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इंस्पायर अवार्ड्स – मानक (MANAK)

संक्षिप्त जानकारी

इंस्पायर अवार्ड्स मानक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक योजना है, जो कक्षा 6 से 10 तक के हर शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यार्थी को अपने मौलिक विचार का कार्यशील मॉडल या प्रोटोटाइप बनाने के लिए Rs 10,000 देती है। स्कूल inspireawards-dst.gov.in पर ऑनलाइन अधिकतम पांच विचार नामांकित करते हैं; इसमें कोई शुल्क नहीं लगता।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: 0120-2400083, 096384-18605
Benefit
हर शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यार्थी को मॉडल या प्रोटोटाइप बनाने के लिए Rs 10,000, साथ ही जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां
Maximum benefit
Rs 10,000 per selected student idea
How to apply
Online through the school (E-MIAS portal)
Helpline
0120-2400083, 096384-18605

इंस्पायर अवार्ड्स – मानक (MANAK) क्या है?

इंस्पायर अवार्ड्स – मानक (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन्स एंड नॉलेज) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की एक योजना है। इंस्पायर अवार्ड्स मानक DST द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन – इंडिया (NIF) के साथ मिलकर क्रियान्वित की जाती है, और इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की संस्कृति बनाना है।

इंस्पायर अवार्ड्स पोर्टल के अनुसार, यह योजना हर साल देश भर के विद्यार्थियों से विज्ञान में निहित दस लाख मौलिक विचार और नवाचार को लक्षित करती है। हर भाग लेने वाला स्कूल अपने सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी विचार ऑनलाइन जमा करता है, एक राष्ट्रीय पैनल उन्हें शॉर्टलिस्ट करता है, और हर शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यार्थी को उस विचार को कार्यशील मॉडल या प्रोटोटाइप में बदलने के लिए Rs 10,000 मिलते हैं।

मुख्य विशेषताएं

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित: स्कूलों या विद्यार्थियों के लिए कोई लागत नहीं।
  • मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 10 के विद्यार्थियों के लिए खुली है।
  • Rs 10,000 की पुरस्कार राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
  • चार-चरणीय प्रतियोगिता के इर्द-गिर्द बनी है: स्कूल नामांकन, फिर जिला, राज्य और राष्ट्रीय प्रदर्शनियां।

इंस्पायर अवार्ड्स मानक के लिए कौन पात्र है?

भाग ले सकने वाले विद्यार्थी:

  • कक्षा 6 से 10 में पढ़ने वाले, आम तौर पर 10 से 15 वर्ष की आयु के विद्यार्थी।
  • किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल — सरकारी, सरकारी-सहायता प्राप्त या निजी, वैध UDISE कोड के साथ — में नामांकित।
  • विचार या नवाचार विद्यार्थी का अपना मौलिक विचार होना चाहिए, जो विज्ञान में निहित हो और किसी रोज़मर्रा या सामाजिक समस्या को हल करता हो।

कौन सीधे आवेदन नहीं कर सकता:

  • कोई विद्यार्थी स्वयं आवेदन नहीं कर सकता। नामांकन स्कूल द्वारा इंस्पायर अवार्ड्स पोर्टल के माध्यम से किया जाता है, इसलिए कोई व्यक्तिगत विद्यार्थी या अभिभावक स्वयं-नामांकन नहीं कर सकता।
  • कक्षा 6 से 10 की सीमा से बाहर के विद्यार्थी मुख्य पुरस्कार में शामिल नहीं हैं (DST पोर्टल कक्षा 12 तक की व्यापक गतिविधि का उल्लेख करता है, लेकिन Rs 10,000 पुरस्कार प्रक्रिया कक्षा 6 से 10 के इर्द-गिर्द बनी है)।
  • मौजूदा उत्पादों, पाठ्यपुस्तकों या इंटरनेट से नकल किए गए विचार पात्र नहीं हैं; यह योजना मौलिक विचारों के लिए है।

हर स्कूल एक चक्र में अपने सर्वश्रेष्ठ मौलिक विचारों में से अधिकतम पांच को नामांकित कर सकता है। चूंकि स्कूल ही द्वारपाल है, विद्यार्थी का पहला कदम विज्ञान शिक्षक या स्कूल प्रमुख को अपना विचार दर्ज कराने के लिए राज़ी करना है।

इंस्पायर अवार्ड्स मानक के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?

