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स्नातक स्तर पर विज्ञान शिक्षा एवं प्रशिक्षण को मजबूत करने हेतु स्टार कॉलेज योजना

संक्षिप्त जानकारी

स्टार कॉलेज योजना जैव प्रौद्योगिकी विभाग का एक कार्यक्रम है जो हाथों-हाथ लैब शिक्षण को मजबूत करने के लिए स्नातक विज्ञान कॉलेजों को फंड देता है। चयनित कॉलेजों को प्रति विज्ञान विभाग एकमुश्त Rs 10 लाख का अनुदान मिलता है, साथ ही तीन वर्ष तक प्रति विभाग प्रति वर्ष Rs 3 लाख आवर्ती अनुदान भी मिलता है। सरकारी और सरकारी-सहायता प्राप्त कॉलेज DBT eProMIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं।

आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗ हेल्पलाइन: Not published; contact HRD Division, Department of Biotechnology
Benefit
प्रति विज्ञान विभाग एकमुश्त Rs 10 लाख, साथ ही तीन वर्ष तक प्रति विभाग प्रति वर्ष Rs 3 लाख
Maximum benefit
Rs 10 lakh non-recurring per science department (plus recurring and contingency grants)
How to apply
Online (DBT eProMIS portal) with signed hard copy to DBT
Helpline
Not published; contact HRD Division, Department of Biotechnology

स्टार कॉलेज योजना क्या है?

स्नातक स्तर पर विज्ञान शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत करने हेतु स्टार कॉलेज योजना, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) का एक कार्यक्रम है। DBT के अनुसार, यह योजना स्नातक (कॉलेज) स्तर पर विज्ञान विषयों में आलोचनात्मक सोच और हाथों-हाथ प्रायोगिक कार्य को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई है, ताकि अधिक छात्र विज्ञान में उच्च शिक्षा और शोध की ओर आगे बढ़ें।

DBT उत्कृष्टता की महत्वाकांक्षा और क्षमता रखने वाले कॉलेजों की पहचान करता है और उन्हें शैक्षणिक व भौतिक बुनियादी ढांचे के साथ सहायता देता है। स्टार कॉलेज योजना एक अखिल भारतीय योजना है जो देश के हर जिले में एक स्टार कॉलेज की कल्पना करती है। DBT ने देश भर में 200 से अधिक स्नातक कॉलेजों को सहायता दी है, और फंडिंग के अलावा, कॉलेजों को मेंटरिंग, सलाहकार समिति की बैठकों, टास्क फोर्स बैठकों और सहकर्मी शिक्षण से लाभ मिलता है।

यह कॉलेजों को दिया जाने वाला संस्थागत अनुदान है, न कि छात्रों के लिए छात्रवृत्ति। छात्रों को बेहतर प्रयोगशालाओं, अधिक प्रैक्टिकल, लघु शोध परियोजनाओं और फैकल्टी प्रशिक्षण के माध्यम से अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

स्टार कॉलेज योजना कितनी राशि प्रदान करती है?

योजना के विवरण के अनुसार, एक चयनित कॉलेज को मिलता है:

  • प्रति विज्ञान विभाग एकमुश्त, गैर-आवर्ती Rs 10 लाख का अनुदान।
  • संतोषजनक वार्षिक समीक्षा के अधीन तीन वर्ष तक प्रति विज्ञान विभाग प्रति वर्ष Rs 3 लाख का आवर्ती अनुदान।
  • आकस्मिक मद के तहत Rs 1 लाख प्रति वर्ष।
  • प्रति कॉलेज Rs 1 लाख, Rs 2 लाख और Rs 3 लाख के अलग मेंटरिंग और मॉनिटरिंग अनुदान।

यह योजना स्नातक विज्ञान प्रैक्टिकल के लिए नियमित उपकरणों की कई प्रतियां Rs 1 लाख की सीमा के भीतर खरीदने को प्रोत्साहित करती है; Rs 1 लाख से अधिक और Rs 3 लाख तक की कीमत वाले उपकरणों के लिए DBT की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है।

फंड का उपयोग छात्र प्रशिक्षण (प्रैक्टिकल, चार छात्रों तक के समूहों के लिए लघु परियोजनाएं, समर रिसर्च, उद्योग और लैब विज़िट, कक्षाओं व पुस्तकालयों में IT, प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के व्याख्यान) और फैकल्टी (फैकल्टी सुधार कार्यक्रम, समर स्किल-अपग्रेडेशन कोर्स, हाथों-हाथ लैब कार्य की ओर पाठ्यक्रम परिवर्तन, और छात्रों द्वारा आंतरिक समीक्षा) के लिए होता है।

स्टार कॉलेज योजना के लिए कौन पात्र है?

