्शन और रेलवे भर्ती परीक्षाएं।
- पेशेवर और तकनीकी प्रवेश परीक्षाएं, और अन्य मान्यताप्राप्त प्रतियोगी परीक्षाएं, यह उन कोर्सों पर निर्भर करता है जिन्हें संगठन प्रदान करने के लिए अनुबंधित है।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
| दस्तावेज़ | अनिवार्य | नोट्स |
|---|---|---|
| दिव्यांगता प्रमाणपत्र / UDID कार्ड | हां | कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता |
| आय प्रमाणपत्र | हां | पारिवारिक आय सालाना Rs 8 लाख तक |
| कक्षा XII मार्कशीट / अध्ययन प्रमाण | हां | पास या कक्षा XII में अध्ययनरत |
| आधार कार्ड | हां | पहचान और स्टाइपेंड भुगतान |
| बैंक पासबुक | हां | स्टाइपेंड और भत्ते के लिए |
| फोटोग्राफ | नहीं | नामांकन रिकॉर्ड के लिए |
मुफ्त कोचिंग के लिए आवेदन कैसे करें (free coaching apply kaise kare)
विद्यार्थी सीधे मंत्रालय को आवेदन करने के बजाय किसी अनुबंधित संगठन के माध्यम से आवेदन करते हैं:
- योजना के तहत अनुबंधित संगठन खोजें — DEPwD और उसके संस्थान (जैसे दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय संस्थान) मुफ्त कोचिंग बैच चलाने वाले संगठनों की सूची प्रकाशित करते हैं।
- अपनी पात्रता की पुष्टि करें — UDID कार्ड के साथ 40 प्रतिशत दिव्यांगता, Rs 8 लाख तक पारिवारिक आय, और कोर्स के लिए आवश्यक कक्षा XII योग्यता।
- संगठन को अपना आवेदन और दस्तावेज़ जमा करें — दिव्यांगता प्रमाणपत्र/UDID, आय प्रमाणपत्र, कक्षा XII मार्कशीट, आधार और बैंक विवरण।
- संगठन का चयन पूरा करें और कोचिंग बैच में शामिल हों; संगठन DEPwD से कोचिंग लागत का दावा करता है और आपका स्टाइपेंड व भत्ता देता है।
इस योजना के तहत कोचिंग चलाना चाहने वाले संगठन के लिए:
- मुफ्त कोचिंग फॉर SwDs के लिए वर्तमान DEPwD दिशानिर्देश पढ़ें।
- आवेदन आमंत्रित होने पर DEPwD में अनुबंधन के लिए आवेदन करें, पात्रता और अवसंरचना मानदंडों को पूरा करते हुए।
- स्वीकृत कोचिंग बैच चलाएं और दिशानिर्देशों के अनुसार अनुदान और विद्यार्थी स्टाइपेंड का दावा करें।
सहायता और संपर्क
- दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग: 011-24365019
- आधिकारिक पोर्टल: depwd.gov.in
स्टाइपेंड राशि, आय सीमा और अनुबंधित संगठनों की सूची DEPwD द्वारा तय और अद्यतन की जाती है, इसलिए नामांकन से पहले DEPwD वेबसाइट या संगठन से वर्तमान आंकड़ों की पुष्टि करें।
आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग स्कीम क्या है?
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (DEPwD) की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जो अनुबंधित संगठनों को दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने हेतु भुगतान करती है।
इस योजना के तहत मुफ्त कोचिंग के लिए कौन पात्र है?
कम से कम 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता वाला, दिव्यांगता प्रमाणपत्र या UDID कार्ड धारक विद्यार्थी, जिसकी सभी स्रोतों से कुल पारिवारिक आय सालाना Rs 8 लाख से अधिक नहीं है, पात्र है। विद्यार्थी को चुने गए कोर्स के लिए आवश्यक अनुसार कक्षा XII पास या अध्ययनरत होना चाहिए।
इस योजना के तहत एक विद्यार्थी को क्या मिलता है?