दस्तावेज़ अनिवार्य टिप्पणी
विद्यार्थी का बचत बैंक खाता हां Rs 10,000 पुरस्कार सीधे विद्यार्थी के खाते में भुगतान किया जाता है
स्कूल विवरण और UDISE कोड हां स्कूल पोर्टल पर पंजीकरण और नामांकन करता है
विचार या नवाचार का लेखा हां मौलिक विचार का संक्षिप्त विवरण
विद्यार्थी का आधार कार्ड नहीं राज्य प्राधिकरण की आवश्यकता अनुसार पहचान और बैंक-सीडिंग के लिए

इंस्पायर अवार्ड्स मानक के लिए आवेदन कैसे करें (MANAK apply kaise kare)

  1. स्कूल पंजीकरण करता है इंस्पायर अवार्ड्स पोर्टल inspireawards-dst.gov.in (E-MIAS प्रणाली) पर अपने UDISE कोड और प्राधिकृत लॉगिन का उपयोग करके।
  2. विद्यार्थी अपने मौलिक विचार अपने विज्ञान शिक्षक या स्कूल प्रमुख के साथ साझा करते हैं, जो सर्वश्रेष्ठ विचारों का चयन करते हैं।
  3. स्कूल खुली नामांकन विंडो के दौरान अधिकतम पांच विद्यार्थी विचार ऑनलाइन अपलोड करता है (पोर्टल दिखाता है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए नामांकन कब खुले हैं)।
  4. एक राष्ट्रीय पैनल विचारों की जांच करता है; शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यार्थियों को स्कूल के माध्यम से सूचित किया जाता है, और हर चयनित विद्यार्थी के बैंक खाते में Rs 10,000 मॉडल या प्रोटोटाइप बनाने के लिए ट्रांसफर किए जाते हैं।
  5. विजेता अपने मॉडल जिला-स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (DLEPC) में प्रस्तुत करते हैं। चयनित विद्यार्थी राज्य-स्तर (SLEPC) और फिर राष्ट्रीय-स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC) में आगे बढ़ते हैं।

चूंकि नामांकन स्कूल-संचालित है, विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्वयं पोर्टल पर पंजीकरण करने की कोशिश करने के बजाय अपना विचार स्कूल के सामने रखना चाहिए।

जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर क्या होता है?

इंस्पायर अवार्ड्स मानक केवल एक नकद पुरस्कार नहीं है। Rs 10,000 पाने और मॉडल बनाने के बाद, विद्यार्थी एक स्तरीय प्रदर्शनी में प्रतिस्पर्धा करते हैं:

  • जिला स्तर (DLEPC): जिले के सभी विजेता अपने मॉडल प्रदर्शित करते हैं। सर्वश्रेष्ठ आगे बढ़ते हैं।
  • राज्य स्तर (SLEPC): जिला विजेता प्रतिस्पर्धा करते हैं; चयनित विद्यार्थी फिर आगे बढ़ते हैं।
  • राष्ट्रीय स्तर (NLEPC): हर राज्य से सबसे मजबूत नवाचार प्रदर्शित किए जाते हैं। शीर्ष राष्ट्रीय इनोवेटर्स को मार्गदर्शन, प्रदर्शन का अवसर, और जहां प्रासंगिक हो, प्रोटोटाइपिंग व बौद्धिक-संपदा संरक्षण के लिए सहायता मिलती है।

यह सीढ़ी इस तरह डिज़ाइन की गई है कि किसी छोटे स्कूल का एक अच्छा विचार राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सके।

सहायता और संपर्क

  • इंस्पायर अवार्ड्स हेल्पलाइन: 0120-2400083 या 096384-18605, सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक।
  • ईमेल: inspire@nifindia.org
  • पोर्टल: inspireawards-dst.gov.in, पंजीकरण, नामांकन स्थिति और दिशानिर्देशों के लिए।

हर चरण में भागीदारी मुफ्त है। किसी भी स्कूल या विद्यार्थी को नामांकित होने या Rs 10,000 पुरस्कार पाने के लिए किसी एजेंट को भुगतान नहीं करना चाहिए, जो केवल प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण के जरिए दिया जाता है।

आवश्यक दस्तावेज़

Student's savings bank account details
The Rs 10,000 award is transferred directly to the student's own account; a guardian-operated minor account is used where needed.
Aadhaar card of the studentoptional
Used for identity and bank-seeding; requirements are set by the state education authority.
School details and UDISE code
The school registers on the portal and nominates ideas; a private student cannot self-nominate.
Idea or innovation write-up
A short description of the original idea or innovation the student wants to develop.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंस्पायर अवार्ड्स मानक के तहत विद्यार्थी को कितनी राशि मिलती है?

हर शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यार्थी को अपने विचार का मॉडल या प्रोटोटाइप बनाने के लिए बैंक खाते में Rs 10,000 ट्रांसफर किए जाते हैं। यह राशि सामग्री और कार्यशील मॉडल बनाने के लिए होती है, जिसे विद्यार्थी फिर जिला-स्तरीय प्रदर्शनी व परियोजना प्रतियोगिता में प्रस्तुत करता है।

इंस्पायर अवार्ड्स मानक में कौन भाग ले सकता है?