एक कॉलेज आवेदन कर सकता है यदि:

  • यह यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(f) और 12(B) के तहत मान्यता प्राप्त सरकारी या सरकारी-सहायता प्राप्त कॉलेज है, स्वायत्त कॉलेजों सहित।
  • यह मूल विज्ञान (जैसे बॉटनी, ज़ूलॉजी, अनुप्रयुक्त जीव विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी, फिज़ियोलॉजी/बायोकेमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी) में न्यूनतम 4-5 स्नातक पाठ्यक्रम और 1-2 अनुप्रयुक्त या PG डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
  • हर विज्ञान विभाग में इसके पास पर्याप्त इन-हाउस फैकल्टी है।
  • प्रैक्टिकल के लिए इसके पास स्वतंत्र प्रयोगशालाएं और स्वीकृत छात्र संख्या के अनुरूप व्याख्यान कक्ष हैं।
  • इसके पास बुनियादी प्रयोगशाला और पुस्तकालय सुविधाएं, LCD/ओवरहेड प्रोजेक्शन, और इंटरनेट के साथ कंप्यूटर हैं।

कौन आवेदन नहीं कर सकता:

  • व्यक्तिगत छात्र व्यक्तिगत लाभ के लिए आवेदन नहीं कर सकते — अनुदान कॉलेज को जाता है।
  • 2(f)/12(B) मान्यता के बिना निजी गैर-सहायता प्राप्त कॉलेज पात्रता की शर्त पूरी नहीं करते।
  • सहायता के एक चरण के बाद बंद हुआ कॉलेज दो साल की कूलिंग अवधि बीतने तक फिर से आवेदन नहीं कर सकता।

पहले अनुशंसित न किया गया कॉलेज उपयुक्त बदलावों के साथ फिर से आवेदन कर सकता है। पहले से सहायता प्राप्त कॉलेज चल रही सहायता का एक तीन-वर्षीय चक्र पूरा करने के बाद ही अतिरिक्त विभाग के लिए आवेदन कर सकता है।

किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता है?

दस्तावेज़ अनिवार्य नोट्स
2(f) व 12(B) प्रमाण पत्र हां यूजीसी अधिनियम 1956 के तहत मान्य प्रमाण पत्र
ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र नहीं केवल ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों के लिए, निर्धारित प्रारूप में
निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव हां eProMIS के जरिए ऑनलाइन जमा किया गया, DBT को हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी के साथ

स्टार कॉलेज योजना के लिए आवेदन कैसे करें (Star College Scheme apply kaise kare)

स्टार कॉलेज योजना DBT eProMIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन का उपयोग करती है, इसके बाद एक हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी। इसमें कोई व्यक्तिगत नागरिक आवेदन नहीं है।

  1. कॉल का इंतज़ार करें। DBT की वेबसाइट पर विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। कुलपति भी कॉलेजों को नामांकित कर सकते हैं, और DBT संभावित कॉलेजों से सीधे पत्राचार करता है।
  2. eProMIS पर ऑनलाइन आवेदन करें। DBT eProMIS पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव जमा करें (सटीक लिंक और प्रारूप के लिए विज्ञापन देखें)।
  3. हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी भेजें। eProMIS प्रस्ताव की उचित रूप से हस्ताक्षरित और स्टाम्प लगी हार्ड कॉपी इस पते पर भेजें: Dr. Garima Gupta, Scientist 'E', Star College Scheme, HRD Division, Department of Biotechnology, Ministry of Science and Technology, Block-3, 5th Floor, CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi–110003.
  4. जांच और साइट विजिट। टास्क फोर्स आवेदनों की जांच करती है, क्षेत्रीय आवश्यकताओं, महिला कॉलेजों और स्वायत्त कॉलेजों को ध्यान में रखते हुए; जरूरत पड़ने पर साइट विजिट की जाती है, और टास्क फोर्स का निर्णय अंतिम होता है।

प्रगति कैसे मापी जाती है?

DBT स्टार कॉलेज की प्रगति को छात्रों द्वारा हाथों-हाथ प्रायोगिक कार्य में उल्लेखनीय वृद्धि, प्रयोगशाला व बायोइन्फॉर्मेटिक्स बुनियादी ढांचे तक बेहतर छात्र पहुंच, विज्ञान पत्रिकाओं तक बेहतर पहुंच, समर स्कूल, स्नातकोत्तर विज्ञान शिक्षा में जाने वाले छात्रों का प्रतिशत, और छात्रों, फैकल्टी व नियोक्ताओं से मिली प्रतिक्रिया जैसे मापदंडों से मापता है। सहायता प्राप्त कॉलेज वार्षिक समीक्षाएं जमा करते हैं, और आवर्ती अनुदान केवल संतोषजनक प्रदर्शन पर ही जारी रहता है।

सहायता और कहां आवेदन करें

यह योजना HRD डिवीजन, जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रशासित है, और आवेदन DBT की वेबसाइट (dbtindia.gov.in) पर विज्ञापित DBT eProMIS पोर्टल के माध्यम से होते हैं। DBT ने स्टार कॉलेज योजना के लिए कोई समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन प्रकाशित नहीं की है; प्रश्नों को ऊपर दिए गए नई दिल्ली पते पर HRD डिवीजन को वर्तमान आवेदन कॉल में दिए गए विवरण के माध्यम से भेजा जाना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़

2(f) & 12(B) certificate
Valid certificate under Section 2(f) and 12(B) of the UGC Act 1956.
Rural area certificateoptional
Required only for applicants from rural areas, in the prescribed format.
Proposal in prescribed format
Submitted online via eProMIS; a signed and stamped hard copy is sent to DBT.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्टार कॉलेज योजना कितनी राशि प्रदान करती है?