चयनित विद्यार्थी को मुफ्त कोचिंग मिलती है जिसकी फीस सरकार संगठन को भुगतान करती है, साथ में मासिक स्टाइपेंड — आमतौर पर स्थानीय विद्यार्थियों के लिए Rs 2,500 और बाहरी विद्यार्थियों के लिए Rs 5,000 — और योजना दिशानिर्देशों में तय लगभग Rs 2,000 का दिव्यांगता भत्ता मिलता है।
कोचिंग किन परीक्षाओं को कवर करती है?
कोचिंग केंद्रीय और राज्य सिविल सेवा, बैंकिंग, स्टाफ सिलेक्शन, रेलवे और पेशेवर व तकनीकी प्रवेश परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी को कवर करती है, यह उन कोर्सों पर निर्भर करता है जिन्हें अनुबंधित संगठन चलाने के लिए स्वीकृत है।
कोई विद्यार्थी कैसे आवेदन करता है?
विद्यार्थी सीधे मंत्रालय को आवेदन करने के बजाय, इस योजना के तहत अनुबंधित किसी संगठन के माध्यम से नामांकन करते हैं। DEPwD संगठनों को आमंत्रित और अनुबंधित करता है, जो फिर पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रवेश देते हैं और विभाग से कोचिंग लागत व स्टाइपेंड का दावा करते हैं।
इस योजना के लिए कौन पात्र नहीं है?
40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले विद्यार्थी, जिनकी पारिवारिक आय सालाना Rs 8 लाख से अधिक है, और जिन्होंने इस योजना के तहत उसी उद्देश्य के लिए पहले ही मुफ्त कोचिंग लाभ ले लिया है, वे पात्र नहीं हैं। व्यक्ति सीधे नकद का दावा नहीं कर सकते — लाभ किसी अनुबंधित संगठन के माध्यम से मिलता है।
क्या संगठन कोचिंग चलाने के लिए फंडिंग पा सकते हैं?
हां। स्वैच्छिक और अन्य पात्र संगठन योजना दिशानिर्देशों के तहत DEPwD में अनुबंधन के लिए आवेदन कर सकते हैं और स्वीकृति मिलने पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग बैच चलाने हेतु अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
स्टाइपेंड की किस्त कब आएगी?
स्टाइपेंड और भत्ता आमतौर पर हर महीने अनुबंधित संगठन के माध्यम से विद्यार्थी के बैंक खाते में जमा किया जाता है, लेकिन सटीक तारीख उस संगठन के भुगतान चक्र पर निर्भर करती है। सही जानकारी के लिए अपने संगठन से संपर्क करें।
कोचिंग बैच की स्थिति (status) कैसे चेक करें?
depwd.gov.in पर या राष्ट्रीय दिव्यांगजन संस्थानों की वेबसाइटों पर अनुबंधित संगठनों की सूची और उनके बैचों की जानकारी देखें, या अपने नामांकन की स्थिति के लिए सीधे संगठन से संपर्क करें।
divyang free coaching scheme ke liye apply kaise kare?
DEPwD या दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय संस्थान की वेबसाइट पर अनुबंधित संगठनों की सूची देखें, अपनी 40% दिव्यांगता, UDID कार्ड और Rs 8 लाख तक आय की पात्रता पुष्टि करें, फिर संगठन को दस्तावेज़ जमा करके नामांकन करें। विद्यार्थी सीधे मंत्रालय को आवेदन नहीं करते।
is scheme ka form kaise bhare?
फॉर्म संगठन के स्तर पर भरा जाता है, सीधे DEPwD पोर्टल पर नहीं। अपने अनुबंधित कोचिंग संगठन से संपर्क कर आवेदन फॉर्म लें, दिव्यांगता प्रमाणपत्र/UDID, आय प्रमाणपत्र, कक्षा XII मार्कशीट, आधार और बैंक विवरण के साथ जमा करें।
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