कक्षा 6 से 10 (लगभग 10 से 15 वर्ष की आयु) में पढ़ने वाले विद्यार्थी किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल — सरकारी, सहायता प्राप्त या निजी — में भाग ले सकते हैं। इंस्पायर अवार्ड्स पोर्टल के अनुसार, नामांकन स्कूल द्वारा जमा किया जाता है, विद्यार्थी द्वारा सीधे नहीं।

स्कूल विद्यार्थियों को कैसे नामांकित करता है?

एक स्कूल इंस्पायर अवार्ड्स पोर्टल (E-MIAS) पर पंजीकरण करता है और अपने सर्वश्रेष्ठ मौलिक विद्यार्थी विचारों में से अधिकतम पांच ऑनलाइन जमा करता है। व्यक्तिगत विद्यार्थी और अभिभावक स्वयं विचार अपलोड नहीं कर सकते; नामांकन स्कूल के UDISE कोड के साथ ही आना चाहिए।

Rs 10,000 पुरस्कार के बाद के चरण क्या हैं?

अपना मॉडल बनाने के बाद, विजेता जिला-स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (DLEPC) में प्रतिस्पर्धा करते हैं। चयनित विद्यार्थी राज्य-स्तर (SLEPC) और फिर राष्ट्रीय-स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC) में आगे बढ़ते हैं। शीर्ष राष्ट्रीय इनोवेटर्स को पेटेंट कराने और आगे विकास की दिशा में मार्गदर्शन व सहायता मिलती है।

क्या इंस्पायर अवार्ड्स मानक के लिए आवेदन का कोई शुल्क है?

नहीं। नामांकन और भागीदारी मुफ्त हैं। यह योजना पूरी तरह से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्तपोषित है, और किसी भी स्कूल या विद्यार्थी से विचार जमा करने या Rs 10,000 का पुरस्कार पाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

इंस्पायर अवार्ड्स मानक किस विभाग द्वारा चलाई जाती है?

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, यह योजना चलाता है। इसे DST की स्वायत्त संस्था नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन – इंडिया (NIF) के साथ मिलकर क्रियान्वित किया जाता है।

मानक (MANAK) का पूरा नाम क्या है?

मानक का अर्थ है मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन्स एंड नॉलेज। यह हर वर्ष स्कूली विद्यार्थियों से दस लाख मौलिक विचार और नवाचार जुटाने के लक्ष्य को दर्शाता है।

वर्ष 2026-27 के लिए नामांकन कब तक खुले हैं?

आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान चक्र की कोई निश्चित अंतिम तिथि प्रकाशित नहीं है। सही स्थिति और खुली विंडो जानने के लिए inspireawards-dst.gov.in पर अपने स्कूल के लॉगिन से जांचें, या स्कूल के विज्ञान शिक्षक से संपर्क करें।

इंस्पायर अवार्ड्स मानक के लिए आवेदन कैसे करें?

1) स्कूल inspireawards-dst.gov.in (E-MIAS) पर UDISE कोड से पंजीकरण करता है। 2) विद्यार्थी अपने विज्ञान शिक्षक के साथ मौलिक विचार साझा करते हैं। 3) स्कूल अधिकतम पांच विचार ऑनलाइन अपलोड करता है। 4) राष्ट्रीय पैनल स्क्रीनिंग करता है और चयनित विद्यार्थियों को Rs 10,000 ट्रांसफर किया जाता है। 5) विजेता जिला-स्तरीय प्रदर्शनी में अपने मॉडल प्रस्तुत करते हैं।

नामांकन की स्थिति कैसे देखें?

स्कूल inspireawards-dst.gov.in पर अपने पंजीकृत लॉगिन से नामांकन की स्थिति देख सकता है। किसी भी शंका के लिए inspire@nifindia.org पर ईमेल करें या हेल्पलाइन 0120-2400083 पर संपर्क करें।

MANAK ka nomination status kaise check kare?

स्कूल inspireawards-dst.gov.in पर अपने पंजीकृत लॉगिन से नामांकन की स्थिति देख सकता है। किसी भी शंका के लिए inspire@nifindia.org पर ईमेल करें या हेल्पलाइन 0120-2400083 पर संपर्क करें।

MANAK ke liye school registration kaise kare?

स्कूल को inspireawards-dst.gov.in पोर्टल (E-MIAS) पर पंजीकरण कर अपने सर्वश्रेष्ठ मौलिक विद्यार्थी विचारों में से अधिकतम पांच ऑनलाइन जमा करने होते हैं। व्यक्तिगत विद्यार्थी या अभिभावक सीधे नामांकन नहीं कर सकते।

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लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026