एक चयनित कॉलेज को प्रति विज्ञान विभाग एकमुश्त, गैर-आवर्ती Rs 10 लाख का अनुदान मिलता है, साथ ही तीन वर्ष तक (संतोषजनक वार्षिक समीक्षा के अधीन) प्रति विज्ञान विभाग प्रति वर्ष Rs 3 लाख का आवर्ती अनुदान, आकस्मिक मद के तहत Rs 1 लाख प्रति वर्ष, और प्रति कॉलेज अलग मेंटरिंग व मॉनिटरिंग अनुदान Rs 1 लाख, Rs 2 लाख और Rs 3 लाख का मिलता है।

स्टार कॉलेज योजना के लिए कौन से कॉलेज पात्र हैं?

यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(f) और 12(B) के तहत मान्यता प्राप्त सरकारी या सरकारी-सहायता प्राप्त कॉलेज — स्वायत्त कॉलेजों सहित — पात्र हैं। किसी कॉलेज में पर्याप्त इन-हाउस फैकल्टी, स्वतंत्र प्रैक्टिकल लैब और बुनियादी पुस्तकालय व कंप्यूटिंग सुविधाओं के साथ मूल विज्ञान में 4-5 स्नातक पाठ्यक्रम होने चाहिए।

क्या कोई व्यक्तिगत छात्र स्टार कॉलेज योजना के लिए आवेदन कर सकता है?

नहीं। छात्र व्यक्तिगत लाभ के लिए आवेदन नहीं कर सकते। स्टार कॉलेज योजना एक संस्थागत अनुदान है जो कॉलेज को दिया जाता है, जो फिर प्रयोगशालाओं, प्रैक्टिकल, फैकल्टी प्रशिक्षण और छात्र परियोजनाओं में सुधार करता है। छात्रों को प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण के बजाय बेहतर हाथों-हाथ प्रशिक्षण के माध्यम से अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

कॉलेज कैसे आवेदन करता है?

जब DBT की वेबसाइट पर कॉल विज्ञापित होता है तो कॉलेज DBT eProMIS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करता है, फिर हस्ताक्षरित और स्टाम्प लगे प्रस्ताव की हार्ड कॉपी स्टार कॉलेज योजना, HRD डिवीजन, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली को भेजता है। आवेदनों की जांच एक टास्क फोर्स करती है, जरूरत पड़ने पर साइट विजिट के साथ।

"स्टार स्टेटस" और "स्टार कॉलेज स्टेटस" में क्या अंतर है?

सहायता पहले विभाग स्तर पर दी जाती है; अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों वाला कॉलेज पूर्ण मान्यता की ओर बढ़ सकता है। योजना का अनुदान प्रति विज्ञान विभाग संरचित है, और पहले से सहायता प्राप्त कॉलेज एक तीन-वर्षीय चक्र पूरा करने के बाद ही किसी अतिरिक्त विभाग के लिए आवेदन कर सकता है।

क्या चयनित न होने पर कॉलेज फिर से आवेदन कर सकता है?

हां। जिस कॉलेज को सहायता के लिए अनुशंसित नहीं किया गया, वह उचित बदलावों के साथ DBT को फिर से आवेदन कर सकता है। सहायता के एक चरण के बाद बंद हुआ कॉलेज दो साल की कूलिंग अवधि के बाद ही फिर से आवेदन कर सकता है।

स्टार कॉलेज योजना किस विभाग द्वारा चलाई जाती है?

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) अपने मानव संसाधन विकास (HRD) डिवीजन के माध्यम से इस योजना को चलाता है। योजना का लक्ष्य देश के हर जिले में एक स्टार कॉलेज बनाना है।

स्टार कॉलेज योजना के तहत आवेदन की स्थिति कैसे देखें?

चूंकि आवेदन DBT eProMIS पोर्टल पर जमा किया जाता है, इसकी स्थिति उसी पोर्टल पर लॉगिन करके देखी जा सकती है। अपडेट के लिए संबंधित कॉल के विज्ञापन में दिए गए HRD डिवीजन के संपर्क विवरण पर भी संपर्क किया जा सकता है, क्योंकि कोई अलग टोल-फ्री हेल्पलाइन प्रकाशित नहीं है।

Star College Scheme ke liye online apply kaise kare?

जब DBT की वेबसाइट पर कॉल विज्ञापित होता है तो कॉलेज DBT eProMIS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करता है, फिर हस्ताक्षरित और स्टाम्प लगे प्रस्ताव की हार्ड कॉपी स्टार कॉलेज योजना, HRD डिवीजन, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली को भेजता है।

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लेखक: Aapt Dubey

समीक्षक: Rishu Dubey

अंतिम तथ्य-जांच: 1 अगस्त 2026